भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार, 29 सितंबर को कमजोर रही. ये लगातार दूसरा दिन है, जब बाजार में गिरावट देखी जा रही है. रुपया भी आज कमजोर हुआ है. ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.2% की गिरावट के साथ खुले. कारोबार की शुरुआत में बाजार पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया. सेंसेक्स 138.04 अंक यानी 0.19% गिरकर 72,633.68 पर खुला. वहीं, निफ्टी 47.80 अंक यानी 0.21% टूटकर 22,732.45 पर पहुंच गया.
बाजार खुलने के 15 मिनट के भीतर सेंसेक्स 600 अंक तक गिर गया और निफ्टी 50 भी 170 अंक से ज्यादा गिर गया. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 72,180 के नीचे ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी 50 22,612 के लेवल पर कारोबार करता दिखा.
इससे पहले सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.97 पर बंद हुआ था. कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्या बनर्जी ने कहा कि आने वाले दिनों में हम 96.50 का स्तर देख सकते हैं, और 96.50 से ऊपर क्लियर ब्रेकआउट 98 की ओर जाने का रास्ता खोल देगा. फिलहाल 95.50 पर सपोर्ट दिख रहा है.'
ऑटो, मीडिया और FMCG शेयरों पर दबाव
सेक्टर के हिसाब से देखें तो सुबह के कारोबार में Nifty Auto, Nifty Media, Nifty FMCG और Nifty Cement में 0.64% तक की गिरावट रही. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और केमिकल्स इंडेक्स भी कमजोर रहे. दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. Nifty Pharma और Nifty 500 Healthcare करीब 1% तक चढ़े.

106 डॉलर के पार ब्रेंट क्रूड
बाजार पर दबाव की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. क्रूड ऑयल में तेजी के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की बिकवाली बड़ी वजह है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 106.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था और इसमें 1% से ज्यादा की तेजी थी.
अमेरिकी WTI क्रूड भी 93.99 डॉलर प्रति बैरल पर था और इसमें भी 1% से ज्यादा की बढ़त रही.
विश्लेषकों के मुताबिक, महंगा क्रूड और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से ग्लोबल मैक्रो माहौल इक्विटी बाजार के लिए अनुकूल नहीं बना हुआ है. अमेरिकी 10-year बॉन्ड यील्ड 5.23% बताई गई है.
FII लगातार तीसरे दिन बिकवाल
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाल रहे. प्रोविजनल एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, सोमवार को FIIs ने 5,353 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे.
इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने बाजार को सहारा दिया. DIIs लगातार खरीदारी करते रहे और सोमवार को उन्होंने 5,189 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

Nifty 23,000 के नीचे, शॉर्ट टर्म में दबाव
विश्लेषकों के मुताबिक, Nifty के 23,000 के नीचे जाने के बाद शॉर्ट टर्म सेटअप कमजोर हुआ है. डेरिवेटिव्स में पोजीशन भी निवेशकों की बढ़ती सतर्कता दिखा रही है.
Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 22,650-22,700 के स्तर पर देखा जा रहा है, जबकि 22,950-23,000 का स्तर रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है.
हालांकि, जानकारों के मुताबिक बड़ी कंपनियों के ग्रोथ शेयरों के वैल्यूएशन आकर्षक होने से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कुछ खरीदारी के मौके बन सकते हैं.
एशियाई बाजार भी दबाव में
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मंगलवार सुबह कमजोरी रही. जापान का Nikkei, हांगकांग का Hang Seng और दक्षिण कोरिया का KOSPI शुरुआती कारोबार में 1% तक नीचे रहे. सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे. S&P 500 में 0.77% और Nasdaq में 0.92% की गिरावट रही थी.
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