AI .बनाने की होड़ बड़ी कंपनियों में लगी हुई है. लेकिन, इसके पावर कंट्रोल को लेकर भी गंभीर चर्चा हो रही है. कई टेक दिग्गज का मानना है कि इस की स्पीड को कंट्रोल करने की जरूरत है. अब इसमें माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ Satya Nadella का भी नाम जुड़ गया है. उन्होंने कहा है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमेशा इंसानी कंट्रोल में रहे. इसका फायदा सबको मिले और ये तकनीक कुछ ही टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के हाथों में सिमटकर न रह जाए.
X (पूर्व में ट्विटर) पर की गई एक पोस्ट में नडेला ने कहा कि सुपरइंटेलिजेंस को हासिल करने की पूरी कोशिश एक बुनियादी सिद्धांत पर टिकी होनी चाहिए, यदि AI मानवता की भलाई में काम नहीं आ रहा है और इंसानों के कंट्रोल से बाहर है, तो ऐसी तकनीक को बनाने का कोई मतलब नहीं है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब टेक जगत में ये बहस तेज हो गई है कि क्या एडवांस AI बनाने की दौड़ सुरक्षा उपायों से कहीं ज्यादा तेज भाग रही है.
AI से सबको होना चाहिए फायदा
Satya Nadella का तर्क है कि एडवांस AI का डेवलपमेंट ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे पहुंच या प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाए. उन्होंने AI को सुरक्षित बनाने के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि पूरी इंडस्ट्री को इसके फायदों को अलग-अलग देशों, समुदायों और कंपनियों तक तेजी से पहुंचाने की जरूरत है.
उन्होंने लिखा, "हमें AI के लाभों को इस तरह से बढ़ाना और फैलाना होगा कि वे व्यापक रूप से हर देश, समाज और छोटी-बड़ी कंपनियों तक पहुंच सकें." नडेला के अनुसार, इसके लिए एक ऐसे AI इकोसिस्टम की जरूरत है जहां क्लोज्ड और ओपन-सोर्स दोनों तरह के AI मॉडल्स फल-फूल सकें. इस अप्रोच से बिजनेस घरानों और यूजर्स को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और मुट्ठी भर शक्तिशाली AI डेवलपर्स पर उनकी निर्भरता कम होगी.
उनका यह बयान कुछ ही कंपनियों के हाथ में AI की पूरी क्षमता, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और फैसले लेने के अधिकारों के सिमट जाने की गंभीर चिंता को दर्शाता है. जैसे-जैसे बिजनेस अपने काम में AI को शामिल कर रहे हैं, ये सवाल सबसे बड़ा होता जा रहा है कि आखिर मॉडल्स और डेटा पर असली कंट्रोल किसका होगा.
एक AI मॉडल प्रोवाइडर पर न रहे निर्भर
Satya Nadella के अनुसार, हर संगठन को किसी एक AI मॉडल प्रोवाइडर्स पर निर्भर रहने के बजाय अपना खुद का 'कंटीन्यूअस लर्निंग लूप' या 'हिल क्लाइंबिंग मशीन' बनाने की आजादी होनी चाहिए. प्रैक्टिकली इसका मतलब ये है कि कंपनियां अपने ही डेटा और फीडबैक के दम पर अपने AI सिस्टम को लगातार खुद बेहतर बना सकें, और अपनी खास जानकारी को उन मॉडल्स और वेट्स में सुरक्षित रख सकें जिन पर उनका अपना पूरा अधिकार हो.
नडेला का यह रुख AI सुरक्षा के साथ-साथ कंपनियों की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देता है. उनका मानना है कि कंपनियों को केवल AI सर्विसेज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि इस बात पर उनका पूरा कंट्रोल होना चाहिए कि उनकी प्राइवेट जानकारी का उपयोग कैसे किया जा रहा है और उसे मॉडल्स में कैसे शामिल किया जा रहा है.
AI का सही अलाइनमेंट और स्पीड पर कंट्रोल
Satya Nadella ने AI के सही 'अलाइनमेंट' को हासिल करने के लिए किए जा रहे रिसर्च और इसकी रफ्तार को थोड़ा कंट्रोल करने के सुझावों का स्वागत किया है. अलाइनमेंट का सीधा मतलब ये सुनिश्चित करना है कि AI सिस्टम इंसानी मूल्यों, लक्ष्यों और सुरक्षा मानकों के दायरे में ही रहकर काम करें.
ये बयान तब आया है जब कुछ समय पहले Anthropic के सीईओ Dario Amodei ने AI कंपनियों से फ्रंटियर मॉडल्स के डेलपमेंट की स्पीड को थोड़ा धीमा करने की अपील की थी. Amodei का तर्क था कि अधिक कैपेबल और Autonomous सिस्टम के खतरों को समझने व सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी इंडस्ट्री को थोड़ा और समय चाहिए. डारियो अमोदेई की इस सुरक्षा अपील को OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन और xAI के संस्थापक एलन मस्क जैसे टेक दिग्गजों का भी साथ मिला है, जो खुद इस AI रेस में सबसे आगे खड़े हैं.
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