उत्तर प्रदेश सरकार न्यू नोएडा सिटी के लिए बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण करेगी. दादरी-नोएडा-गाजियाबाद स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGEIR) के तहत बन रहे नया नोएडा के लिए ये प्रक्रिया चल रही है. पहले चरण में 37 गांवों में जमीन अधिग्रहण की कवायद हो रही है. नोएडा अथॉरिटी ने 209 वर्ग किलोमीटर के न्यू नोएडा सिटी प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण तेज करने के लिए दो नए विशेष कार्याधिकारी भी तैनात किए गए हैं. इनमें से प्रत्येक की जिम्मेदारी लगभग 20 गांवों में जमीन अधिग्रहण की होगी. पहले चरण में 37 गांवों को शामिल किया गया है. इनमें गौतम बुद्ध नगर के 13 गांव और बुलंदशहर के 24 गांव शामिल हैं. इन गांवों की जमीन से जुड़ी जानकारी दस्तावेजों के आधार पर जुटाई जा रही है.
गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के 37 गांव
बुलंदशहर के गांवों में बिरोंडी फौलादपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवारा, काडू, बिरोंडी तेज़पुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, किशनपुर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगला बरोधा, नवादा, राजरामपुर, शाहपुर कलां, सेरपुर, राजपुर खुर्दरा, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, संवाली और सिकरा शामिल हैं. गौतम बुद्ध नगर के गांवों में आनंदपुर, गिरिराजपुर, कोट, मिल्क खंडेरा, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बिल अकबरपुर, चायसा, दया नगर, नगला कामरू, नगला नयन सुख, नेकरामुपर उर्फ विष्णुपुर, फूलपुर और सैंथली शामिल हैं.
4300 प्रति वर्ग मीटर का रेट
नोएडा अथॉरिटी ने न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण की दर 4300 प्रति वर्ग मीटर तय की है. प्रति एकड़ के हिसाब से ये 1.75 करोड़ रुपये का मुआवजा होगा. यह दर यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के लिए संशोधित दरों के बराबर ही रखी गई है.भूमि अधिग्रहण के बाद नोएडा अथॉरिटी पूरे इलाके में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, सीवेज नेटवर्क, बिजली आपूर्ति और पानी की पाइपलाइन विकसित करेगा. न्यू नोएडा की कुल जमीन का लगभग 40 फीसदी हिस्सा उद्योगों के लिए आवंटित किया गया है.

जमीनों के मालिकाना हक की जांच
लेखाकारों ने किसानों की आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण के लिए सर्वे का काम पहले ही शुरू कर दिया है. टीमें गांवों का दौरा कर रही हैं, ताकि राजस्व रिकॉर्ड को सत्यापित कराया जा सके. जमीन की मौजूदा मालिकाना हक, भूमि श्रेणी का आकलन किया जा सके. जमीन के रिकॉर्ड को तेज़ी से अपडेट करने के लिए खेती की स्थिति, मालिकाना हक के रिकॉर्ड और आबादी वाले इलाकों की जानकारी भी जुटाई जा रही है. प्राधिकरण के लेखपाल जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, मालिकाना हक और वरासत के दावों की जांच के लिए इन गांवों में जाकर ग्राउंड सर्वे करेंगे. अधिकारी जमीनों की सीमाओं, फसलों, मौजूदा निर्माण, सड़कों और अन्य परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी करेंगे.
न्यू नोएडा के मास्टर प्लान 2041 में चार चरणों में विकास
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 2041 के तहत कुल 209 वर्ग किलोमीटर में 84 गांव दायरे में है. स्मार्ट सिटी और इंडस्ट्रियल हब के लिए 18 अक्टूबर 2024 को नया नोएडा शहर को अधिसूचित किया गया था.नोएडा अथॉरिटी 4 अलग-अलग चरणों में इसे विकसित कर रहा है.
पहला फेज 2027 तक: 3165 हेक्टेयर
दूसरा फेज (2027 से 2032): 3798 हेक्टेयर
तीसरा फेज (2032 से 2037): 5908 हेक्टेयर
चौथा चरण (2037 से 2041): 8230 हेक्टेयर
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्शन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मात्र 32 किलोमीटर की दूरी पर न्यू नोएडा बस रहा है. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से सीधे जुड़ेगा. इससे दिल्ली NCR और हरियाणा के औद्योगिक शहरों के बीच लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
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