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जापान के लिए मां ने दिया दो दिन का चूरमा, नीरू ढांडा ने सुनाई एशियन गेम्स में तिरंगे वाली भावुक कहानी

एशियाई खेल 2026 में शूटिंग में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा ने NDTV वर्ल्ड समिट में अपनी मां से जुड़े एक भावुक पल को याद किया.

NDTV वर्ल्ड समिट में नीरू ढांडा
NDTV
  • एशियन गेम्स में डबल गोल्ड जीतकर नीरू ढांडा ने मां का सपना पूरा कर दिया
  • नीरू तिरंगा छिपाकर अपने साथ लेकर गईं ताकि जीत के बाद अपनी मां की कही बात पूरी कर सकें
  • एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले मां ने नीरू को दो दिन का चूरमा बनाकर दिया था

NDTV World Summit 2026: एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा ने NDTV वर्ल्ड समिट में उस भावुक पल को याद किया, जब पोडियम पर भारत का तिरंगा लहरा रहा था. नीरू ने बताया कि यह सिर्फ उनकी जीत नहीं थी, बल्कि उनकी मां का सपना पूरा होने जैसा था, जो हमेशा उन्हें भारतीय झंडे के साथ नंबर-1 स्थान पर देखना चाहती थीं.

नीरू ढांडा ने बताया कि गोल्ड मेडल जीतने के बाद पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को लहराते देखना उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक था. उन्होंने कहा कि उनकी मां का सपना था कि वह एक दिन देश के लिए नंबर-1 बनें और तिरंगे के साथ पोडियम पर खड़ी नजर आए.

नीरू ने पूरा किया मां का सपना

नीरू ने यह भी खुलासा किया कि वह अपनी मां के लिए तिरंगा पोडियम तक लेकर गई थीं. नीरू ने बताया कि, 'एशियन गेम्स में जाने से पहले जब मैंने अपनी मां से पूछा कि मां मुझे कहां देखना चाहती है, तो मेरी मां ने बोला कि बेटा मैं तुझे भारत के झंडे के साथ नंबर वन पर देखना चाहती हूं, तो मैंने पिछले दो साल से इसके लिए कड़ी मेहनत की. हालांकि, ये इतना आसान नहीं रहा, लेकिन मुझे मेरी मां की वही बात याद आती थी कि वो मुझे नंबर एक पर देखना चाहती हैं.' 

फ्लैग को पोडियम तक छिपाकर ले गईं नीरू

नीरू ने बताया कि, दिलचस्प बात ये थी कि जापान में फ्लैग को पोडियम पर लेकर नहीं जाने दे रहे थे, तो मैं छिपाकर ले गई. उस पल को देखते ही मेरी मां की आंखों में आंसू आ गए. जब नीरू ये बात बता रही थीं तब एनडीटीवी के वर्ल्ड समिट में उनकी मां भी मौजूद थीं.

जापान के लिए मां ने दिया दो दिन का चूरमा

नीरू ने बताया कि, जापान के कुछ नियमों के कारण फ्लैग ले जाने पर पाबंदियां थीं. जब उन्हें जीत के बाद तिरंगे के साथ वह पल जीने का मौका मिला, तो यह उनके और परिवार के लिए बेहद भावुक पल बन गया. नीरू ने एक और दिलचस्प बात बताते हुए कहा कि, जापान के लिए मां ने दो दिन का चूरमा दिया था.

दरअसल, एशियन गेम्स 2026 में नीरू ढांडा के गोल्ड मेडल के साथ महिला एथलीट्स ने गोल्ड मेडल का खाता खोला था. नीरू ने एक नहीं बल्कि दो गोल्ड मेडल जीते और एक सिल्वर भी जीता. नीरू ने बताया कि 48 साल के बाद ट्रैप शूट में गोल्ड मेडल आया- इस खेल में पहला गोल्ड राजा रणधीर सिंह ने जीता था. उन्होंने 1978 में भारत को एशियन गेम्स में शूटिंग इवेंट का पहला गोल्ड मेडल दिलाया था.

ढांडा ने आइची-नागोया में 2026 एशियन गेम्स के समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए ध्वजवाहक की भूमिका भी निभाई. यह उनके शानदार अभियान का समापन था, जिसमें उन्होंने दो स्वर्ण पदक और एक सिल्वर मेडल जीता था. एशियन गेम्स के समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक बनने को ढांडा ने एक सपने के सच होने जैसा बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज थामने का यह अप्रत्याशित सम्मान एक अविस्मरणीय और दिल को छू लेने वाला अनुभव था.

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