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5 साल से टीम इंडिया से बाहर, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीद, पृथ्वी शॉ ने वापसी पर किया सबसे बड़ा खुलासा

टीम से बाहर चल रहे ओपनर पृथ्वी शॉ का कहना है कि भारतीय टीम में वापसी का खयाल हमेशा उनके दिमाग में रहता है, लेकिन वे वर्तमान में जीना ही पसंद करते हैं. 26 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी बार पांच साल पहले भारत के लिए खेला था.

5 साल से टीम इंडिया से बाहर, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीद, पृथ्वी शॉ ने वापसी पर किया सबसे बड़ा खुलासा
Prithvi Shaw
PTI

भारत के लिए आखिरी बार पांच साल पहले खेलने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा है कि टीम इंडिया में वापसी का ख्याल हमेशा उनके दिमाग में रहता है, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान वर्तमान पर और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर है. महाराष्ट्र के बंगाल को 10 विकेट से हराने के बाद शॉ ने कहा कि वह भविष्य के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और मैच जीतने, अच्छी ट्रेनिंग तथा फिटनेस पर फोकस करते हैं.

भारत वापसी का सपना, लेकिन फोकस वर्तमान पर

26 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने कहा कि भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद उनके मन में हमेशा रहती है, लेकिन उन्होंने सीखा है कि बहुत आगे की नहीं सोचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह एक-एक दिन को लेकर चलते हैं और फिलहाल उनका लक्ष्य सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना है. शॉ के मुताबिक लगातार मैच जीतना, सही ट्रेनिंग करना और फिट रहना ही उनकी प्राथमिकता है.

घरेलू क्रिकेट में बड़ी पारी का इंतजार

इस रणजी ट्रॉफी सीजन में शॉ ने सात पारियों में दो अर्धशतक लगाए हैं. दिल्ली के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 70 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी, लेकिन उसके बाद उनके स्कोर 7, 21, 0, 17 और 12 रहे. हालांकि शॉ को अपनी बल्लेबाजी को लेकर कोई चिंता नहीं है. उनका मानना है कि शुरुआत अच्छी मिल रही है और बल्लेबाजी में कोई बड़ी समस्या नहीं है, बस एक बड़ी पारी की जरूरत है जो उनका आत्मविश्वास और बढ़ा दे.

महाराष्ट्र में खुद को महसूस कर रहे सहज

पिछले सीजन मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र का रुख करने वाले शॉ ने कहा कि यह उनके करियर का अच्छा दौर है. उनके अनुसार मुंबई और पुणे के बीच ज्यादा दूरी नहीं है और टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें वह पहले से जानते हैं. ऋतुराज गायकवाड़, अंकित बावने समेत कई खिलाड़ियों के साथ उनकी अच्छी समझ और दोस्ती है, जिसके कारण उन्हें कभी यह महसूस नहीं हुआ कि वह किसी नई जगह पर आ गए हैं.

बंगाल पर जीत का श्रेय गेंदबाजों को

बंगाल के खिलाफ 10 विकेट की जीत पर शॉ ने टीम के गेंदबाजों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी और ऐसे विकेट पर बल्लेबाजी आसान नहीं थी. पहली पारी में मुकाबला बराबरी का था, लेकिन दूसरी पारी में बंगाल को 25 रन पर तीन विकेट झटकने के बाद टीम को विश्वास हो गया था कि जीत उनकी झोली में आ सकती है.

मोहम्मद शमी आज भी उतने ही खतरनाक

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का सामना करने को लेकर शॉ ने कहा कि शमी की गेंदबाजी में कोई बदलाव नहीं आया है और वह पहले की तरह ही तेज तथा प्रभावी हैं. शॉ ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक बताते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों और ऐसी पिच पर शमी का सामना करना बेहद मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों के मन में यह बात रहती है कि शमी भारतीय टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाजों में से हैं, लेकिन साथ ही यह भी सोचना पड़ता है कि उनकी गेंदबाजी का मुकाबला कैसे किया जाए. शॉ के अनुसार सीम मूवमेंट वाली विकेटों पर शमी विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़े खतरे साबित होते हैं.

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