- AI से बढ़ रहा सोलो बिजनेस ट्रेंड
- बिना कर्मचारियों के बन रहीं कंपनियां
- AI बना नया डिजिटल बिजनेस पार्टनर
पहले किसी कंपनी को चलाने के लिए मोटा पैसा और कई लोगों की जरूरत होती थी. अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कारोबार करने का तरीका तेजी से बदल दिया है. अब कंपनी खड़ी करने के लिए बड़ी टीम या दर्जनों कर्मचारियों की जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई है. दुनिया भर में ऐसे एंटरप्रेन्योर की संख्या बढ़ रही है जो AI की मदद से अकेले ही सफल कंपनियां चला रहे हैं. AI ईमेल का जवाब देने से लेकर कोड लिखने, ग्राहकों की समस्याएं हल करने, नए सब्सक्राइबर जोड़ने और रिफंड जारी करने जैसे कई काम संभाल रहा है. यही वजह है कि कई नए फाउंडर्स बिना किसी कर्मचारी के लाखों और करोड़ों डॉलर का कारोबार खड़ा कर रहे हैं.
AI ने आसान बना दिया अकेले कंपनी चलाना
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, Ben Broca ने पिछले साल दिसंबर में एक ऐसी कंपनी शुरू की, जो एंटरप्रेन्योर को AI टूल्स उपलब्ध कराती है. कुछ ही महीनों में उनकी कंपनी के 10,000 पेड ग्राहक बन गए और इस साल कंपनी के 10 मिलियन डॉलर की कमाई करने की उम्मीद है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अब तक एक भी कर्मचारी नहीं रखा है.

40 वर्षीय Broca अकेले कंपनी शुरू करने और चलाने वाले नए दौर के उद्यमियों में शामिल हैं. AI उनके ईमेल का जवाब देता है, कोड लिखने और उसमें मौजूद खामियां दूर करने में मदद करता है, ग्राहकों के सवालों का जवाब देता है, नए सब्सक्राइबर जोड़ता है और जरूरत पड़ने पर रिफंड भी जारी करता है.
रिपोरेट के अनुसार, Broca का कहना है कि उन्हें अकेले फैसले लेने की आजादी पसंद है. कैलिफोर्निया के Sausalito स्थित अपने घर से काम करते हुए उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि समझौते अक्सर सामान्य नतीजे देते हैं." एक समय था जब किसी भी बड़े कारोबार को चलाने के लिए पूरी टीम की जरूरत पड़ती थी, लेकिन AI ने इस सोच को बदलना शुरू कर दिया है. अब बड़ी संख्या में नए उद्यमी अकेले ही बिजनेस शुरू कर रहे हैं.
करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं सोलो फाउंडर्स
पेमेंट कंपनी Stripe के विश्लेषण के मुताबिक, उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसे हजारों सोलो ऑपरेटर्स मौजूद हैं जो सालाना 10 लाख डॉलर से ज्यादा का कारोबार कर रहे हैं. साल 2023 से 2025 के बीच ऐसे कारोबारियों की संख्या दोगुनी हो गई. वहीं, 1 करोड़ डॉलर से ज्यादा का कारोबार करने वाले सोलो ऑपरेटर्स की संख्या इसी अवधि में लगभग तीन गुना बढ़ गई.
Stripe के मुख्य अर्थशास्त्री Ernie Tedeschi का कहना है कि पहले जिन लोगों के पास बिजनेस नेटवर्क या अनुभव नहीं होता था, उनके लिए अपने आइडिया को कारोबार में बदलना आसान नहीं था. अब AI एक इनबिल्ट बिजनेस पार्टनर की तरह काम कर रहा है. AI कई तरह के प्रशासनिक काम संभाल सकता है, इसलिए यह अलग-अलग क्षेत्रों में अकेले बिजनेस शुरू करने वालों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. खास तौर पर टेक सेक्टर में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है, क्योंकि AI कोडिंग जैसे महत्वपूर्ण काम भी कर सकता है.

