- दिल्ली से कोलकाता तक लगभग 1500KM का सफर पांच अलग-अलग एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़कर तय होगा
- यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहले से चालू हैं
- गाजीपुर-वाराणसी लिंक और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे पर कार्य जारी है जो पांच राज्यों को जोड़ेंगे
देशभर में कई नए-नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. दिल्ली, यूपी, बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल और गुजरात-महाराष्ट्र तक एक्सप्रेसवे का जाल फैल रहा है. इन सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे से शहरों और राज्यों की दूरी कम होती जा रही है. आज हम ऐसे ही एक 'सुपर एक्सप्रेसवे' के बारे में बता रहे हैं, जो राजधानी दिल्ली को बंगाल की राजधानी कोलकाता से कनेक्ट करेगा. ये 5 अलग-अलग एक्सप्रेसवे का ऐसा जाल होगा, जो यूपी, बिहार और झारखंड समेत 5 राज्यों का सफर आसान कर देगा. इस कॉरिडोर से दिल्ली से कोलकाता तक का सफर महज 16 घंटे में पूरा होगा.
किन एक्सप्रेसवे का बनेगा 'महाजाल'?
दिल्ली से कोलकाता के बीच लगभग 1500 किमी का सफर पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तय किया जा सकेगा. दिल्ली से कोलकाता का पूरा एक्सप्रेसवे नेटवर्क मुख्य रूप से 5 अलग-अलग एक्सप्रेसवे को जोड़कर बनेगा.
- यमुना एक्सप्रेसवे: दिल्ली से नोएडा होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे से आगरा तक पहुंचा जा सकेगा. यह एक्सप्रेसवे पहले से तैयार है और यहां रोजाना लाखों वाहन रफ्तार भर रहे हैं.
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: आगरा से लखनऊ के बीच यह एक्सप्रेसवे पहले से चालू है, जो पश्चिमी और मध्य यूपी के बीच की दूरी को आधा करता है.
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: इसके बाद वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से गाजीपुर तक पहुंचेंगे. यह एक्सप्रेसवे भी चालू है, जो राजधानी लखनऊ को सीधे पूर्वांचल से कनेक्ट करता है.
- गाजीपुर–वाराणसी लिंक: यह लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. इस पर काम चल रहा है.
- वाराणसी–रांची–कोलकाता एक्सप्रेसवे: इसके बाद वाहन वाराणसी रिंग रोड से प्रस्तावित 'वाराणसी–रांची–कोलकाता एक्सप्रेसवे' पर चढ़ेंगे. इस एक्सप्रेसवे पर काम जारी है. वाराणसी से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे बिहार के कैमूर-रोहतास झारखंड के रांची और बंगाल के बांकुड़ा-पुरुलिया होते हुए कोलकाता पहुंचेगा.
कैसे पांच राज्यों की बनेगा लाइफ लाइन?
यह कॉरिडोर देशभर के 5 राज्यों से सीधे तौर पर कनेक्ट होगा.
- दिल्ली-NCR: यमुना एक्सप्रेसवे की शुरुआत ही नोएडा से होती है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा से दिल्ली की कनेक्टिविटी है. ऐसे में यह एक्सप्रेसवे नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर से कनेक्ट होगा.
- उत्तर प्रदेश: आगरा, फिरोजाबाद, लखनऊ, सुल्तानपुर, आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी जैसे शहर इस नेटवर्क से कनेक्ट होंगे.
- बिहार: वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे बिहार के कैमूर, रोहतास, सासाराम जैसे इलाकों से गुजरेगा.
- झारखंड: वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे झारखंड के चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो और रांची को भी कनेक्ट करेगा.
- पश्चिम बंगाल: वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे बंगाल के पुरुलिया, बांकुड़ा, हुगली, हावड़ा, कोलकाता (दनकुनी) तक कनेक्टिविटी देगा.

दिल्ली से कोलकाता का सफर होगा बेहद आसान
इस एक्सप्रेसवे नेटवर्क के पूरा होने के बाद दिल्ली से कोलकाता का सफर बेहद आसान हो जाएगा. करीब 1500 किमी के इस रोड नेटवर्क का सफर 16–17 घंटे में पूरा हो पाएगा. वहीं दिल्ली से रांची का सफर मात्र 13 घंटे का रह जाएगा. इस पूरा कॉरिडोर एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा. यानी पूरे 1500 किमी के सफर में कोई भी स्थानीय वाहन, दोपहिया गाड़ी, ट्रैक्टर या पैदल यात्री अचानक हाईवे पर नहीं आ सकेंगे. यहां वाहन 100 से 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ पाएंगे.
शहरों के बाहर से बाईपास और एलिवेटेड रूट्स
फिलहाल NH-19 पर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और आसनसोल जैसे घने शहरों के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे भारी ट्रैफिक जाम मिलता है. नया नेटवर्क इन सभी बड़े शहरों को बाईपास करते हुए बाहर से गुजरेगा. शहरों का ट्रैफिक एक्सप्रेसवे पर नहीं आएगा, जिससे समय बचेगा.
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