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एशियन गेम्स 2026: 'अजीब वेट नियम ने छीन लिया गोल्ड' भारत की पहली MMA मेडलिस्ट सुचिका का बड़ा आरोप

भारत की पहली मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स मेडलिस्ट सुचिका तरियाल ने गुरुवार को कहा कि 'अजीब वज़न नियमों' की वजह से एशियाई खेलों में उन्हें गोल्ड मेडल जीतने से वंचित कर दिया गया.

एशियन गेम्स 2026: 'अजीब वेट नियम ने छीन लिया गोल्ड' भारत की पहली MMA मेडलिस्ट सुचिका का बड़ा आरोप
भारत की पहली MMA मेडलिस्ट सुचिका का बड़ा आरोप

भारत की पहली मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स मेडलिस्ट सुचिका तारियाल ने गुरुवार को कहा कि "अजीब वेट नियम" की वजह से एशियाई खेलों में उनसे गोल्ड मेडल छीन लिया गया, जिसकी वो "हकदार" थीं. आइची-नागोया एशियाई खेलों में MMA की शुरुआत हुई थी. 36 साल की सुचिका सेमीफाइनल में सिंगापुर की टी हुई हून से हार गईं, लेकिन उन्होंने भारत के लिए ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. सुचिका ने कहा कि वह सेमीफाइनल "साफ़ तौर पर" जीत रही थीं, लेकिन ड्रॉ का नतीजा "बहुत अजीब तरह से" घोषित किया गया. 

गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर सुचिका ने कहा,"मैं साफ तौर पर मुकाबला जीत रही थी, लेकिन इसे बहुत अजीब तरह से ड्रॉ घोषित कर दिया गया. एक और राउंड कराने के बजाय, उन्होंने वजन के अजीब नियम लागू कर दिए, जिनकी वजह से असल में मुझे मेरा हकदार गोल्ड मेडल नहीं मिल पाया." सुचिका तरियाल ने कहा,"वजन वाले नियम के बारे में कहूं तो मुझे लगा कि यह बहुत बुरा नियम था. वे मुझे एक और राउंड खेलने दे सकते थे। अगर मैं वह राउंड हार भी जाती, तो उसे मान लेती, लेकिन जो हुआ उसे मैं स्वीकार नहीं कर सकी." 

सुचिका ने फिर कहा कि जिस तरह से वह खेल रही थीं, गोल्ड मेडल उनकी पहुंच में था. उन्होंने आगे कहा,"मेडल पाकर मैं बहुत खुश हूं. जिस तरह से मैं खेल रही थी, ऐसा लग रहा था कि मैं गोल्ड मेडल जीतूंगी. मुझे पता है कि मैं उस मुकाम तक कैसे पहुंची. मैंने बहुत मेहनत की थी, और मैं इस तरह हार नहीं सकती थी. जहां तक मुझे पता है, मैं दोनों बाउट (मुकाबले) जीत रही थी."

सुचिका ने कहा,"एक मिनट वाले राउंड में भी, मैं उस पर हावी थी. वह पीछे भाग रही थी, और मैं उस पर हावी थी. मैंने आपको बताया था कि फ़ेडरेशन सिंगापुर का है, इसलिए शायद उन्हें उसे ही जिताना था." "हो सकता है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही कोई वादा कर दिया हो और वे अपनी बात से पीछे नहीं हट सकते थे." सुचिका ने दावा किया कि अधिकारी दोनों खिलाड़ियों को विजेता घोषित कर सकते थे. 36 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा,"जब मैंने फ़ेडरेशन के सामने यह मुद्दा उठाया, तो मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि हम दोनों बराबर हैं, लेकिन फिर उन्होंने उसे जीत दे दी. मुझे भी जीत दी जा सकती थी."

सुचिका ने कहा,"मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. मैं यह नहीं कह रही कि यह धोखाधड़ी थी. अगर आप मैच को ड्रॉ घोषित कर रहे हैं, तो आप मुझे भी जीत दे सकते थे. मेरी क्या कमी थी कि आपने उसे जीत दे दी? बस यही मैं कहना चाहती हूं." उन्होंने आगे कहा,"आप इसे बदकिस्मती कह सकते हैं. मैं यह नहीं कह रही कि मैं धोखाधड़ी की वजह से हारी. मैं बहुत खुश हूं. मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती."  हालांकि, सुचिका ने कहा कि वह ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा,"फिर भी, मैं खुश हूं कि मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता है क्योंकि यह मेरे लिए मेरी जान से भी ज़्यादा कीमती है. मैंने इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत की है." 

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के ओलंपिक प्रोग्राम का हिस्सा न होने के कारण, सुचिका ने कहा कि वह अगले साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी करेंगी. सुचिका ने कहा,"वर्ल्ड चैंपियनशिप होने वाली है और मैं उसके लिए तैयारी करूंगी. मेरी और भी फाइट्स होने वाली हैं, इसलिए मैं उनमें भी हिस्सा लूंगी." उन्होंने आगे कहा,"हो सकता है कि एमएमए भी भविष्य में ओलंपिक का हिस्सा बन जाए. अभी तो यह इसमें शामिल नहीं है, लेकिन आगे इसे शामिल किया जा सकता है. मैं अपनी तैयारी जारी रखूंगी."

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