बैंक ऑफ अमेरिका इंस्टीट्यूट की अर्थशास्त्री Taylor Bowley ने अमेरिका के Census Bureau के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसमें पाया गया कि पिछले एक साल के दौरान सभी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सूचना और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए बिजनेस शुरू करने के आवेदनों में हुई है. इस सेक्टर में नए बिजनेस आवेदन लगभग 45 प्रतिशत बढ़े हैं.
वहीं, इसी अवधि में सूचना क्षेत्र के ऐसे आवेदकों की संख्या में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जिन्होंने भविष्य में कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बताई थी. हालांकि, Census Bureau का यह डेटा अकेले चलने वाले बिजनेस को अलग से नहीं दिखाता. इसके बावजूद अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि ऐसे कारोबार बढ़ रहे हैं, जहां फाउंडर्स बिना कर्मचारियों के या बेहद छोटी टीम के साथ काम कर रहे हैं.
AI के सहारे बिजनेस चलाना हमेशा सस्ता नहीं होता
हालांकि AI की मदद से अकेले कंपनी चलाना आसान जरूर हुआ है, लेकिन इसकी अपनी चुनौतियां भी हैं. Ben Broca ने बताया कि शुरुआत में उन्हें अपने कई ग्राहकों पर नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि ग्राहकों की रिक्वेस्ट पूरी करने के लिए उन्हें Anthropic के Claude AI का इस्तेमाल करना पड़ता था. यह कंपनी उपयोग के आधार पर शुल्क लेती है, जिससे उनका खर्च काफी बढ़ गया था. बाद में उन्होंने चीन के मुफ्त ओपन सोर्स AI मॉडल का इस्तेमाल शुरू किया, जिससे उनकी लागत कम हुई.
Broca का कहना है कि उन्होंने निवेशकों से 30 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. साथ ही, उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की बड़ी टीम नहीं रखनी पड़ी, जिससे कंपनी ने वेतन पर भी लाखों डॉलर की बचत की.
कॉपी होने का डर भी बढ़ा
AI के जरिए बिजनेस शुरू करना जितना आसान हुआ है, उतना ही आसान किसी दूसरे के आइडिया की नकल करना भी हो गया है. यही वजह है कि कई सोलो फाउंडर्स भविष्य को लेकर चिंतित भी हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब AI हर किसी के लिए उपलब्ध है, तब किसी नए आइडिया की नकल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.

AI का नौकरियों पर क्या होगा असर?
AI के बढ़ते इस्तेमाल का रोजगार पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है. कई सर्वे बताते हैं कि लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि AI उनकी नौकरियां छीन सकता है. वहीं, कई अर्थशास्त्री इस संभावना का अध्ययन भी कर रहे हैं. दूसरी ओर, AI नई नौकरियां भी पैदा कर रहा है. ऐसे में अकेले बिजनेस चलाने वाले उद्यमियों का बढ़ता ट्रेंड यह दिखाता है कि AI एक तरफ नए अवसर पैदा कर रहा है, तो दूसरी तरफ रोजगार के अवसरों को भी सीमित कर सकता है.
Harvard Business School के एसोसिएट प्रोफेसर Rembrand Koning का कहना है, "अगर हर कंपनी कम लोगों को नौकरी दे रही है, लेकिन नई कंपनियों की संख्या चार गुना बढ़ जाती है, तो कुल रोजगार पर इसका क्या असर होगा?" उन्होंने हाल ही में एक रिसर्च की है, जिसमें 50,000 स्टार्टअप्स का अध्ययन किया गया. इस अध्ययन में पाया गया कि AI पर काम करने वाले स्टार्टअप्स में औसतन 25 प्रतिशत कम कर्मचारी थे.
Koning का यह भी मानना है कि नौकरी बाजार में आई सुस्ती और लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने की स्थिति ने भी कई लोगों को अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित किया है.
AI ने एक आइडिया को बना दिया सफल कंपनी
San Francisco में रहने वाली 41 वर्षीय Claire Vo के लिए AI ने एक छोटे से आइडिया को सफल बिजनेस में बदल दिया.
साल 2023 के आखिर में वह एक टेक कंपनी में फुल-टाइम एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम कर रही थीं. इसी दौरान उन्होंने AI की मदद से ऐसा ऐप तैयार किया, जो नए प्रोडक्ट्स की डॉक्यूमेंटेशन और डिजाइन मैनेज करने में मदद करता है. इस ऐप का इस्तेमाल फाइनेंशियल सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियां भी करती हैं.
Claire Vo ने बताया, "मैं ChatGPT से कोड कॉपी करके अपने ऐप में इस्तेमाल कर रही थी." उन्होंने इस ऐप को सिर्फ 1 डॉलर प्रति महीने की कीमत पर लॉन्च किया. कुछ ही हफ्तों में हजारों लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया. करीब तीन साल बाद उनकी कंपनी के 1 लाख यूजर हैं. शुरुआती नौ महीने तक उन्होंने अकेले ही कंपनी चलाई, इसके बाद एक इंजीनियर को नियुक्त किया. इस समय कंपनी का मार्केटिंग, सेल्स और कस्टमर सपोर्ट जैसे कई काम AI ही संभाल रहा है.
हालांकि, Claire Vo का मानना है कि सिर्फ AI की वजह से सफलता नहीं मिलती. उनके अनुसार, इंडस्ट्री में बनाया गया नेटवर्क, अनुभव और भरोसा भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा, "लोग AI को जरूरत से ज्यादा आसान मान लेते हैं और यह भूल जाते हैं कि यहां तक पहुंचने के लिए मैंने पहले कितनी मेहनत की थी."
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