विज्ञापन

पथिरागे से आगे नीरज चोपड़ा, 89.15 मीटर का रिकॉर्ड अभी भी कायम, एशियन गेम्स इतिहास में सबसे दूर भाला फेंकने वाले टॉप 10 जैवलिन थ्रोअर

यशवीर ने फाइनल में 85.14 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता था. उनका यह थ्रो एशियन गेम्स के इतिहास में फेंका गया तीसरा सर्वेश्रेष्ठ थ्रो है. वहीं, नंबर 4 पर रोहित यादव है. रोहित ने इस एशियन गेम्स के फाइनल में – 84.35 मीटर का थ्रो किया, जो एशियन गेम्स इतिहास में किसी भी जैवलिन खिलाड़ी की ओर से फेंका गया पांचवां सर्वश्रेष्ठ थ्रो है. 

पथिरागे से आगे नीरज चोपड़ा,  89.15 मीटर का रिकॉर्ड अभी भी कायम,  एशियन गेम्स इतिहास में सबसे दूर भाला फेंकने वाले टॉप 10 जैवलिन थ्रोअर
यशवीर-रोहित की भी एंट्री, एशियन गेम्स इतिहास के टॉप-10 जैवलिन थ्रोअर की पूरी लिस्ट

एशियन गेम्स 2026 जैवलिन थ्रो के फाइनल में श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की, बता दें कि थरंगा ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में 88.55 मीटर का बेस्ट थ्रो करके गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की. ऐसा कर थरंगा ने एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे दूर भाला फेंकने वाले एथलीट में नंबर 2 पर आ गए हैं. चीन के झाओ किंगगांग ने साल 2014 एशियन गेम्स में 89.15 मीटर का थ्रो किया था जो एशियन गेम्स के इतिहास में किसा भी जैवलिन थ्रोअर की ओर से फेंका गया सबसे दूर भाला फेंकने का रिकॉर्ड है. दूसरी ओर नीरज चोपडा ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में 88.88 मीटर का थ्रो किया था. यानी एशियन गेम्स में नीरज अभी भी पथिरागे से आगे हैं. वहीं, एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे दूर भाला फेंकने वाले जैवलिन थ्रोअर की लिस्ट में नंबर 3 पर पथिरागे आ गए हैं. 

पथिरागे ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में 88.55 मीटर का थ्रो किया था. इसके बाद नंबर 4 पर नीरज चोपड़ा ही है जिन्होंने 2018 में  88.06 मीटर का बेस्ट थ्रो किया था. नंबर 5 पर भारत के यशवीर सिंह हैं.  यशवीर ने फाइनल में 85.14 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता था. उनका यह थ्रो एशियन गेम्स के इतिहास में फेंका गया पांचवां सर्वेश्रेष्ठ थ्रो है. वहीं, नंबर 7 पर रोहित यादव है. रोहित ने इस एशियन गेम्स के फाइनल में – 84.35 मीटर का थ्रो किया, जो एशियन गेम्स इतिहास में किसी भी जैवलिन खिलाड़ी की ओर से फेंका गया पांचवां सर्वश्रेष्ठ थ्रो है. 

एशियन गेम्स फाइनल के इतिहास में सबसे दूर भाला फेंकने वाले टॉप 10 जैवलिन थ्रोअर

  1. झाओ किंगगांग (चीन)- 89.15 मीटर, इंचियोन 2014
  2. नीरज चोपड़ा (भारत)- 88.88 मीटर, हांगझोऊ 2023
  3. रुमेश पथिरागे (श्रीलंका, 2026) – 88.55 मीटर
  4. नीरज चोपड़ा (भारत, 2018) – 88.06 मीटर
  5. यशवीर सिंह (भारत, 2026) – 85.14 मीटर
  6. काई झेंगहुआ (चीन, 1994) – 84.74 मीटर
  7. रोहित यादव (भारत, 2026) – 84.35 मीटर
  8. ली योंग-सुन (दक्षिण कोरिया, 1986) – 84.12 मीटर
  9. चाओ त्सुन चेंग (चीनी ताइपे, 2014) – 83.82 मीटर
  10. अरशद नदीम (पाकिस्तान, 2026) – 80.29 मीटर
  11. झांग लियांग (चीन, 2010) – 80+ मीटर

