विज्ञापन

डंपर से कुचलकर फॉरेस्ट रेंजर की मौत; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब, अवैध खनन का मामला

प्रतापगढ़ में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.

डंपर से कुचलकर फॉरेस्ट रेंजर की मौत; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब, अवैध खनन का मामला
राजस्थान में फॉरेस्ट रेंजर की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
अल्टर्ड बाय NDTV
  • प्रतापगढ़ में डंपर से फॉरेस्ट रेंजर की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का एक्शन
  • राजस्थान सरकार को देना होगा जवाब, SC ने मांगी ATR
  • अवैध खनन मामलों में सख्ती बढ़ाने के संकेत
नई दिल्ली:

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर हुई मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. अदालत ने घटना को गंभीर और अत्यावश्यक मानते हुए राजस्थान सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि अवैध खनन और ऐसे संगठित अपराधों से जुड़े मामलों में निवारक निरोध जैसी सख्त कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी, जबकि राज्य सरकार से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने प्रतापगढ़ में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की मौत से जुड़े मामले पर सुनवाई की. पीठ ने मामले को बेहद गंभीर और तत्काल ध्यान देने योग्य बताते हुए राजस्थान सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित कर दी.

Latest and Breaking News on NDTV

न्यायमित्र ने अदालत के सामने रखा मामला

इस घटना का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता निखिल गोयल ने अदालत के समक्ष किया. वह राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) के रूप में अदालत की सहायता कर रहे हैं. उन्होंने अदालत को बताया कि घटना से संबंधित समाचार रिपोर्ट की प्रति पहले ही राजस्थान सरकार की ओर से पेश हो रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा को उपलब्ध करा दी गई थी.

क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि 21 सितंबर की देर रात प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत ने एक डंपर को रोकने की कोशिश की थी. इसी दौरान डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी और उनकी मोटरसाइकिल समेत काफी दूर तक घसीटता ले गया. घटना में उनकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के पास स्थित एक तालाब के आसपास जेसीबी मशीन से कथित रूप से अवैध मिट्टी की खुदाई की जा रही थी.

अदालत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राज्य के किसी भी हिस्से में हों, ऐसे मामलों में निवारक निरोध जैसी कार्रवाई का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. पीठ ने संकेत दिया कि संगठित अवैध खनन और उससे जुड़े अपराधों पर केवल सामान्य आपराधिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो सकती. अदालत ने राज्य सरकार से इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है.

राजस्थान सरकार ने क्या कहा

राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को बताया कि यह घटना राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य से संबंधित नहीं है और न ही यह अवैध रेत खनन का मामला है. उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) से बातचीत की जा चुकी है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. राज्य सरकार की ओर से विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट अदालत में पेश करने की बात कही गई है.

पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश

अवैध रेत खनन से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट इससे पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दे चुका है. इन निर्देशों में निगरानी तंत्र मजबूत करना, चेकपोस्ट स्थापित करना, अवैध खनन नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी अभियोजन चलाना और मैदानी स्तर पर काम कर रहे वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है.

संगठित खनन माफियाओं पर फोकस

22 जुलाई 2026 को दिए गए अपने एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा था कि संगठित अवैध रेत खनन गिरोहों के सरगनाओं और आदतन अपराधियों के खिलाफ निवारक निरोध की कार्रवाई पर भी विचार किया जाए. अब प्रतापगढ़ की घटना के बाद अदालत ने एक बार फिर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है.

यह भी पढ़ें : रुक जाओ, नहीं तो गोली मार दूंगा; तहसीलदार से बोला रेत माफिया, शिवपुरी में अवैध खनन रोकने गई राजस्व टीम को धमकी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com