चित्तौड़गढ़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ की दानराशि की गिनती हमेशा चर्चा में रहती है. हर बार मंदिर के चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बनता है. इस बार भी ऐसा ही हुआ. इस महीने मासिक भंडार को 13 जुलाई को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोला गया. मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर मंडल मण्डल अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में 150 से अधिक कार्मिकों ने गिनती की. गिनती 7 चरणों में हुई. मंदिर के मासिक भंडार की दानराशि की गिनती कल, 21 जुलाई को पूरी हुई. इस बार रिकॉर्ड तोड़ 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपए का चढ़ावा आया. भक्तों ने दानराशि के अलावा सोना और चांदी भी चढ़ाया. इस बार 1 किलो 148 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना, 103 किलो 497 ग्राम चांदी भी चढ़ावे में प्राप्त हुई है. मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि चढ़ावे की राशि का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा.

मासिक गिनती 7 चरणों में पूरी हुई
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चंदे की राशि से भक्तों के लिए काम
श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर, मंडफिया के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि चढ़ावे की राशि से मंदिर में यात्रियों की सुविधा के लिए विकास कार्य किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि विशाल मंदिर में यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मशालाएं, सड़क, अस्पताल है, टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. मंदिर में इन सुविधाओं को जारी रखने के साथ बेहतर सुविधा के लिए नए काम भी किए जा रहे हैं.

श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव
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1 जनवरी से पहले दिखेंगे नए काम
हजारी दास वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में बहुत कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा,"लाइन में दर्शन की व्यवस्था को सुगम बनाया जाएगा ताकि भक्त आराम से एसी हॉल में बैठ कर प्रतीक्षा कर सकें जहां टॉयलेट वगैरह की मूलभूत सुविधाएं होंगी. साथ ही कुछ अल्पाहार के लिए हर हॉल के अंदर सुविधा होगी. हमारा प्रयास है कि हम 31 दिसंबर और 1 जनवरी से पहले इसे पूरा कर सकें."

भक्तों ने सोना और चांदी भी चढ़ाया
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सोने चांदी का भी इस्तेमाल
इसके साथ ही मंदिर में चढ़ावे में मिले सोना-चांदी के इस्तेमाल की भी योजना बनाई गई है. इस बार मंदिर में 1 किलो से अधिक सोना और 100 किलो से अधिक चांदी का चढ़ावा आया है.
हजारी दास वैष्णव ने कहा,"मंदिर में आनेवाले सोना चांदी से एक बहुत बड़े रथ का निर्माण करवाया गया था. मंदिर के अंदर एक पिछवई बनवाई गई है जिसमें 120 किलो चांदी लगाकर उसके ऊपर लगभग 20 किलो सोना चढ़ाया गया है. ऊपर के स्वर्ण कलश पर लगभग 18 किलो सोना चढ़ाया गया है. साथ ही आने वाले समय में मंदिर के मुख्य द्वार को भी चांदी का बना कर उसके ऊपर सोना चढ़ाने की योजना बनाई जा रही है."
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