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Sharad Sharma Blog

'Sharad Sharma Blog' - 21 News Result(s)
  • भगवंत मान ही क्यों बने पंजाब में AAP के CM उम्मीदवार?

    भगवंत मान ही क्यों बने पंजाब में AAP के CM उम्मीदवार?

    अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता की राय का हवाला देकर भगवंत मान को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए सबसे उपयुक्त बताया है लेकिन भगवंत मान रायशुमारी से पहले ही आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल की पहली पसंद बन गए थे. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे भगवंत मान आम आदमी पार्टी का पंजाब में मुख्यमंत्री चेहरा बने.

  • क्या राष्ट्रीय मोर्चे की तर्ज पर बनने जा रहा है राष्ट्रीय मंच? मोदी को मिलेगी साझा चुनौती?

    क्या राष्ट्रीय मोर्चे की तर्ज पर बनने जा रहा है राष्ट्रीय मंच? मोदी को मिलेगी साझा चुनौती?

    इनमें छह क्षेत्रीय दलों के ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री हैं. ममता बनर्जी को मिला कर सात हो जाते हैं. ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लेफ्ट पार्टियां भी साथ आ सकती हैं. यानी विपक्ष के शासन वाले 12 राज्यों को एक मंच पर लाने का प्रयास हो रहा है. इसमें प्रमुख भूमिका चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर निभा रहे हैं.

  • MSP की पाठशाला- किसानों की मांग और सरकार के प्रस्ताव का अंतर समझिए!

    MSP की पाठशाला- किसानों की मांग और सरकार के प्रस्ताव का अंतर समझिए!

    किसान कह रहे हैं कि मोदी जी हमको MSP की गारंटी दो, केंद्र की मोदी सरकार ने भी कह दिया है कि हम लिखित में MSP पर आश्वासन देने को तैयार हैं. अब अगर केंद्र सरकार कह रही है कि हम MSP पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हैं तो फिर समस्या क्या है?

  • अरविंद केजरीवाल और प्रशांत किशोर का हाथ मिलाना, नजर में दिल्ली; कहीं और है निशाना!

    अरविंद केजरीवाल और प्रशांत किशोर का हाथ मिलाना, नजर में दिल्ली; कहीं और है निशाना!

    दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और देश के मशहूर पेशेवर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाथ मिला लिया है. यानी दिल्ली चुनाव में प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार करेंगे. आम आदमी पार्टी की तरफ से बताया गया है कि प्रशांत किशोर वॉलिंटियर यानी स्वैच्छिक रूप से पार्टी का प्रचार करेंगे इसका सीधा मतलब यह है कि आम आदमी पार्टी/दिल्ली की केजरीवाल सरकार और प्रशांत किशोर में कोई आर्थिक डील नहीं हुई है.

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने की दोतरफ़ा किलाबंदी

    दिल्ली विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने की दोतरफ़ा किलाबंदी

    पांच महीने ऐसे कि मई के महीने में लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के एकदम अगले ही दिन आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी में जुट गई थी और उसने  'दिल्ली में तो केजरीवाल' कैंपेन शुरू कर दिया था. खास बात यह है कि पार्टी चुनावों के लिए दो तरफा किलाबंदी की है. एक है पार्टी स्तर की तो दूसरी सरकार स्तर की.

  • राफेल पर विपक्ष में ही पड़ी फूट

    राफेल पर विपक्ष में ही पड़ी फूट

    राफेल के मुद्दे पर विपक्ष में टूट खुलकर सामने आ गई है. अब तक कांग्रेस को इस मुद्दे पर किसी पार्टी का साथ नहीं मिल रहा था. अब राफेल सौदे पर पीएम नरेंद्र मोदी को एनसीपी अध्यक्ष और पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार की क्लीन चिट के बाद एनसीपी में ही टूट हो गई. पार्टी के संस्थापकों में से एक और वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने आज एनसीपी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे डाला.

  • बंदरों से निजात पाने का सबसे शानदार नुस्खा !

    बंदरों से निजात पाने का सबसे शानदार नुस्खा !