एशियन गेम्स 2026 फाइनल में बेस्ट थ्रो करने वाले जैवलिन थ्रोअर 

  1. रुमेश पथिरागे (श्रीलंका)- 88.55 मीटर (iगोल्ड मेडल)
  2. यशवीर सिंह (भारत)- 85.72 मीटर (सिल्वर मेडल)
  3. रोहित यादव (भारत)- 84.35 मीटर (ब्रॉन्ज मेडल)
  4. अरशद नदीम (पाकिस्तान)- 80.29 मीटर
  5. युता साकियामा (जापान) - 78.74 मीटर
  6. सुमेधा रणसिंघे (श्रीलंका)- 78.08 मीटर
  7. सरवर इस्मोइलोव (उज्बेकिस्तान)- 75.80 मीटर
  8. मुहम्मद यासिर (पाकिस्तान) 73.50 मीटर
  9. रिन सुजुकी (जापान)- 71.73 मीटर
  10. एलेक्सी खलीस्तोव  (कजाखस्तान)- 70.87 

दो भाई, दोनों तबाही

यशवीर सिंह और रोहित यादव, दोनों भारतीय जैवलिन थ्रोअर्स के लिए यह साल शानदार रहा है. दोनों ने लगातार अपने पर्सनल बेस्ट में सुधार किया है और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई है. यशवीर सिंह ने सबसे पहले इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में 82.93 मीटर के थ्रो के साथ अपना पर्सनल बेस्ट बेहतर किया, और फिर इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इसे 83.72 मीटर तक पहुंचाया. इसके बाद, ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्हें अपने करियर का सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू मिला, जहां उन्होंने 85.41 मीटर के एक और पर्सनल बेस्ट के साथ अपना पहला इंटरनेशनल मेडल सिल्वर जीता. इसके बाद दोनों  सफर यहीं नहीं रुका, एशियन गेम्स में अपनी तीसरी बड़ी इंटरनेशनल प्रतियोगिता में, यशवीर ने एक बार फिर अपना स्तर ऊंचा किया. उन्होंने एशियन गेम्स में एक और सिल्वर मेडल जीता और 85.72 मीटर के थ्रो के साथ एक और पर्सनल बेस्ट बनाया. 

रोहित यादव

रोहित यादव का साल भी उतना ही शानदार रहा है. उन्होंने इंडियन एथलेटिक्स सीरीज़ में अपने पर्सनल बेस्ट को 83.76 मीटर तक बेहतर करके शुरुआत की, और फिर भुवनेश्वर में इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 87.05 मीटर का ज़बरदस्त थ्रो किया. लेकिन रोहित यहीं नहीं रुके. वर्ल्ड एथलेटिक्स सिल्वर मीट में, उन्होंने 87.68 मीटर के थ्रो के साथ एक बार फिर अपना पर्सनल बेस्ट बेहतर किया और भारत के अब तक के दूसरे सबसे अच्छे जैवलिन थ्रोअर बन गए. और आज, रोहित ने आखिरकार अपनी बढ़ती उपलब्धियों की लिस्ट में एक बड़ा इंटरनेशनल मेडल जोड़ लिया. उन्होंने एशियन गेम्स में 84.35 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता, जो किसी बड़ी इंटरनेशनल प्रतियोगिता में उनका पहला मेडल था.  यशवीर और रोहित, दोनों के लिए 2026 का साल पर्सनल बेस्ट, इंटरनेशनल मेडल और बड़े ब्रेकथ्रू का साल रहा है, और उनका सफर तो अभी शुरू ही हुआ है.

ये भी पढ़ें- नीरज चोपड़ा के नहीं होने के बाद भी यशवीर-रोहित टॉप-3 में, थरंगा नंबर 1, एशियन गेम्स 2026 फाइनल में सबसे दूर भाला फेंकने वाले 10 जैवलिन थ्रोअर

ये भी पढ़ें- कोहली-गिल नहीं, इन 3 अनसंग हीरोज की वजह से मजबूत होती है टीम इंडिया, विराट ने बताया असली हीरो

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sports News, Asian Games 2026, Neeraj Chopra
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com