- राहुल के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री की गई थी, जिसमें बुजुर्ग महिला का मजाक उड़ाया गया
- भाजपा ने इस मिमिक्री के दौरान बुजुर्ग महिला का अपमान होने का आरोप लगाया है और इसे गंभीर मामला बताया है
- पुलकित मनी ने PM मोदी की रैली के दौरान बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी मांगने का मजाक बनाया था
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री की गई थी. इस दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसे लेकर अब राहुल गांधी निशाने पर हैं. भाजपा ने पीएम मोदी की मिमिक्री किए जाने के दौरान एक बुजुर्ग महिला का अपमान किए जाने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी के मंच पर एक मिमिक्री आर्टिस्ट पुलकित मनी पहुंचे थे. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की थी और उनकी एक रैली के दौरान बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी मांगे जाने का मजाक उड़ाया था. अब इसे लेकर भाजपा हमलावर है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवान ने इसे बुजुर्ग मां का अपमान करार दिया. उन्होंने लिखा, 'एक तरफ सम्मान और अपनापन, दूसरी तरफ़ बुज़ुर्ग मां का मजाक.'
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का कहना है कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता नहीं हैं बल्कि ट्रोल्स के नेता हैं. यही नहीं राहुल गांधी के आयोजन का ही वीडियो ट्वीट करते हुए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मंच पर पीएम मोदी की दिवंगत मां का अपमान हुआ है. उनके अलावा मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला है. उनका कहना है कि अकसर राहुल गांधी ऐसा करते हैं. यदि छात्रों का आयोजन था तो उन्हें उनसे बात करनी चाहिए थी. उनसे सवाल और जवाब कर सकते थे, लेकिन इस तरह पीएम मोदी की मिमिक्री करना और एक बुजुर्ग महिला का अपमान किया जाना गलत है.
एक तरफ़ सम्मान और अपनापन, दूसरी तरफ़ बुज़ुर्ग माँ का मज़ाक।
— Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) September 20, 2026
संस्कार मंच से नहीं, व्यवहार से दिखते हैं। यही फर्क है! pic.twitter.com/5GEfLJL3tF
इस पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने जवाब भी दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं कि प्रल्हाद जोशी समझ नहीं पाते. उन्हें भाषा का ज्ञान नहीं है और न ही विषय का ज्ञान है. राहुल गांधी के मंच पर मां वाली तो कोई बात ही नहीं हुई. राहुल गांधी ने तो पीएम मोदी की मां का जिक्र ही नहीं किया. वह अकसर बेतुकी बातें करते हैं. मैं तो राहुल गांधी का वीडियो दो बार देख चुका, लेकिन उसमें वाली तो बात ही नहीं है. कम से कम सही बात करनी चाहिए. शिक्षा मंत्री खुद ही अशिक्षित जैसी बातें करते हैं. कोई आरोप लगाओ तो उसमें कुछ तो सच्चाई हो. 100 फीसदी न हो तो कम से कम 10 या 20 पर्सेंट ही हो.'
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