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पारा 40 पार, जल रही है छत तो हर क‍िसी को बनवाने चाह‍िए ऐसे मकान, ब‍िना कूलर-AC घर रहेगा एकदम ठंडा

How to Keep Your Home Cool in Extreme Heat: कई लोगों की शिकायत होती है कि उनका घर हमेशा गर्म ही रहता है. इससे उन्हें घर के अंदर घुटन और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अगर घर बनाते समय सही तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है.

पारा 40 पार, जल रही है छत तो हर क‍िसी को बनवाने चाह‍िए ऐसे मकान, ब‍िना कूलर-AC घर रहेगा एकदम ठंडा
भीषण गर्मी में भी घर रहेगा ठंडा, बस घर बनाते समय अपनाएं ये खास तकनीक

How to Keep Your Home Cool in Extreme Heat: भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है. हालात ऐसे हैं कि अब सिर्फ बाहर ही नहीं, घरों के अंदर भी लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. घरों के अंदर भी गर्मी इतनी बढ़ जाती है कि लोग हीट स्ट्रोक, घुटन और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करने लगते हैं. छत और दीवारें दिनभर गर्म होकर घर को भट्टी जैसा बना देती हैं. हालांकि, अगर घर बनाते वक्त सही तकनीक अपनाई जाए, तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है.

घर को ठंडा कैसे रखें?

अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि आपका घर गर्मियों में भी अंदर से ठंडा रहे, तो रैट ट्रैप मेसनरी (Rat Trap Masonry) तकनीक आपके काम आ सकती है. यह ऐसी निर्माण तकनीक है, जिससे घर के अंदर गर्मी कम महसूस हो सकती है और घर बनाने का खर्च भी कम आता है.

क्या है रैट ट्रैप मेसनरी तकनीक?

रैट ट्रैप मेसनरी ईंट लगाने का एक अलग तरीका है. आमतौर पर घर बनाते समय ईंटों को सीधा रखा जाता है, लेकिन इस तकनीक में ईंटों को खड़ा यानी वर्टिकल तरीके से लगाया जाता है. इससे दीवार के अंदर खाली जगह बनती है, जिसे एयर कैविटी कहा जाता है.

दीवार के अंदर बनी यह हवा की परत इंसुलेशन का काम करती है. आसान भाषा में समझें तो यह बाहर की गर्मी को सीधे घर के अंदर आने से रोकने में मदद करती है. यही वजह है कि इस तकनीक से बने घर सामान्य घरों के मुकाबले अंदर से ज्यादा ठंडे महसूस हो सकते हैं.

खर्च भी होता है कम

इस तकनीक की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम ईंट और कम सीमेंट-मोर्टार लगता है. इससे करीब 30 प्रतिशत तक निर्माण सामग्री की बचत हो सकती है. यानी घर बनाने का खर्च भी कम आता है. इसके अलावा एक्सपोज्ड ब्रिक फिनिश होने की वजह से कई बार प्लास्टर की जरूरत भी कम पड़ती है, जिससे घर सुंदर दिखता है.

इन बातों का रखें ध्यान
  • रैट ट्रैप मेसनरी तकनीक अपनाते समय अच्छी क्वालिटी की ईंटों का इस्तेमाल करना जरूरी है.
  • ईंटों का आकार एक जैसा होना चाहिए.
  • दीवार की पहली और आखिरी परत मजबूत बनाई जाती है.
  • खिड़की और दरवाजों के आसपास भी अतिरिक्त मजबूती दी जाती है.

अगर यह तकनीक सही तरीके से और अनुभवी मिस्त्री की मदद से अपनाई जाए, तो घर मजबूत, टिकाऊ, कम खर्च वाला और गर्मी से राहत देने वाला बन सकता है. बढ़ती गर्मी के समय में यह तकनीक लोगों के लिए एक अच्छा और समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकती है.

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