पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर के कार्यकाल के दौरान खुद सहित वरिष्ठ खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने के फैसले का बचाव किया है. खबरें ऐसी आ रही हैं कि सितंबर में वर्तमान चीफ सेलेक्टर अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही बीसीसीआई ने उनकी सेवाएं खत्म करने का मन बना लिया है. और इसके लिए पहले से ही पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा पहले से ही रेस में आगे चल रहे हैं और अगले कुछ दिनों के भीतर जब गतिविधियां तेज होने जा रही हैं, तो अश्विन ने डिटेल अपने चैनल पर इस बारे में राय रखी है.
अगरकर अपने कार्यकाल में सभी प्रारूपों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में टीम प्रबंधन के साथ पूरी तरह से शामिल थे. उनके कार्यकाल के दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसी महान हस्तियों ने टेस्ट से संन्यास की घोषणा की, जबकि सभी प्रारूपों की टीमों में युवा कप्तानों ने बागडोर संभाली. रविचंद्रन अश्विन भी उन वरिष्ठ खिलाड़ियों में शामिल थे जो विवादास्पद परिस्थितियों में सेवानिवृत्त हुए थे. इस ऑफ स्पिनर ने ब्रिस्बेन के गाबा में तीसरे टेस्ट के बाद 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर श्रृंखला के बीच में ही संन्यास की घोषणा कर दी थी. हालांकि अश्विन को लगता है कि मुख्य चयनकर्ता ने उन्हें धीरे-धीरे बाहर कर दिया, लेकिन उनका मानना है कि उनके सभी फैसले टीम के भले के लिए थे,
'उन्हें वरिष्ठ खिलाड़ियों को बाहर करना था'
अगरकर बोले, 'ईमानदारी से कहूं तो मैं अजीत अगरकर को काफी अच्छी तरह जानता हूं और हमने अपने संन्यास के समय भी बात की थी. मैंने उन्हें फोन किया और कहा कि मैं संन्यास ले रहा हूं और फिर उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यह एक व्यक्तिगत फैसला है. सच यह है कि अजीत अगरकर के पास इस कार्यकाल में कई बड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी थी. उन्हें वरिष्ठ खिलाड़ियों को धीरे-धीरे बाहर करना था और यह आसान नहीं हो सकता. मैं उनके कार्यकाल में बाहर किए गए वरिष्ठ खिलाड़ियों में से एक था, लेकिन फिर भी उस बात से थोड़ी दूरी बनाए रखते हुए मैं कहना चाहता हूं कि वह चयनकर्ताओं के बहुत अच्छे अध्यक्ष रहे हैं. उनके कार्यकाल में टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.'
पूर्व स्पिनर ने कहा, 'कई बार हम हमेशा अहंकार के दृष्टिकोण से या अपने व्यक्तिगत संबंधों के दृष्टिकोण से बात करते हैं, लेकिन हम सभी खुद को उनकी जगह पर न रखने की गलती करते हैं. अजीत अगरकर ने क्या किया? वह अगली पीढ़ी की टीम की तलाश कर रहे थे. उनकी जिम्मेदारी टीम को ज्यादा से ज्यादा जिताना तो थी ही, लेकिन खिलाड़ियों की अगली लाइन तैयार करना भी उनकी जिम्मेदारी थी. उन्होंने वहां कोई गलती नहीं की.'
'मौजूदा सदस्यों में ही होगा कोई चीफ सेलेक्टर'
अजीत अगरकर ने 2023 में चेतन शर्मा से चयनकर्ताओं के अध्यक्ष का पद संभाला था. उनके तीन साल के कार्यकाल के दौरान भारत ने दो बार टी20 विश्व कप जीता, जबकि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती. हालांकि अजीत अगरकर अभी भी तकनीकी रूप से मुख्य चयनकर्ता हैं, लेकिन रिपोर्टों से स्पष्ट संकेत मिला है कि पूर्व खिलाड़ी अपने मौजूदा अनुबंध के अंत में अपना कार्यकाल समाप्त कर देंगे. वह वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए टीम चयन में शामिल थे, लेकिन कई नामों को पहले ही इस पद से जोड़ा जा चुका है. आर अश्विन को लगता है कि मौजूदा चयन समिति के सदस्यों में से ही किसी एक को चयनकर्ताओं का अगला अध्यक्ष नामित किया जाएगा.
'अगरकर ने फैसले दिल से लिए'
अश्विन बोले, 'हम चयन के बाद हमेशा बात करते हैं कि इस खिलाड़ी को यहां होना चाहिए था, उस खिलाड़ी को वहां नहीं होना चाहिए था, और इन सभी गलतियों के बारे में चर्चा करते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने जो भी फैसले लिए, वे अपने दिल से लिए. इसलिए मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल बहुत अच्छा रहा. इसके बाद जो भी आएगा, उसके लिए यह और भी कठिन होगा क्योंकि उन्हें टीम प्रबंधन के साथ तालमेल बिठाना होगा। जो कोई भी चयन समिति में पहले से है. मुझे लगता है कि उनमें से ही कोई एक अध्यक्ष बनेगा.'
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