मोहन बागान ने गुरुवार (आठ अक्टूबर 2026) को आईएफए शील्ड के फाइनल मुकाबले में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल को 1-0 से शिकस्त देते हुए खिताब अपने नाम कर लिया है. टीम की जीत में बोस्नियाई मिडफील्डर समीर जेल्जकोविच का अहम योगदान रहा. जिन्होंने टीम के लिए पहले हाफ के अंतिम क्षणों में शानदार तरीके से गोल किया. यह 22वीं बार है जब मोहन बागान ने प्रतिष्ठित आईएफए शील्ड को अपने नाम किया है. करीब पांच दशक बाद उन्होंने एक ही सत्र में कलकत्ता फुटबॉल लीग और आईएफए शील्ड जीती है. पिछली बार जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी, तब दिवंगत पीके बनर्जी कोच थे.
समीर जेल्जकोविच ने 45वें मिनट में किया गोल
सॉल्ट लेक स्टेडियम में मुकाबले के दौरान एकमात्र गोल समीर जेल्जकोविच की तरफ से देखने को मिला. सहाल अब्दुल समद ने बॉक्स के अंदर शानदार तरीके से चिप पास डाली थी. जहां जेल्जकोविच ने पहले सीने से नियंत्रित किया, फिर विपक्षी टीम के गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को गोल में तब्दील कर दिया. जेल्जकोविच की तरफ से यह गोल 45वें मिनट में देखने को मिला, जो कि फाइनल मुकाबला का एकमात्र गोल भी रहा.
This one's for you Mariners ✨ The IFA Shield stays at the home of Green-Maroon 💚♥️ #MBSG #JoyMohunBagan #আমরাসবুজমেরুন https://t.co/X3H0Ppr3U6
— Mohun Bagan Super Giant (@mohunbagansg) October 8, 2026
मोहन बागान ने 22वीं बार जीता आईएफए शील्ड
मोहन बागान ने 22वीं बार आईएफए शील्ड का खिताब अपने नाम किया है. पहली बार टीम को प्रतिष्ठित अवॉर्ड 1911 में मिली थी. उसके बाद टीम 1929, 1932, 1933, 1934, 1935, 1937, 1939, 1947, 1949, 1954, 1956, 1958, 1960, 1962, 1969, 1977, 1979, 1987, 1992, 2003 और 2026 में भी खिताब अपने नाम करने में कामयाब रही.
ईस्ट बंगाल ने जीते हैं सबसे ज्यादा 29 आईएफए शील्ड
सर्वाधिक बार आईएफए शील्ड जीतने का रिकॉर्ड ईस्ट बंगाल का नाम दर्ज है. जिन्होंने 29 बार प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम किया है. मोहन बागान की टीम दूसरे पायदान पर काबिज है. उनके खाते में 22 बार आईएफए शील्ड आए हैं.
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