    को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृंदावन में बंदरों से निजात पाने का शानदार नुस्खा बताया. बंदरों के हमलों से बचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन वासियों को सुझाव दिया कि वे हनुमान जी की नियमित पूजा करें व हनुमान चालीसा का पाठ करें, जिससे बंदर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.

  • दिल्ली में केजरीवाल सरकार है!

    दिल्ली में केजरीवाल सरकार है!

    बेशक केजरीवाल इस लड़ाई को काफी हद तक जीतने के लिए बधाई के पात्र हैं लेकिन बधाई के सबसे बड़े पात्र दिल्ली के वो आम लोग हैं जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में वोट डालकर सरकार चुनी.

  • दिल्ली में पेड़ों की कटाई : आसमान में दावे, ज़मीन पर सच्चाई

    दिल्ली में पेड़ों की कटाई : आसमान में दावे, ज़मीन पर सच्चाई

    दिल्ली में बीते हफ़्ते पेड़ों की कटाई पर खूब चर्चा रही. हज़ारों पेड़ काटे जाने की ख़बर सुर्खियों में आई तो सरकार पर तोहमत आई. लिहाज़ा सरकार ने भी लंबे लंबे दावे करके ये बताने की कोशिश कि सब ठीक है, हल्ला मचाना गलत है. लेकिन सरकार के दावों और ज़मीनी हक़ीक़त में कितना अंतर होता है ये मैंने भी तब जाना जब सरकार के हवाई दावों की तह में गया.

  • ये शादियां कैसे होंगी!

    ये शादियां कैसे होंगी!

    आज दिल्ली से कुछ दूर बुलंदशहर ज़िले के गुलावठी कस्‍बे में बैंक ऑफ़ बड़ोदा की ब्रांच में गया. वहां मुकेश नाम की महिला मिली, जो अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से 2 लाख रुपये निकालने के लिए बैंक मैनेजर से संघर्ष कर रही थी. लेकिन बैंक मैनेजर बोल रही थी कि जिस किसी को आपने पैसे देने हैं उसका अकाउंट नंबर ले आइये, हम ट्रांसफर कर देंगे, लेकिन आपको नगद नहीं दे सकते.

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  • भगवंत मान ही क्यों बने पंजाब में AAP के CM उम्मीदवार?

    भगवंत मान ही क्यों बने पंजाब में AAP के CM उम्मीदवार?

    अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता की राय का हवाला देकर भगवंत मान को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए सबसे उपयुक्त बताया है लेकिन भगवंत मान रायशुमारी से पहले ही आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल की पहली पसंद बन गए थे. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे भगवंत मान आम आदमी पार्टी का पंजाब में मुख्यमंत्री चेहरा बने.

  • क्या राष्ट्रीय मोर्चे की तर्ज पर बनने जा रहा है राष्ट्रीय मंच? मोदी को मिलेगी साझा चुनौती?

    क्या राष्ट्रीय मोर्चे की तर्ज पर बनने जा रहा है राष्ट्रीय मंच? मोदी को मिलेगी साझा चुनौती?

    इनमें छह क्षेत्रीय दलों के ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री हैं. ममता बनर्जी को मिला कर सात हो जाते हैं. ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लेफ्ट पार्टियां भी साथ आ सकती हैं. यानी विपक्ष के शासन वाले 12 राज्यों को एक मंच पर लाने का प्रयास हो रहा है. इसमें प्रमुख भूमिका चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर निभा रहे हैं.

  • MSP की पाठशाला- किसानों की मांग और सरकार के प्रस्ताव का अंतर समझिए!

    MSP की पाठशाला- किसानों की मांग और सरकार के प्रस्ताव का अंतर समझिए!

    किसान कह रहे हैं कि मोदी जी हमको MSP की गारंटी दो, केंद्र की मोदी सरकार ने भी कह दिया है कि हम लिखित में MSP पर आश्वासन देने को तैयार हैं. अब अगर केंद्र सरकार कह रही है कि हम MSP पर लिखित आश्वासन देने को तैयार हैं तो फिर समस्या क्या है?

  • अरविंद केजरीवाल और प्रशांत किशोर का हाथ मिलाना, नजर में दिल्ली; कहीं और है निशाना!

