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भारतीय बॉक्सिंग में बगावत, खेमेबाज़ी से लेकर जंतर- मंतर तक पर धरना की धमकी, 13 नवंबर को अदालत के फैसले से पहले बिछ रहीं बिसातें

भारतीय बॉक्सिंग में प्रशासनिक विवाद गहराता नजर आ रहा है. BFI अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज के खिलाफ कई राज्य संघों और पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है.

भारतीय बॉक्सिंग में बगावत, खेमेबाज़ी से लेकर जंतर- मंतर तक पर धरना की धमकी, 13 नवंबर को अदालत के फैसले से पहले बिछ रहीं बिसातें
भारतीय बॉक्सिंग में प्रशासनिक विवाद गहराता नजर आ रहा है

भारतीय बॉक्सिंग में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है. बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज को लेकर विभिन्न राज्य बॉक्सिंग संघों के पदाधिकारियों ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित द सूर्या होटल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में आयोजित बैठक के दौरान गहरी नाराजगी जताई और खुलकर विरोध दर्ज कराया. इस समूह ने दावा किया कि देश में बॉक्सिंग संघ के 35 में से 27 सदस्य सीधे उनके साथ हैं.

बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने फेडरेशन के कामकाज में कथित मनमानी, एकतरफा फैसलों और राज्य संघों की सीमित भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने भारतीय बॉक्सिंग के बेहतर भविष्य के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

BFI के अंतरिम उपाध्यक्ष राजेश भंडारी, दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (DABA) के उपाध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन और महासचिव प्रमोद कुमार के साथ इस समूह ने दावा किया कि बैठक में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, गोवा, असम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और झारखंड सहित 27 राज्य इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

यह भी दावा किया गया कि 13 सदस्यीय कार्यकारी समिति में से आठ सदस्य भी बैठक में शामिल हुए. इनमें महासचिव प्रमोद कुमार, उपाध्यक्ष राजेश भंडारी और लियोनार्डो डी'गामा, कोषाध्यक्ष पोन भास्करन तथा दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन एवं मध्य प्रदेश स्टेट एसोसिएशन के दिग्विजय सिंह जैसे प्रमुख सदस्य शामिल थे. ये सभी मंच पर एकजुट दिखाई दिए.

बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में BFI के पदाधिकारियों और विभिन्न राज्य बॉक्सिंग संघों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं मीडिया के सामने रखीं और भारतीय बॉक्सिंग के प्रशासन में सुधार के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया.

रोहित जैनेन्द्र जैन ने कहा कि वे BFI को अजय सिंह के नियंत्रण से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं. दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (DABA) के उपाध्यक्ष रोहित जैनेन्द्र जैन ने BFI अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अजय सिंह का एक ही काम रह गया है कि जो उनके कहे अनुसार नहीं चलता, उस पर आरोप लगाकर उसे पद से हटा दिया जाता है.

मीडिया द्वारा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रोहित जैन ने कहा कि वह पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और आगे भी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा, "मैं पहले भी चुनाव लड़ा था और अब भी लड़ूंगा, लेकिन उससे पहले BFI को अजय सिंह के चंगुल से मुक्त कराने की लड़ाई हम लड़ रहे हैं. हमारा उद्देश्य फेडरेशन के कामकाज में सुधार लाना और भारतीय बॉक्सिंग के हितों की रक्षा करना है."

BFI के अंतरिम उपाध्यक्ष राजेश भंडारी ने कहा कि अदालत और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए 28 अक्टूबर को विशेष आम बैठक (SGM) आयोजित नहीं की गई और न ही अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. उन्होंने कहा, "अदालत का सम्मान करते हुए हम आज विशेष आम बैठक नहीं कर रहे हैं और न ही अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं. लेकिन हम सभी अजय सिंह के कामकाज के खिलाफ एकजुट हैं और BFI को बेहतर बनाने के लिए संकल्पित हैं."

इस समूह के सदस्यों ने पहले केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और उसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात कर अपनी बात रखी और उन्हें ज्ञापन सौंपे. रोहित जैन ने यह भी कहा, "13 नवंबर को अदालत के फैसले के बाद हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे."

BFI के महासचिव प्रमोद कुमार ने अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में फेडरेशन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संगठन को एक व्यक्ति तक सीमित कर दिया गया है. उन्होंने कहा, "अजय सिंह ने BFI को वन मैन संगठन में तब्दील कर दिया है. आज आप सभी देख सकते हैं कि इक्का-दुक्का राज्य संघों को छोड़कर लगभग सभी राज्य संघों के प्रतिनिधि यहां बैठक में आकर भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन को बेहतर बनाने के लिए हमारे साथ खड़े हैं." उन्होंने कहा कि भारतीय बॉक्सिंग के विकास के लिए राज्य संघों की प्रभावी भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद आवश्यक है.

मध्य प्रदेश बॉक्सिंग स्टेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह ने भी फेडरेशन के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा, "अजय सिंह ने BFI को स्पाइसजेट के कार्यालय में बदल दिया है, जहां हमारे लोगों को उनसे मिलने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है." दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी के जरिए राज्य संघों के प्रतिनिधियों ने फेडरेशन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने और अपनी समस्याओं पर समयबद्ध सुनवाई नहीं होने को लेकर नाराजगी जाहिर की.

खेल मंत्री और पीटी उषा को सौंपा गया ज्ञापन

भारतीय बॉक्सिंग से जुड़े मुद्दों को उचित स्तर पर उठाने के लिए BFI के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य BFI को मजबूत बनाना, प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा राज्य संघों और खेल से जुड़े अन्य हितधारकों की निर्णय प्रक्रिया में सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना है.

13 नवंबर को अदालत के फैसले के बाद तय होगी अगली रणनीति

बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करेंगे और 13 नवंबर 2026 को अदालत के फैसले के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे. प्रतिनिधियों ने भारतीय बॉक्सिंग के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर काम करने तथा फेडरेशन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी संगठन बनाने के अपने संकल्प को दोहराया.

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