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NDTV Exclusive: जैवलिन में दुनिया पर राज करने की तैयारी! नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक को लेकर बता दिया अगला लक्ष्य

स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने NDTV के साथ खास बातचीत में भविष्य के लिए अपना विजन शेयर किया. उन्होंने 2028 ओलंपिक के लिए जैवलिन में एक बड़ा लक्ष्य भी तय किया है.

नीरज चोपड़ा
NDTV

स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को ऐसी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जहां पहले कभी कोई नहीं पहुंचा था. इसमें ओलंपिक में जीता गया एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल भी शामिल है. अब, 28 वर्षीय जैवलिन स्टार युवाओं को तैयार करने पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि खेल के क्षेत्र में भारत लगातार और तेजी से आगे बढ़ता रहे. 'यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप' के दौरान NDTV के साथ एक खास बातचीत में, नीरज ने भविष्य के लिए अपना विजन शेयर किया. उन्होंने 2028 ओलंपिक के लिए जैवलिन में एक बड़ा लक्ष्य भी तय किया है.

नीरज ने NDTV से बातचीत में कहा, 'कूदना, फेंकना, गति और दौड़ना - ये किसी भी बच्चे के विकास का आधार होने चाहिए. जब ​​मैंने पहली बार ज्यूरिख डायमंड लीग में हिस्सा लिया था, तब मैंने वहां 'यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप' होते हुए देखा. तभी से मुझे लगा कि बच्चों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है. स्विट्जरलैंड के कई बेहतरीन एथलीट इसी 'एथलेटिक्स किड्स कप' से निकलकर सामने आए हैं. मुझे लगता है कि खेल की दुनिया में बच्चों को सही दिशा दिखाने के लिए यह एक बहुत अच्छा मंच है.'

भविष्य के लिए नीरज का लक्ष्य

'यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप' एक ऐसा टूर्नामेंट है जो स्विट्जरलैंड और भारत दोनों जगह आयोजित किया जाता है. 2026 में इसका आयोजन पहली बार भारत के हरियाणा राज्य के सोनीपत में होने जा रहा है, जिसमें 2,50,000 बच्चे हिस्सा लेंगे. हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले नीरज ने इस कार्यक्रम के लक्ष्य के बारे में बताया.

नीरज ने कहा, 'हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ज्यादा से ज्यादा स्कूल इसमें शामिल हों. स्कूलों में एक ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां खेलों को बच्चों के विकास का एक अहम हिस्सा बनाया जाए.' 'बिल्कुल (क्या इससे बच्चों को लंबे समय में मदद मिलेगी?), क्योंकि उन्हें शुरुआत से ही जानकारी और समझ मिलेगी. जब बच्चे मैदान पर कदम रखते समय घबराते हैं, तो यह उनके भविष्य के लिए सही मानसिकता बनाने में मदद करेगा. सबसे अहम बात यह है कि बच्चों को कम उम्र में ही एक मंच मिल रहा है.'

जैवलिन में नीरज के बड़े लक्ष्य

नीरज ने जैवलिन (भाला फेंक) में भारत की तरक्की का भी जिक्र किया. टोक्यो 2020 ओलंपिक में अपने ऐतिहासिक गोल्ड मेडल के बाद से, उन्होंने इस खेल को काफी पहचान दिलाई है. 2026 में, भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में पोडियम (पदक विजेताओं के मंच) पर दो-दो स्थान हासिल किए - एशियन गेम्स में यह प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा, क्योंकि इसमें नीरज ने हिस्सा नहीं लिया था.

उन्होंने कहा, 'यह बहुत बढ़िया बात है. पिछले एशियन गेम्स में, मैंने और किशोर जेना ने पोडियम शेयर किया था. इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में, मैं और यशवीर सिंह थे. अब, इस साल के एशियन गेम्स में यशवीर और रोहित ने पोडियम शेयर किया है. यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि हम जैवलिन के क्षेत्र में कितनी तरक्की कर रहे हैं.'

28 वर्षीय नीरज ने कहा कि भारत को लॉस एंजिल्स ओलंपिक में जैवलिन के पूरे पोडियम पर कब्जा करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य निश्चित रूप से यह होगा कि LA 2028 में पोडियम पर दो भारतीय खिलाड़ी हों. बल्कि, मुझे उम्मीद है कि दो की जगह तीन भारतीय खिलाड़ी होंगे. लेकिन यह बहुत मुश्किल होगा, और इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.' उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने न केवल जैवलिन में, बल्कि खेलों की दुनिया में हर जगह कितनी प्रगति की है.

नीरज ने कहा, 'सिर्फ जैवलिन ही नहीं, भारत अन्य खेलों में भी बेहतर कर रहा है. खिलाड़ियों की मानसिकता बदल रही है. वे अपनी प्राथमिकताओं को समझते हैं, और अब हम आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं.' 'हम एशियन गेम्स और एशियन पैरा गेम्स, दोनों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'लक्ष्य दोनों रूपों में एक साथ आगे बढ़ने का होना चाहिए.'

नीरज ने रिकवरी पर भी दिया अपडेट

2026 का सीजन नीरज के लिए चोटों से भरा रहा, जिसकी वजह से वे इस साल केवल दो बड़े इवेंट्स में ही हिस्सा ले पाए. जैवलिन स्टार ने पुष्टि की है कि वे इस साल के बाकी बचे समय में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन 2027 में एक शानदार वापसी करने की उम्मीद कर रहे हैं. नीरज ने बताया, 'दोहा डायमंड लीग के बाद, मेरे टखने में लिगामेंट की चोट आ गई थी. हाल ही में मेरी डॉक्टर से बात हुई है.  कुछ हफ्तों में मैं दौड़ना शुरू कर सकूंगा, और उम्मीद है कि अगले साल एक अच्छी वापसी कर पाऊंगा.'

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