मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी तोप चोरी होने के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि चोरी गई ऐतिहासिक तोप अभी बरामद नहीं हो सकी है. पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही तोप भी बरामद कर ली जाएगी. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, तोप चोरी की जांच के तार करौली जिले के हिंडौन सदर थानाक्षेत्र के गांवड़ा मीणा गांव से जुड़े पाए गए.
करौली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस ने बताया कि टिम्मू मीणा और अमन मीणा को 400 साल पुरानी लगभग 3.5 टन वजनी तोप के चोरी के मामले में पकड़ा गया है. अमन कुमार करौली जिले के सदर हिण्डौन थाना क्षेत्र में पालनपुर का रहने वाला है, जबकि टिम्मू राम पुत्र भूराराम मीणा गांवड़ा मीणा का निवासी है. इसके अलावा एक पिकअप गाड़ी को भी जब्त किया गया है. जिससे तोप को चोरी करके लाया गया. यह तोप पिछले हफ़्ते चोरी हुई थी. शुरुआती जांच से पता चलता है कि कुछ लोग गाड़ी से किले के पिछले हिस्से में पहुंचे और वहां रखी तोप लेकर भाग गए. पुलिस की जांच जब आगे बढ़ी तो इसके तार राजस्थान के करौली तक जुड़े.
करौली के गांव में तलाशी अभियान
इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने जांच में करौली पुलिस से मदद मांगी थी. नरवर किले से चुराई गई इस विशाल तोप को राजस्थान के करौली-हिंडौन क्षेत्र स्थित मीणा गांव ले जाने की पुख्ता तस्वीरें सामने आई हैं. चोरी की तोप को एक पिकअप गाड़ी में लादकर ले जाया जा रहा था, जिसकी तस्वीरें और वीडियो टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए हैं. पुलिस अब इस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है.
करौली के मीणा गांव में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया. ऐसा शक था कि चोरों ने तोप को जमीन में गाड़ दिया होगा और इसी शक के आधार पर गांव में चार-पांच जगहों पर खुदाई की गई. कई संदिग्ध जगहों पर खुदाई के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गईं और तलाशी में मदद के लिए भरतपुर से 'अंडरग्राउंड मेटल डिटेक्टर' वाली विशेष टीम भी बुलाई गई, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ.

इस बीच, मध्यप्रदेश की पुलिस ने तकनीकी सबूतों के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें अपने साथ ले गई. ऐसी पक्की जानकारी मिली थी कि तोप को करौली जिले के गावड़ा मीणा गांव लाया गया था. पुरातत्व विभाग में चौकीदार रमेश कोली ने थाना नरवर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह नरवर किले के कचहरी महल में ड्यूटी पर तैनात हैं.
16 जुलाई को तोप की हुई थी चोरी
15 जुलाई 2026 की शाम ड्यूटी समाप्त कर लौटने के बाद जब 16 जुलाई की सुबह वापस पहुंचे तो कचहरी महल में रखी 14 ऐतिहासिक तोपों में से एक तोप गायब मिली. आसपास तलाश करने के बावजूद तोप का कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने फरार आरोपियों पर पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया. बाद में आईजी ग्वालियर ने इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया.

राजस्थान के धौलपुर टोल के पास पिकअप में तोप ले जाते लोग.
टीम ने साइबर सेल की सहायता से तकनीकी साक्ष्य जुटाए और घटना स्थल से लेकर विभिन्न टोल प्लाजा व मार्गों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की. जांच में एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप (RJ34GA2980) संदिग्ध रूप से घटना में प्रयुक्त होना सामने आया. वाहन की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच राजस्थान के करौली जिले तक पहुंची. फिलहाल पुलिस ने पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया.
शिवपुरी पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है. चोरी की गई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस दल करौली जिले में लगातार सर्च अभियान चला रहा है. साथ ही इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है.
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