बर्थ सर्टिफिकेट से पहले Aadhaar Card : पैदा होते ही बच्चे को मिल जाएगा आधार, जल्द होगा ये बदलाव

Aadhaar Card for Kids : बच्चों का जन्म के साथ आधार कार्ड बनाने के लिए अस्पतालों में जल्द ही एनरोलमेंट शुरू किए जाएंगे. सब कुछ अगर प्लानिंग के मुताबिक चला तो बर्थ सर्टिफिकेट से पहले बच्चे के पास उसका आधार कार्ड होगा.

बर्थ सर्टिफिकेट से पहले Aadhaar Card : पैदा होते ही बच्चे को मिल जाएगा आधार, जल्द होगा ये बदलाव

Aadhaar Card Updates : बाल आधार के बाद नवजात शिशुओं को तुरंत मिल सकता है आधार कार्ड.

नई दिल्ली:

बच्चे के पैदा होते ही सबसे पहले जो डॉक्यूमेंट बच्चे का बनाया जाता है वो होता है उसका बर्थ सर्टिफिकेट, लेकिन जल्द ही बर्थ सर्टिफिकेट से पहले बच्चे को उसका आधार कार्ड (Aadhaar Card for Kids) मिल जाएगा. जी हां सही पढ़ा अपने. बच्चे को उसके जन्म के साथ ही आधार नंबर मिल जाएगा. UIDAI  ने इसकी लगभग इसकी तैयारी कर ली है. बच्चों का जन्म के साथ आधार कार्ड बनाने के लिए अस्पतालों में जल्द ही एनरोलमेंट शुरू किए जाएंगे. सब कुछ अगर प्लानिंग के मुताबिक चला तो बर्थ सर्टिफिकेट से पहले बच्चे के पास उसका आधार कार्ड होगा. आपको बता दें कि बर्थ सर्टिफिकेट मिलने में लगभग 1 महीने का वक्त लग जाता है.

जन्म के साथ बच्चों को आधार से जोड़ने की तैयारी

इस योजना के तहत नवजात बच्चों को आधार नंबर देने के लिए बर्थ रजिस्ट्रार के साथ टाईअप करने की कोशिश की जा रही है. UIDAI के ताजा आंकड़ों के मूताबिक 99.7% वयस्क आबादी को आधार से जोड़ा जा चुका है. देश की 131 करोड़ आबादी को आधार के साथ एनरोल किया जा चुका है. अब बड़ों के बाद नवजात बच्चों का नामांकन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आपको बता दें कि हर साल 2 से ढाई करोड़ बच्चे भारत में जन्म लेते हैं. ऐसे में आधार में बच्चों को एनरोल करने का प्रोसेस शुरू होगा. जिसके बाद बच्चे के जन्म के साथ ही उनकी फोटो क्लिक करके उन्हें आधार सौंप दिया जाएगा.

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डिटेल्ड जानकारी पर होगा फोकस

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बड़ों का आधार कार्ड बनाने के लिए बायोमैट्रिक्स की मदद ली जाती है, लेकिन बच्चों के केस में 5 साल से कम उम्र के बच्चों का बायोमैट्रिक्स नहीं लिया जा सकता.इस स्थिति को मद्देनजर रखते हुए बच्चों के माता-पिता में से किसी एक के साथ बच्चे को जोड़ दिया जाएगा. 5 साल की उम्र पार करने के बाद फिर बच्चे का बायोमैट्रिक्स लिया जाएगा. UIDAI की कोशिश है कि पूरी आबादी को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाए. ऐसे में अगर सब कुछ प्लानिंग के मुताबिक चला तो न सिर्फ बड़े बल्कि पैदा होते ही बच्चों का आधार कार्ड भी उनके साथ होगा.