राजस्थान में बीज निगम घूस कांड को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर और उसके साले एसीबी के शिकंजे में फंस चुके हैं. मामले में सियासी तुल और ज्यादा हो गई जब एसीबी के हाथ जुगल किशोर की फोन रिकॉर्डिंग एसीबी के हाथ लगी. जिसमें मंत्री और डॉक्टर की संलिप्तता की बात सामने आई. अब यह मामला राजस्थान की सियासत में फिर से भूचाल लाने वाला है. दूसरी ओर राजस्थान कांग्रेस ने बीज मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच और प्राथमिकी में सामने आए तथ्यों के आधार पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग की है.
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि प्राथमिकी में दर्ज बातचीत में डॉक्टर साहब का फोन आया था” और “गंगानगर वाला भुगतान मंत्री जी को कुछ नहीं आया” जैसे कथित संवाद सामने आए हैं. पार्टी ने सवाल उठाया है कि प्राथमिकी में जिस मंत्री का उल्लेख है और जिस सतीश द्वारा भुगतान तथा सेटिंग की बात कही जा रही है, क्या वह कृषि मंत्री का निजी सहायक सतीश है?
कृषि मंत्री के पद पर बने रहना नैतिकता नहीं
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बने लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. पार्टी के अनुसार सीकर में मंत्री के करीबी बताए जा रहे संदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि संदीप को छुड़ाने की कोशिश करने वाले जुगल किशोर भी जेल पहुंच चुके हैं. कांग्रेस ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बावजूद यदि कृषि मंत्री पद पर बने रहते हैं तो यह नैतिकता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा होगा. पार्टी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और कृषि मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की है.
कांग्रेस का कहना है कि करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने आ सके.
संदीप को बचाने की कोशिश
एक्स पोस्ट में लिखा गया है कि अब क्या बचा है.. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी? इस्तीफा दीजिए. सीकर में संदीप पर आपके नाम से लाखों की उगाही का आरोप लगा, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, लेकिन आपने बचाने की कोशिश की. अब संदीप का नाम ACB की जांच में सामने आ गया है. आपके करीबी गिरफ्तार बीज निगम के पूर्व डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई की कथित बातचीत में साफ कहा जा रहा है.. "संदीप वाले लफड़े से सारा मामला उजागर हो गया." "गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया."
सबसे बड़े सवाल
मीडिया के सामने जिस टीम (संदीप और रजनीश) आप पीठ थपथपा रहे थे, क्या ये संदीप इस पूरे उगाही तंत्र में एक और सबसे अहम किरदार है?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि सीकर में उगाही के आरोपी संदीप के पकड़े जाने और FIR दर्ज होने के बाद भी मंत्री जी उसके बचाव में क्यों उतरे?
खुद मंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था.. "सीकर में हमारी टीम (संदीप व रजनीश) ने पूरी निष्ठा से कार्य किया है." आज संदीप का नाम करोड़ों के रिश्वतकांड की जांच में सामने आ रहा है. और मंत्री जी के इशारे पर संदीप को छुड़ाने वाले जुगल किशोर स्वयं जेल पहुंच चुके हैं.
पहले छापेमारी, फिर सेटिंग, उगाही, FIR, गिरफ्तारियां और अब कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ स्पष्ट हो चुका है. किरोड़ी जी कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का आप नैतिक अधिकार खो चुके हैं.
अब सफाइयों का नहीं, जवाबदेही का समय है. अगर जरा सी भी नैतिकता बची है तो तत्काल इस्तीफा दीजिए. नहीं तो मुख्यमंत्री जी को बर्खास्त करना चाहिए.
बता दें, इस मामले में किरोड़ी लाल मीणा ने पहले ही कहा है कि उनकी संलिप्तता की बात आती है तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. एसीबी के खुलासे के बाद अब यह सवाल फिर उठने लगा है कि क्या किरोड़ी लाल मीणा इस्तीफा देंगे?
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