Banke Bihari Temple VIP Darshan New Rules 2026: प्रसिद्ध सिद्धपीठ ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन को लेकर प्रबंधन समिति ने बड़ा और अहम फैसला लिया है. इसके तहत दिवाली के बाद से मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. अब सेवायतों के यजमानों, अधिकारियों व विशिष्ट अतिथियों को दर्शन से पहले अपना पहचान पत्र (ID) देकर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, मंदिर के चढ़ावे में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जानिए नए नियमों, रेलिंग की व्यवस्था और ढाई महीने के भीतर मिले 5.37 करोड़ से अधिक के दान की पूरी रिपोर्ट.
वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने एक बड़ा निर्णय लिया है. शनिवार को आयोजित समिति की उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि दिवाली पर्व के बाद मंदिर में VIP दर्शन कराने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत अब सेवायतों के यजमान, अधिकारी और विशिष्ट अतिथि, जिन्हें मंदिर में VIP सुविधा दी जानी है, उन्हें अपना पहचान पत्र देकर पहले पंजीकरण कराना होगा.
पहचान पत्र से होगा रजिस्ट्रेशन
मंदिर में VIP दर्शन को लेकर सेवायतों और प्रबंधन समिति के बीच लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति को खत्म करते हुए यह नई गाइडलाइन बनाई गई है. इसके मुताबिक, सेवायतों के यजमान, उनके शिष्य, शासकीय अधिकारी व उनके परिजन और दूसरे ऐसे विशिष्ट लोग जिन्हें मंदिर में VIP प्रवेश दिया जाता है, वे सभी इस नियम के दायरे में आएंगे. सभी पात्र व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन उनके आधिकारिक पहचान पत्र के जरिए किया जाएगा. रजिस्ट्रेशन एक दिन पहले होगा या फिर दर्शन वाले दिन ही कराया जा सकेगा, इसकी विस्तृत गाइडलाइन और पूरी प्रक्रिया दीपावली के तुरंत बाद सार्वजनिक की जाएगी.
रेलिंग में सुधार का भरोसा
बैठक के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास की रेलिंग व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई. सेवायत सदस्यों ने समिति के सामने ये मुद्दा उठाया कि मौजूदा वक्त में मंदिर प्रांगण में कुल चार रेलिंग के जरिए श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं. इनमें से दो रेलिंग तो मुख्य विग्रह के पास तक पहुंचती हैं, जबकि दो रेलिंग आधे प्रांगण से ही बाहर निकास की ओर निकल जाती हैं, जिससे बहुत से श्रद्धालु प्रसाद व माला अर्पित करने से वंचित रह जाते हैं. प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने खुद स्थलीय निरीक्षण कर इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने का पूरा आश्वासन दिया है.
दर्शन का समय
सर्दी के मौसम में सुबह के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और संध्या दर्शन के लिए शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक खुलते हैं. दोपहर के समय मंदिर पूरी तरह बंद रहता है.
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चढ़ावे का टूटा रिकॉर्ड
ठाकुर बांकेबिहारी के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर की दान पेटियों से इस बार रिकॉर्ड चढ़ावा निकला है. समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पिछले ढाई महीने के दौरान मंदिर की कुल 28 दान पेटिकाएं खोली गईं, जिनमें 5.37 करोड़ रुपये से अधिक की दानराशि निकली है. उन्होंने बताया कि अभी 4 दान पात्रों को खोलना बाकी है. आमतौर पर इस दौरान 4 से साढ़े 4 करोड़ रुपये का औसत दान प्राप्त होता था, लेकिन इस बार कुल चढ़ावा 6 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की पूरी उम्मीद है.
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