- असम सरकार ने नए साल पर 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन का ऐतिहासिक फैसला लिया है
- सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कर्मचारियों के कल्याण के लिए वेतन आयोग गठन की घोषणा की है
- वेतन आयोग के गठन से असम के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में अहम इजाफा होगा
8th Pay Commission Update: नए साल के मौके पर असम के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बड़ा ऐलान करते हुए असम को देश का पहला ऐसा राज्य बना दिया है, जिसने 8वें राज्य वेतन आयोग (8th State Pay Commission) के गठन का फैसला लिया है.
देश में सबसे आगे निकला असम
जहां एक तरफ केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हैं, वहीं असम सरकार ने बाजी मारते हुए राज्य स्तर पर इसके लिए पैनल बनाने की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला है.
सैलरी और पेंशन में होगा जोरदार इजाफा
इस आयोग के गठन के बाद राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों की सैलरी और रिटायर हो चुके लोगों की पेंशन में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. आमतौर पर वेतन आयोग हर 10 साल में एक बार गठित किया जाता है. पिछला वेतन आयोग (7वां) 2016 में लागू हुआ था, जिसके बाद से ही कर्मचारी 2026 से नए वेतनमान की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
केंद्र की क्या है तैयारी?
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को ही जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई की अध्यक्षता में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया था. केंद्र के इस पैनल को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.
कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
- फिटमेंट फैक्टर में सुधार से बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी.
- कर्मचारी यूनियनों को उम्मीद है कि संशोधित वेतन जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा.
असम सरकार के इस कदम के बाद अब अन्य राज्यों के सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि उनके राज्य भी जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएंगे.
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