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मड़ीखेड़ा बांध सूखा: शिवपुरी में 60 MW बिजली उत्पादन ठप, बारिश की कमी से 2 बड़े संकट का खतरा 

शिवपुरी जिले में मानसून की कमी से मड़ीखेड़ा (अटल सागर) बांध का जलस्तर बेहद नीचे चला गया है. डैम में पानी की कमी से 60 मेगावाट क्षमता वाली जल विद्युत गृह की तीनों इकाइयां बंद हो गई हैं. जिससे बिजली उत्पादन के साथ जल संकट का भी खतरा मंडरा रहा है.

मड़ीखेड़ा बांध सूखा: शिवपुरी में 60 MW बिजली उत्पादन ठप, बारिश की कमी से 2 बड़े संकट का खतरा 
shivpuri madikheda atal sagar dam power generation stopped monsoon rain deficit.

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की जीवन रेखा माना जाने वाला मड़ीखेड़ा (अटल सागर) बांध पूरी तरह सूख गया है. पानी की कमी से सिंध नदी पर बने इस बांध से जुड़े 60 मेगावाट (20 MW × 3 यूनिट) क्षमता वाले मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह की तीनों इकाइयां पूरी तरह ठप हो गई हैं. इससे बिजली का उत्‍पादन नहीं हो पा रहा है.

बिजली संकट की यह समस्‍या मानसून सीजन में हो रही कम बारिश का नतीजा है. साल 2026 में शिवपुरी में बारिश के आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. कैचमेंट क्षेत्र में सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण बांध का जलस्तर उस न्यूनतम स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे टरबाइन चलाकर बिजली बनाई जा सके.

shivpuri madikheda atal sagar dam power generation stopped

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अब तक 40 से 50 फीसदी कम बारिश

शिवपुरी जिले में इस मानसून सीजन में औसतन 40% से 50% तक बारिश की कमी दर्ज की गई है. मड़ीखेड़ा के जलग्रहण क्षेत्र में पानी की पर्याप्त आवक न होने से बांध के गेट खोलना तो दूर, बिजली उत्पादन के लिए डिस्चार्ज करने लायक पानी भी एकत्र नहीं हो सका है.

रिकॉर्ड बिजली उत्पादन किया था 

बता दें कि अटल सागर बांध की जल विद्युत परियोजना को पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की सबसे सफल और भरोसेमंद परियोजनाओं में गिना जाता रहा है. इससे पूर्व यह जल विद्युत गृह अपनी क्षमता से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक वित्तीय वर्ष में 166.30 मिलियन यूनिट तक का रिकॉर्ड बिजली उत्पादन भी कर चुका है. 

shivpuri madikheda atal sagar dam power generation

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टरबाइन चलाने के लिए पानी नहीं 

बांध स्थल पर मौजूद तकनीकी इंजीनियरों के अनुसार, "टरबाइन चलाने के लिए निश्चित जल दबाव की आवश्यकता होती है. लेकिन, इस बार मड़ीखेड़ा डैम में पानी की कमी होने के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप पड़ा है. अगर, अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है और बांध में जलस्तर पर्याप्त नहीं बढ़ता, तो ये तीनों यूनिट्स पूरे साल बंद रखनी पड़ सकती हैं. हालांकि, राहत की बात यह है क‍ि अभी मानसून सीजन खत्म नहीं हुआ है, इसलिए उम्मीद बनी हुई है. 

shivpuri madikheda atal sagar dam power generation stopped monsoon rain deficit

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बिजली ही नहीं, जल संकट का भी करना पड़ सकता है सामना 

मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह की तीनों यूनिट बंद होने से क्षेत्रीय पावर ग्रिड को मिलने वाली 60 MW हरित ऊर्जा की आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है. वहीं जलस्तर कम रहने से न केवल बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है, बल्कि आने वाले रबी सीजन के लिए सिंचाई और शिवपुरी-ग्वालियर क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ सकता है. 

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