एशियन गेम्स के दूसरे दिन ही भारतीय एथलीटों ने अपनी चमक बिखेरनी शुरू कर दी है. खास करके शूटिंग टीम ने हर किसी को प्रभावित किया है. एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के. विनोद ने 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का खाता खोला. जिसके बाद NDTV की संवाददाता ने भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित से खास बातचीत की. जिसका उन्होंने काफी खूबसूरती के साथ जवाब दिया, जो कुछ इस प्रकार है-
सवाल - रौनक भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार शुरूआत दी है. क्या ये परफॉर्मेंस एक्सपेक्टेड था?
जवाब - सवाल का जवाब देते हुए रौनक पंडित ने कहा कि हां परफॉर्मेंस बिल्कुल एक्सपेक्टेड था. जो स्कोर हैं सोनम के और एलावेनिल वलारिवन के 634 और 633, यहां तक की विदरसा के भी 630 बिल्कुल एक्सपेक्टेड था. आखिरी कुछ दिनों में जो कठिनाइयां आई हैं. हमने जो फेस किया है. शूटिंग रेंज के कंडीशन भी उतने ईजी नहीं हैं. बहुत छोटी रेंज है. एथलीट, मीडिया, कोचेज सब एक के ऊपर एक लगे हुए हैं. एशियन गेम्स का प्रेशर, एक्सपेक्टेशन के बावजूद उन्होंने ऐसी परफॉर्मेंस दी है, जो हम ट्रेनिंग में देते हैं. इसका मतलब है बहुत अच्छा है. मैं उनके प्रदर्शन बहुत खुश हूं.'
सवाल - जिस तरह का हमने स्कोर देखा है. वह ओलंपिक लेवल से भी ऊपर का लग रहा है. तो क्या भारतीय खेमा आगे भी ऐसे ही स्कोर लगातार जारी रख पाएगा?
जवाब - 100 प्रतिशत. देखिए स्पोर्ट्स एक परफेक्ट साइंस नहीं है. आपको बहुत सारे ट्रॉयल करके ही पता चलता है क्या काम कर रहा है एथलीट के लिए, क्या नहीं. क्योंकि मिनिस्ट्री, आईओए, साई, फेडरेशन सभी लोग शूटिंग टीम को बहुत सपोर्ट कर रहे हैं. हमें इतना एक्सपोजर के मौके मिले हैं. हमें पता है कि किस एथलीट के लिए क्या काम करना है. उस लिहाज से परफॉर्मेंस केवल अच्छे नहीं है, बल्कि बहुत अच्छे हैं. ध्यान देने वाली जो बात है. वह यह है कि हमारा प्रदर्शन अच्छा रहते हुए भी चीन हमसे थोड़ा सा आगे है. जानें के बाद पांच मिनट का सेलिब्रेशन होगा. शूटिंग टीम अब इस लेवल पर आ गई है कि सिल्वर हम जीते हैं. मगर हम गोल्ड से क्यों चूक गए? इस पर चर्चा ज्यादा करेंगे.
सवाल - एलावेनिल वलारिवन एक अनुभवी शूटर हैं. मगर हमें दूसरी शूटर सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के. विनोद के बारे में भी बताइए?
जवाब - एलावेनिल वलारिवन भी बहुत यंग थी. जब उन्होंने 2018 में इंडिया को रिप्रजेंट किया था. उस दौरान उनका एशियन गेम्स अच्छा नहीं रहा था, लेकिन आज आप उनकी शॉट को देख रही हैं. सोनम भी पिछले कुछ वर्ल्ड कप से काफी अच्छा कर रही है. नई हैं लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर उनके शानदार प्रदर्शन हैं. उनके ऊपर हमें पहले से कॉन्फिडेंस था. उनकी तैयारी और एबिलिटी को देखते हुए. विदरसा बहुत स्टॉग शूटर है. हमें यहां 36 शूटर की जरूरत थी. हर इवेंट में तीन होते हैं. हमें सिर्फ 30 शूटर की एंट्री मिली थी. हमें बहुत से इवेंट में समझौता करना पड़ा. इसके बावजूद परफॉर्मेंस देखी जाए तो बहुत बढ़िया है. हम बहुत खुश हैं.
सवाल - एथलीटों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने सारी समस्याओं को पीछे छोड़ते हुए मेडल जीते हैं. उसके बारे में आपका क्या कहना है?
जवाब - हमने पूरी कोशिश की है. हमारी पूरी टीम ने जो भी समस्याएं आई हैं. वह एथलीटों तक ना पहुंच पाएं. वह समस्याओं से दूर रहे हैं और अपने खेल पर फोकस रख पाएं. मुझे लगता है कि हमारी टीम ने मिलकर बहुत अच्छा काम किया है. हमने किसी भी तरह की समस्या अपने एथलीट नहीं आने दी. हमारे कुछ कोच हैं. जो सुबह पौने सात बजे से लाइन में लगते हैं. जिससे की उन्हें सीट रिजर्व मिल सके. हमारी सपोर्ट टीम रात के 1.30 बजे से 2.00 बजे तक जागती रहती है. वहीं सुबह 6.00 बजे उठ जाती है और काम पर लग जाती है. इस तरह का प्रयास हम खिलाड़ियों के लिए कर रहे हैं.
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