    अरविंद केजरीवाल और प्रशांत किशोर का हाथ मिलाना, नजर में दिल्ली; कहीं और है निशाना!

    दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और देश के मशहूर पेशेवर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाथ मिला लिया है. यानी दिल्ली चुनाव में प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार करेंगे. आम आदमी पार्टी की तरफ से बताया गया है कि प्रशांत किशोर वॉलिंटियर यानी स्वैच्छिक रूप से पार्टी का प्रचार करेंगे इसका सीधा मतलब यह है कि आम आदमी पार्टी/दिल्ली की केजरीवाल सरकार और प्रशांत किशोर में कोई आर्थिक डील नहीं हुई है.

  • दिल्ली विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने की दोतरफ़ा किलाबंदी

    दिल्ली विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने की दोतरफ़ा किलाबंदी

    पांच महीने ऐसे कि मई के महीने में लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के एकदम अगले ही दिन आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी में जुट गई थी और उसने  'दिल्ली में तो केजरीवाल' कैंपेन शुरू कर दिया था. खास बात यह है कि पार्टी चुनावों के लिए दो तरफा किलाबंदी की है. एक है पार्टी स्तर की तो दूसरी सरकार स्तर की.

  • राफेल पर विपक्ष में ही पड़ी फूट

    राफेल पर विपक्ष में ही पड़ी फूट

    राफेल के मुद्दे पर विपक्ष में टूट खुलकर सामने आ गई है. अब तक कांग्रेस को इस मुद्दे पर किसी पार्टी का साथ नहीं मिल रहा था. अब राफेल सौदे पर पीएम नरेंद्र मोदी को एनसीपी अध्यक्ष और पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार की क्लीन चिट के बाद एनसीपी में ही टूट हो गई. पार्टी के संस्थापकों में से एक और वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने आज एनसीपी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे डाला.

  • बंदरों से निजात पाने का सबसे शानदार नुस्खा !

    बंदरों से निजात पाने का सबसे शानदार नुस्खा !

    को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृंदावन में बंदरों से निजात पाने का शानदार नुस्खा बताया. बंदरों के हमलों से बचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन वासियों को सुझाव दिया कि वे हनुमान जी की नियमित पूजा करें व हनुमान चालीसा का पाठ करें, जिससे बंदर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.

  • दिल्ली में केजरीवाल सरकार है!

    दिल्ली में केजरीवाल सरकार है!

    बेशक केजरीवाल इस लड़ाई को काफी हद तक जीतने के लिए बधाई के पात्र हैं लेकिन बधाई के सबसे बड़े पात्र दिल्ली के वो आम लोग हैं जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में वोट डालकर सरकार चुनी.

  • दिल्ली में पेड़ों की कटाई : आसमान में दावे, ज़मीन पर सच्चाई

    दिल्ली में पेड़ों की कटाई : आसमान में दावे, ज़मीन पर सच्चाई

    दिल्ली में बीते हफ़्ते पेड़ों की कटाई पर खूब चर्चा रही. हज़ारों पेड़ काटे जाने की ख़बर सुर्खियों में आई तो सरकार पर तोहमत आई. लिहाज़ा सरकार ने भी लंबे लंबे दावे करके ये बताने की कोशिश कि सब ठीक है, हल्ला मचाना गलत है. लेकिन सरकार के दावों और ज़मीनी हक़ीक़त में कितना अंतर होता है ये मैंने भी तब जाना जब सरकार के हवाई दावों की तह में गया.

  • ये शादियां कैसे होंगी!

    ये शादियां कैसे होंगी!

    आज दिल्ली से कुछ दूर बुलंदशहर ज़िले के गुलावठी कस्‍बे में बैंक ऑफ़ बड़ोदा की ब्रांच में गया. वहां मुकेश नाम की महिला मिली, जो अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से 2 लाख रुपये निकालने के लिए बैंक मैनेजर से संघर्ष कर रही थी. लेकिन बैंक मैनेजर बोल रही थी कि जिस किसी को आपने पैसे देने हैं उसका अकाउंट नंबर ले आइये, हम ट्रांसफर कर देंगे, लेकिन आपको नगद नहीं दे सकते.