मध्य एशिया में जारी युद्ध की वजह से दुनियाभर के स्टॉक मार्किट और व्यापार पर असर गहराता जा रहा है.अंतर्राष्ट्रीय तेल और गैस बाज़ार में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतें बढ़ती जा रही हैं, जिसकी वजह से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल से कुछ ऊपर तक पहुंच गई, जो जुलाई, 2024 के बाद पिछले 19 महीनों में सबसे ऊंची कीमत है.गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बात की.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर ट्वीट कर कहा कि आज अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बात की. हमने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और डायलॉग और डिप्लोमेसी की बढ़ती आवश्यकता पर चर्चा की. हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की दिशा में करीबी सहयोग और समन्वय प्रयास जारी रखेंगे.
इस बीच दिल्ली यात्रा पर आये अमेरिका के उपविदेशमंत्री क्रिस्टोफर लांडाउ ने रायसीना डायलॉग में गुरुवार को एक अहम बयान दिया.जब उनसे रायसीना डायलॉग में एक सम्बाद के दौरान पूछा गया कि मध्य एशिया में युद्ध कब तक ख़त्म हो सकता है. साथ ही क्रिस्टोफर लांडाउ ने कहा हमारे लिए मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध का इंडगेम एक ऐसा मध्य पूर्व है जो दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए खतरा नहीं है.
हमने ईरान को अपनी Red Line के बारे में समझाने की बहुत कोशिश की कि उसे परमाणु हथियार का विकास रोकना होगा. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर ईरान परमाणु उपकरण से दुनिया को ब्लैकमेल करने में सक्षम होता, तो दुनिया के लिए कितना ख़तरा होता? हमने ईरान से बातचीत के ज़रिये समझाने की बहुत कोशिश की. लेकिन हमने निष्कर्ष निकाला कि यह कोशिश काम नहीं करेगी.अमेरिकी उपविदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध की दिशा और दिशा क्या होगा इसको देखना होगा, लेकिन आख़िरकार ईरानी लोगों को यह तय करना होगा कि उनका नेतृत्व कौन करेगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं