डीएमके सांसद कनिमोझी (DMK MP Kanimozhi) ने बुधवार को कहा कि हिंदी का ज्ञान होना ही राष्ट्रवाद है यह मानना शर्मनाक' है. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पहले से ही किसी की पहचान स्थापित करने में भाषाओं को बाहर कर दिया है. तमिलनाडु के थूथुकुडी से लोकसभा सांसद ने राज्य के एक बीजेपी नेता एच राजा (H.Raja) के दावों को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने दावा किया कि कनिमोझी धाराप्रवाह हिंदी जानती हैं और उन्होंने दिवंगत पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल की दक्षिण के राज्यों में यात्रा लिए उनके अनुवादक के रूप में काम किया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सुश्री कनिमोझी ने बीती शाम चेन्नई में संवाददाताओं से कहा, "मुद्दा हिंदी जानने या न जानने का नहीं है. यह शर्मनाक है (कहने के लिए) मैं भारतीय तभी हो सकती हूं जब मैं इसे जानती हूं"
CISF ने खारिज किए कनिमोझी के आरोप, हवाई अड्डों पर स्थानीय भाषा जानने वाले और कर्मी होंगे तैनात
बता दें कि कि भाषा पर राजनीति, दक्षिण में एक संवेदनशील मुद्दा, रविवार को इसका एक नया नज़रिया देखने को मिला, जब 9 अगस्त को द्रमुक सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया था कि हवाई अड्डे पर एक सीआईएसफ (CISF) कर्मी ने उनसे भारतीय होने के संबंध में सवाल पूछा क्योंकि उन्हें हिंदी नहीं आती.
Today at the airport a CISF officer asked me if “I am an Indian” when I asked her to speak to me in tamil or English as I did not know Hindi. I would like to know from when being indian is equal to knowing Hindi.#hindiimposition
— Kanimozhi (கனிமொழி) (@KanimozhiDMK) August 9, 2020
अगले दिन बीजेपी नेता एच राजा ने दावा किया कि कनिमोझी वास्तव में हिंदी जानतीं हैं. राजा ने ट्वीट किया, 'यह ट्वीट कई सवाल खड़े करता है, जब दिवंगत पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल' तमिलनाडु आए थे तो उनकी हिंदी की स्पीच कनिमोझी ने तमिल में ट्रांसलेट की थी. तो उनका यह दावा कि उन्हें हिंदी नहीं आती है...एक सफेद झूठ है.तो बीएल संतोष ने सही आंका, चुनाव अभी बहुत दूर है.
The tweet raises many doubts. When the former https://t.co/MHGGtFGcl3 Devilal came to TN his speech in Hindi was translated into Tamil by Kanimozhi. So her claim that she did not know Hindi is a white lie. So @blsanthosh was right in observing that the election is still far away. https://t.co/4V6d8YOPed
— H Raja (@HRajaBJP) August 10, 2020
समाचार एजेंसी एनआई के मुताबिक आज कनिमोझी ने बीजेपी नेता के दावों पर पलटवार करते हुए दोहराया कि उन्होंने कभी स्कूल में हिंदी की पढ़ाई नहीं की. "मैंने किसी के लिए हिंदी का अनुवाद नहीं किया, यहां तक कि अंग्रेजी का भी मैंने अनुवाद नहीं किया. मैं भाषा जाने बिना कैसे अनुवाद कर सकती हूं? मेरे स्कूल में मैंने केवल तमिल और अंग्रेजी सीखी. यहां तक कि (बाद में) कई सालों तक दिल्ली में रहने के बाद भी मुझे हिंदी नहीं आती है "
हिंदी में नहीं बोल सकने पर CISF अधिकारी ने उनसे पूछा, क्या वह भारतीय हैं: कनिमोझी
उन्होंने कहा, "कई नेताओं को भी पता है कि मुझे हिंदी नहीं आती है. मुद्दा यह नहीं है कि मुझे या किसी को हिंदी आती है या नहीं. मुद्दा यह है कि हिंदी सीखने से कैसे एक भारतीय बनेगा, यह विचार कि अगर हम एक विचारधारा का पालन करते हैं, हिंदी बोलें और एक धर्म का पालन करें हम भारतीय हैं. यह बहुत ही निंदनीय है."
सीआईएसएफ ने कनिमोझी के दावों को किया खारिज
हालांकि सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कनिमोझी के आरोपों का खंडन किया और कहा कि महिला अधिकारी से हुई आरंभिक पूछताछ में इसकी पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारी ने कहा कि नौ अगस्त को चेन्नई हवाई अड्डे पर जिस महिला अधिकारी ने सांसद से बात की, उसने पूछताछ के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि उसने “वह शब्द नहीं कहे थे जो कनिमोझी कह रही हैं. बल्कि उसने केवल इतना ही कहा था कि हिंदी भी भारतीय या आधिकारिक भाषा है.” कनिमोझी ने घटना के बारे में ट्वीट कर हिंदी थोपे जाने का आरोप लगाया था.
कनिमोझी के साथ हिन्दी को लेकर भेदभाव पर बोले चिदम्बरम, 'नया कुछ नहीं, मैंने भी झेला है...'
सीआईएसएफ अधिकारियों ने कहा कि चेन्नई हवाई अड्डे पर तैनात महिला अधिकारी से उसके आचरण के संबंध में कॉउंसलिंग की गई. उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी दक्षिण भारतीय राज्य की रहने वाली है और उसने सामान्य सुरक्षा जांच के दौरान हिंदी में कनिमोझी से बात की थी. सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “उसने जांच दल को बताया कि उसने सांसद के हिंदी न जानने को लेकर उनकी भारतीयता के संबंध में कोई सवाल नहीं पूछा. अधिकारी ने सांसद से केवल इतना कहा कि हिंदी भी एक भारतीय या आधिकारिक भाषा है.”
कनिमोझी द्वारा इस मसले पर ट्वीट किए जाने के बाद सीआईएसएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और किसी एक भाषा को थोपना सीआईएसएफ की नीति नहीं है.सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने पीटीआई से कहा, “हमारा ध्यान इस पर रहता है कि किसी भी प्रकार से संपर्क अच्छी तरह स्थापित होना चाहिए.”
(इनपुट एजेंसी भाषा और एएनआई से भी )
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं