जरा सोचिए, क्या ऐसा हो सकता है कि आपकी जगह कोई AI जॉब इंटरव्यू या कॉलेज के Viva में शामिल हो जाए और सामने बैठे पैनल के कठिन सवालों के बिल्कुल सटीक जवाब लाइव दे दे? सैन फ्रांसिस्को की एक टेक कंपनी Tavus ने अपने सबसे नए ह्यूमन इंटरेक्शन मॉडल (HIM) मॉडल Griffin के जरिए इस कल्पना को पूरी तरह सच कर दिखाया है. ये AI टूल केवल सवालों के जवाब ही नहीं देता, बल्कि बातचीत के दौरान बिल्कुल इंसानों की तरह चेहरे के भाव, शारीरिक हाव-भाव (जेस्चर) और बॉडी मूवमेंट्स का उपयोग करके आमने-सामने वीडियो कॉल पर बातचीत करने के लिए डिजाइन किया गया है.
नॉर्मल चैटबॉट्स से अलग, ये नया AI टूल बातचीत के दौरान लोगों की कही गई बातों के साथ-साथ उनके चेहरे के विजुअल सिग्नल को भी लाइव समझ सकता है और उसी के आधार पर तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है.
AI मॉडल Griffin पेश
ये टूल केवल टाइप किए गए सवालों का जवाब देने वाले साधारण चैटबॉट्स से कोसों आगे है. ये आमने-सामने की वीडियो बातचीत के लिए पूरी तरह सक्षम है. ये आपकी आवाज सुनने के साथ-साथ आपके चेहरे के हाव-भाव और विजुअल इशारों को भी लाइव देख सकता है. कंपनी के दावों के अनुसार, इस AI मॉडल ने वीडियो जनरेशन के एरिया में Nvidia के VideoFDB बेंचमार्क पर 5 में से 3.83 का जबर्दस्त स्कोर हासिल किया है. आपको बता दें कि इस टेस्ट में असली इंसानों का स्कोर 3.92 था, जबकि दूसरे सबसे सर्वश्रेष्ठ AI सिस्टम का स्कोर मात्र 2.80 ही रहा था.
Introducing Griffin, the first model to pass the video Turing test.
— Tavus (@tavus) October 1, 2026
48% of people who talked to it live thought it was a real human. Previous systems have had a pass rate <3%. It is #1 on NVIDIA's benchmark for full-duplex AI video.
It's the first Human Interaction Model (HIM). pic.twitter.com/eb11XbC8Xr
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कंपनी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस तकनीक का एक लाइव वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में एक व्यक्ति को इस AI मॉडल से लाइव बातचीत करते हुए देखा जा सकता है. AI बिना किसी ग्लिच, रुकावट या देरी के बेहद सहजता से यूजर के सवालों के जवाब दे रहा है. बातचीत के दौरान इसके चेहरे के भाव, पलकों का झपकना और हाथों के इशारे इतने प्राकृतिक हैं कि पहली नजर में ये पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है कि सामने कोई असली इंसान है या कोई डिजिटल AI मॉडल. हालांकि, अभी तक इस टूल का बाहरी एक्सपर्ट्स ने टेस्ट नहीं किया है.
Griffin की टेक्नोलॉजी
Tavus कंपनी के अनुसार, Griffin बातचीत के दौरान होने वाली हर छोटी से छोटी एक्टिविटी को लगातार प्रोसेस करता रहता है. यदि आप बातचीत के बीच में AI को टोकते हैं या अपनी आवाज की टोन बदलते हैं तो AI तुरंत अपनी बात रोककर आपकी टोन के अनुसार रिएक्ट करता है. ये मॉडल Tavus की पुरानी वीडियो जनरेशन, स्पीच रिकग्निशन और कन्वर्सेशनल अंडरस्टैंडिंग तकनीकों का एक कंबीनेशन है. ये इसे चेहरे के हाव-भाव, आवाज की टाइमिंग और आसपास के विजुअल संदर्भ को पूरी तरह समझने का पावर देता है.
कंपनी का मानना है कि ये टेक्नोलॉजी आने वाले समय में जॉब इंटरव्यू की प्रैक्टिस करने, ट्यूशन और ऑनलाइन पढ़ाई करने और कस्टमर सपोर्ट को पूरी तरह बदलने में गेम-चेंजर साबित होगी. इसके लिए यूजर को कोई जटिल कमांड या प्रॉम्प्ट सीखने की जरूरत नहीं होगी, वे सीधे इंसानों की तरह बोलकर इससे काम करा सकेंगे.
Griffin का यूज कर सकते हैं?
अभी Tavus ने Griffin को आम जनता के लिए पूरी तरह से उपलब्ध नहीं कराया है. कंपनी का कहना है कि वे इस सेंसेटिव टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर जारी करने से पहले इसके प्राइवेसी डिस्क्लोजर और सेफ्टी मीजर्स पर काम कर रहे हैं. हालांकि, अच्छी खबर ये है कि कंपनी ने इस टेक्नलॉजी के शुरुआती टेस्ट के लिए इसके लाइट वर्जन Griffin-Lite को चुनिंदा एलिजिबल टेस्टर्स के लिए उपलब्ध करा दिया है. लेकिन, आम लोगों को अभी थोड़ा इंतजार करना होगा.
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