रविवार को एक क्रूज़ शिप पर सॉना लेते समय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स फाइटर वरुण सान्याल बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन एक अधिकारी के अनुसार, अब वे खतरे से बाहर हैं.प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल के बेटे वरुण, अपनी प्रतियोगिता के लिए अपना वज़न कम करने की कोशिश कर रहे थे. रविवार को वरुण सान्याल का मुकाबला था. 77 किग्रा कैटेगरी के भारतीय को वज़न-माप (वे-इन) प्रक्रिया के दौरान प्रतियोगिता के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद एशियाई खेलों से बाहर कर दिया गया.
MMA स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष निखिल कुंडेरा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया,"अच्छी बात यह रही कि नेपाल के एक एथलीट ने उन्हें उस हालत में देखा और जगाया.वरुण मुझे फ़ोन कर पाए और हम उन्हें अस्पताल ले गए.चिंता की कोई खास बात नहीं थी, इसलिए उन्हें सुबह करीब 3:00 बजे क्रूज़ पर वापस लाया गया. अब उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं."
वज़न कम करने की प्रक्रिया के तहत सॉना जाने से पहले, वरुण साथी भारतीय एथलीट सुचिका तरियाल की मदद कर रहे थे। इस सेशन के बाद, उन्हें मांसपेशियों में तेज़ ऐंठन हुई और उन्हें चक्कर आने लगे और वे लड़खड़ाने लगे.
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, वज़न कम करते समय वरुण ने खाना-पीना कम कर दिया था. रिपोर्ट में उन्हें हल्के डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या भी बताई गई. उनके ब्लड टेस्ट में इलेक्ट्रोलाइट से जुड़ी कोई गड़बड़ी नहीं मिली, जबकि उनका बनलेवल नॉर्मल रेंज की ऊपरी सीमा पर था.
उनकी फिटनेस का आकलन करते हुए लिखा गया,"वज़न कम करने की प्रक्रिया के दौरान, जिसमें खाना और तरल पदार्थ कम लेना शामिल था, सॉना लेने के 30 मिनट बाद उन्हें चक्कर आना, सिर घूमना और मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हुई."
वरुण एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम में शामिल दो एमएमए फ़ाइटर्स में से एक हैं और इस कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन में उन्हें काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कई दूसरे एथलीट्स की तरह, उन्हें भी जापान पहुंचने पर कमरा पाने में काफ़ी परेशानी हुई थी. टीम में शामिल दूसरी एमएमए फ़ाइटर -- सुचिका तरियाल -- ने अपना क्वार्टर-फ़ाइनल मुक़ाबला जीता और भारत के लिए मेडल पक्का किया. अब वह महिलाओं के 60kg इवेंट के सेमी-फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी.
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