विज्ञापन

एशियन गेम्स 2026: जिस खेल में भारत पहली बार मेडल जीतने से एक कदम दूर, उसके बारे में आप शायद जानते भी नहीं होंगे

फुटबॉल और टेबल टेनिस का अनोखा संगम, टेकबॉल में भारत के पहले मेडल की उम्मीद. क्विम्सी डिसूजा मेडल जीतकर इतिहाच रच सकती हैं.

एशियन गेम्स 2026: जिस खेल में भारत पहली बार मेडल जीतने से एक कदम दूर, उसके बारे में आप शायद जानते भी नहीं होंगे
एशियन गेम्स में भारत पहली बार टेकबॉल में मेडल जीतने से एक कदम दूर है

एशियन गेम्स 2026 में भारत एक ऐसे खेल में मेडल जीतने के करीब है, जिसके बारे में फैंस को क्या दिग्गज भी अधिक नहीं जातने हैं. यह खेल है टेकबॉल. शानिवार सुबह भारतीय स्टार  क्विम्सी डिसूजा भले ही सेमीफाइनल में हार गईं और उनके गोल्ड की उम्मीद टूट गईं, लेकिन इस  खेल में भारत पहली बार पदक हासिल करने का दावेदार अभी भी बना हुआ है, क्योंकि  क्विम्सी डिसूजा रविवार को ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेंगी. एशियाई खेलों में पहली बार टेकबॉल को शामिल किया गया है और भारत इसमें पहला पदक हासिल कर सकता है.अगर क्विम्सी डिसूजा पोडियम पर पहुंचने में सफल रहीं तो यह न सिर्फ इस खेल में भारत का पहला एशियाड का मेडल होगा, बल्कि देश में टेकबॉल को एक पहचान भी दिलाएगा. क्विम्सी का मेडल कितना अहम होगा, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चार साल पहले, हांग्झू एशियन गेम्स के समय, क्विंसी ने टेकबॉल के बारे में जाना था और चार साल बाद, वह महाद्वीप के इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं.

2014 में हुई शुरुआत

अगर आपने कभी फुटबॉल खिलाड़ियों को अभ्यास करते देखा हो तो शायद आपने टेकबॉल भी खेलते हुए देखा होगा. कैसे? टेकबॉल फुटबॉल की प्रैक्टिस ड्रिल जैसा है, जिसमें खिलाड़ी फुटबॉल को टेबल टेनिस की तरह खेलते हैं ताकि उनका कंट्रोल और तालमेल बेहतर हो सके. असल में इसकी शुरुआत ऐसे ही हुई थी. फ़ुटबॉल के शौकीनों और पूर्व प्रोफेशनल खिलाड़ियों के एक ग्रुप ने 2014 में हंगरी में फुटबॉल और टेबल टेनिस के नियमों को मिलाकर यह खेल बनाया था.

फुटबॉल-टेबल टेनिस का मिश्रण

एक मुड़ी हुई टेबल पर खेले जाने वाले टेकबॉल में सिंगल्स और डबल्स गेम होते हैं. खिलाड़ियों को बॉल वापस करने से पहले एक तरफ ज्यादा से ज्यादा तीन बार बॉल को छूने की इजाज़त होती है, और वे शरीर के एक ही हिस्से से लगातार दो बार बॉल को नहीं छू सकते.  डबल्स में, टीम के साथियों को कम से कम एक बार एक-दूसरे को बॉल पास करनी होती है. विजेता का फैसला 'बेस्ट ऑफ़ थ्री' सेट के आधार पर होता है, जिसमें हर सेट 12 पॉइंट तक खेला जाता है.

इस खेल में हर खिलाड़ी को 2 सर्विस मिलती है.सर्विस के समय गेंद को पहले अपनी तरफ टेबल पर टप्पा खिलाना होता है, फिर उसे नेट के पार भेजना होता है. अगर सर्विस में रिबांड पर खिलाड़ी ने आपने पैर से पहला टच लिया है, तो दूसरा टच पैर से नहीं ले सकते. अगर गेंद हाथ या बाजू से गेंद छू जाती है तो अंक विरोधी खिलाड़ी को मिल जाते हैं. इसके अलावा अगर गेंद गेंद टेबल पर नहीं गिरती, गेंद नेट में फंस जाती है, खिलाड़ी 3 टच में गेंद वापस नहीं भेज पाता तो भी विरोधी खिलाड़ी को अंक मिलते गैं.

टेकबॉल की कुछ रोमांचक बातें

ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो इस खेल को प्रमोट कर चुके हैं. जिससे इसकी लोकप्रियता दुनिया भर में तेजी से बढ़ी. इस खेल में स्किल काफी मुश्किल है, क्योंकि खिलाड़ियों को फुटबॉल को कंट्रोल करना, बैलेंस करना, टाइमिंग और जबरदस्त रिफ्लेक्स का प्रदर्शन करना पड़ता है. यही वजह है कि इसे सबसे तकनीकी खेलों में से एक माना जाता है. इस खेल में कई बार रैलियां काफी रोमांचक होती हैं.

यह भी पढ़ें: एशियन गेम्स रवाना होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की बढ़ी टेंशन, कपड़ों को लेकर आई बड़ी समस्या

यह भी पढ़ें: 25 देशों के 80 शेफ, मेन्यू में 120 डिशेज...एशियन गेम्स में एथलीटों को मिलेगा घर जैसा खाना

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Asian Games 2026, Sports News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com