8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) लगातार संगठनों से बातचीत कर रही है. वहीं कर्मचारियों और पेंशनर्स को आयोग के रिपोर्ट का इंतजार है कि क्या आयोग उनकी बातचीत कितनी मानती है. आयोग से बातचीत में केंद्रीय कर्मचारियों ने 39 साल पुराने कम्यूटेड पेंशन नियम को बदलने की मांग की जा रही है. कहा जा रहा है कम्यूटेड पेंशन नियम में 15 साल वाले नियम से पेंशनर्स को नुकसान हो रहा है. कम्यूटेड पेंशन में ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ रहा है.
क्या है कम्यूटेड पेंशन का नियम?
कम्यूटेड पेंशन कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम है जिसके तहत रिटायरमें के समय कर्मचारी अपनी बेसिक पेंशन का 40 फीसदी हिस्सा एकमुश्त ले सकता है. वहीं इस राशि के बदले अगले 15 सालों तक हर महीने पेंशन राशि से एक तय रकम काटी जाती है. यानी 15 साल बाद ही उन्हें पूरा पेंशन मिलना शुरू होता है.
15 साल वाले नियम को बदलने की मांग
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 39 साल पुराने इस 15 साल वाले नियम को घटाकर 11 से 12 साल किया जाए. क्योंकि 15 साल वाला नियम मौजूदा समय में बिलकुल फिट नहीं है. आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 39 साल से अब तक इसमें ब्याज दरों में लोगों की औसत उम्र और मृत्यु दर में बड़े बदलाव आ चुके हैं. ऐसे में रिकवरी समय को अपडेट करना बेहद जरूरी है.
इसके लेकर कैलकुलेशन बताया गया है उसमें कहा गया है कि अगर कोई 61 साल में पेंशन से हर महीने 100 रुपये कम्यूट करवाता है तो उसे साल में 1200 रुपये देने पड़ते हैं दो उसे 8.194 के कम्यूटेशन फैक्टर के तहत 9833 रुपये एकमुश्त मिलते हैं. लेकिन 10 साल में ही उसके पेंशन से 12000 रुपये वसूल लिये जाते हैं. जबकि 15 साल में 18000 रुपये. इसका मतलब है एकमुश्त राशि से दोगुनी राशि वसूली जाती है. जबकि 10 से 11 साल में राशि रिकवर हो जाती है.
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