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इवेंट के बाद फूट-फूट कर रोने लगीं मनु भाकर, जानें ऐसा क्या हुआ

मनु भाकर से बुधवार को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन उन्होंने खासा निराशा किया और वह कुल मिलाकर पांचवें नंबर पर रहीं

इवेंट के बाद फूट-फूट कर रोने लगीं मनु भाकर, जानें ऐसा क्या हुआ
मनु भाकर ने चौथे दिन उम्मदों पर खरी नहीं उतरी
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एशियन खेलों में बुधवार को जहां वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने करोड़ों भारतीयों को गौरवान्वित किया, तो वहीं शूटर मनु भाकर की नाकामी निराशा दे गई. पदक से चूकने के बाद उन्होंने खुद को संभाले रखा, लेकिन जैसे ही जसपाल राणा का नाम आया, मनु भाकर अपनी भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठीं. उन्होंने इस दिग्गज निशानेबाज़ से मिली करियर और जीवन की सलाहों को याद किया, जिनका कुछ महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. भाकर बुधवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहीं. बुधवार को पोडियम (पदक) से चूकने के बाद जब इस पिस्टल दिग्गज के बारे में पूछा गया, तो भाकर फूट-फूट कर रो पड़ीं. उन्होंने मिले उन सबक के बारे में बात की जो वे उनके लिए छोड़ गए थे.

भाकर ने कहा, 'अगर मैं उन सभी सालों को याद करूं, तो ऐसा नहीं है कि आप एक या दो बार याद करते हैं, यह आपके साथ रहता है. जब कोई व्यक्ति आपके जीवन का एक बड़ा हिस्सा रहा हो, तो वह हमेशा आपके साथ रहता है.' जसपाल राणा ने खुद एशियाई खेलों के अलग-अलग संस्करणों में मिलाकर 8 वदक जीते हैं. फैंस अभी भी साल 2006 के उन लम्हों को याद करते हैं, जब उन्होंने बुखार के बावजूद तीन पदक जीते.

मनु बोलीं, 'कोच के रूप में राणा का सबसे स्थायी पाठ परिणाम के बजाय प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना था. भाकर ने एशियाई खेल के फाइनल में इस सलाह का पालन करने की कोशिश की थी, जहां एक 8.9 के शॉट ने उनकी पदक की संभावनाओं को काफी नुकसान पहुंचाया. वे हमेशा प्रक्रिया को लेकर इतने अडिग रहते थे कि आपको जीवन के किसी भी दिन, किसी भी मोड़ पर, जब भी आप शूटिंग करें, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने और अपनी प्रक्रिया का पालन करने में सक्षम होना चाहिए.' भाकर ने अपने पूर्व गुरु को एक एशियाई चैंपियन और "सर्वश्रेष्ठ में से सर्वश्रेष्ठ" याद करते हुए कहा कि कैसे वे उनकी देख-रेख में जापान में प्रतिस्पर्धा करने का इंतजार कर रही थीं.

ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता भाकर ने कहा, 'बेशक, वे एशियाई चैंपियन की तरह थे, वे सर्वश्रेष्ठ में से सर्वश्रेष्ठ थे। जब मैं (2018 जकार्ता) एशियाई खेलों में आई थी, तो मुझे लगता है कि वे निर्विवाद चैंपियन की तरह थे. मैं वास्तव में जापान आने का इंतजार कर रही थी और परिस्थितियां ऐसी हो गईं.'  क्या उन्हें एशियाई खेलों के बारे में उनकी कही कोई बात याद है, तो भाकर ने कहा कि उनकी कही हर बात उनके लिए बहुत गहरी और अर्थपूर्ण थी.

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