- दिल्ली में ईस्ट से साउथ के बीच की ट्रैफिक की समस्या जल्द खत्म होने वाली है.
- 29 सितंबर को दिल्ली में बारापुला फेज-III का उद्घाटन होने जा रहा है.
- इससे मयूर विहार से AIIMS का सफर अब 15 मिनट में पूरा हो जाएगा.
दिल्ली में अब मयूर विहार से AIIMS का सफर 15 मिनट में पूरा हो जाएगा. क्योंकि दिल्ली के लोगों को 29 सितंबर को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. बारापुला फेज-III इस दिन से आम लोगों के लिए खुल जाएगा. जिससे दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या बहुत हद तक कम हो जाएगी. इसके अलावा यह दिल्ली नोएडा के ट्रैफिक को भी कम करने में बहुत मदद करेगा. दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री परवेश साहिब सिंह के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता इस परियोजना की शुरुआत करेगी. करीब 1635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 3.5 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड कॉरिडोर खुलते ही दिल्ली में ट्रैफिक का नक्शा बदल जाएगा. जहां ईस्ट से साउथ दिल्ली के बीच मजबूत कनेक्टिविटी होगी. सराय काले खां और डीएनडी फ्लाइओवर के बीच का जाम भी खत्म होगा. बारापुला फेज-3 नोएडा दिल्ली के बीच लाइफलाइन का काम करेगा.
बारापुला फेज-III का रूट
- मयूर विहार फेज-1
- एलिवेटेड रोड
- यमुना नदी
- सराय काले खां
पूरा सिग्नल-फ्री रूट मैप
दिल्ली में बारापुला फेज-III का यह पूरा रूट सिग्नल-फ्री बनाया गया है. दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 से शुरू होकर यह एलिवेटेड रोड सीधे यमुना नदी को पार करते हुए सराय काले खां पहुंच जाएगा. सराय काले खां पर इस नए कॉरिडोर में कुल 8 लूप, 4 मयूर विहार की तरफ और 4 सराय काले खां की तरफ दिए गए हैं. सराय काले खां पर यह कॉरिडोर पहले से मौजूद बारापुला के पुराने हिस्से से मर्ज हो जाएगा, जो आगे जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम, जंगपुरा और लिंक्ड रैम्प्स के जरिए सीधे आईएनए (INA), अरविंदो मार्ग और एम्स (AIIMS) तक जाता है.
ईस्ट और साउथ दिल्ली की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
बारापुला फेज-III खुलने से ईस्ट और साउथ दिल्ली को सुपरफास्ट कनेक्टिविटी बढ़ने वाली है. फिलहाल मयूर विहार से एम्स या दक्षिण दिल्ली जाने में पीक आवर्स में कम से कम 45 से 60 मिनट का समय लगता है. लेकिन यह कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह सफर महज 15 मिनट का रह जाएगा, यानि 40 से 45 मिनट की बचत होगी. यह कॉरिडोर सराय काले खां को दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे, अंतरराज्यीय बस टर्मिनस और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल नेटवर्क तक बिना किसी रेड लाइट के जा सकेंगे.
नोएडा दिल्ली की लाइफलाइन
नोएडा से दिल्ली के बीच का ट्रैफिक भी बहुत हद तक कम हो जाएगा. पूर्वी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद से साउथ दिल्ली या एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक 'लाइफलाइन' साबित होगा. बता दें कि साल 2014-15 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था. अब 29 सितंबर से यह कॉरिडोर दिल्ली की रफ्तार को एक नई विंग्स देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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