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IRS एकता व‍िश्‍नोई कौन हैं? ज्‍वाइंट सेक्रेटरी से USA में पदकों की झड़ी लगाने तक की पूरी कहानी

3 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल जीतने वाली IRS अफसर एकता विश्नोई वर्तमान में जैव प्रौद्योगिकी विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में प्रतिनियुक्ति पर हैं.

IRS एकता व‍िश्‍नोई कौन हैं? ज्‍वाइंट सेक्रेटरी से USA में पदकों की झड़ी लगाने तक की पूरी कहानी
IRS Ekta Vishnoi
X (formerly Twitter)

भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अफसर एकता विश्नोई इन दिनों अपनी खेल उपलब्धि को लेकर सुर्खियों में हैं. अमेरिका के नेवादा स्थित रेनो शहर में  आयोजित IPF वर्ल्ड मास्टर्स क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल जीता. इतना ही नहीं, अपनी कैटेगरी में उन्होंने ओवरऑल पावरलिफ्टिंग गोल्ड भी अपने नाम किया. खेल खत्म होने के बाद एकता अब भारत लौट आई हैं.

57 किलोग्राम महिला मास्टर्स-2 कैटेगरी में एकता ने कुल 362.5 किलोग्राम वजन उठाया. इसमें उन्होंने स्क्वाट में 130 किलोग्राम, बेंच प्रेस में 72.5 किलोग्राम और डेडलिफ्ट में 160 किलोग्राम का प्रदर्शन किया. इस दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने जापान और कनाडा की मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया.

पहली भारतीय महिला पावर लिफ्टर

एकता की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह मास्टर्स-2 वर्ग में वर्ल्ड मास्टर्स क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पावरलिफ्टर बनी हैं. एकता ने सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ खेल के प्रति अपना समर्पण बनाए रखा और विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन किया.

कोच नहीं पहुंच पाए अमेरिका, फिर भी नहीं टूटा हौसला

एकता का ये सफर आसान नहीं रहा है, क्योंकि टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्हें एक खबर से बड़ा झटका लगा, जब उनके कोच सुनील कुमार का अमेरिकी वीजा मंजूर नहीं हो सका. ऐसे में उन्हें बिना कोच के प्रतियोगिता में उतरना पड़ा. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और वीडियो कॉल के जरिए लगातार कोच से मार्गदर्शन लेती रहीं. टीम अधिकारी बिनु इब्राहिम की मदद और कोच की रणनीति के दम पर एकता ने प्रतियोगिता में अपना बेस्ट प्रदर्शन किया. 

स्क्वाट के बाद बना ली थी 20 किलो की बढ़त

कोच सुनील कुमार के मुताबिक टीम की रणनीति शुरुआत से ही स्पष्ट थी. स्क्वाट इवेंट खत्म होने तक एकता अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर करीब 20 किलोग्राम की बढ़त बना चुकी थीं. बेंच प्रेस में भी उन्होंने यह बढ़त बरकरार रखी और अंत में डेडलिफ्ट में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया.

एकता ने कहा- उम्र कभी बाधा नहीं बनती

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की विज्ञप्ति के अनुसार, एकता विश्नोई ने कहा कि वर्ल्ड मास्टर्स चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि 362.5 किलोग्राम का कुल स्कोर वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है. एकता का मानना है कि उनका सफर खासकर 40 और 50 वर्ष की महिलाओं को प्रेरित कर सकता है. उन्होंने कहा कि यदि इच्छाशक्ति और मेहनत हो तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती.

कौन हैं एकता विश्नोई?

भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की 1999 बैच की अधिकारी एकता आयकर विभाग (CBDT) कैडर से जुड़ी हैं. वर्तमान में जैव प्रौद्योगिकी विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी हैं. पावरलिफ्टिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं. यह कहानी केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक ऐसी अधिकारी की है जिसने सरकारी सेवा और खेल, दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर यह साबित किया कि समर्पण, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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