Illegal Mining: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध खनन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण बदरवास क्षेत्र में सामने आया है. सिंध नदी के पास शासकीय भूमि पर चल रहे अवैध मिट्टी उत्खनन को रोकने पहुंची राजस्व टीम को न सिर्फ विरोध का सामना करना पड़ा, बल्कि तहसीलदार को खुलेआम जान से मारने की धमकी भी दी गई. आरोप है कि मुख्य आरोपी ने तहसीलदार से कहा कि कार्रवाई रोको, नहीं तो गोली मार दूंगा. घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं. मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा और अवैध खनन माफियाओं की बढ़ती गुंडागर्दी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
अवैध उत्खनन की सूचना पर पहुंची थी राजस्व टीम
जानकारी के अनुसार बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव को सिंध नदी के समीप शासकीय भूमि पर अवैध मिट्टी उत्खनन की सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि के लिए वे राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे. उनके साथ पटवारी, कोटवार और शासकीय वाहन चालक सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे. निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि रेत परिवहन के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से हाइड्रा मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी खोदी जा रही थी.

Illegal Mining: शिवपुरी में तहसीलदार का छापा
वाहन जब्ती की कार्रवाई के दौरान बढ़ा विवाद
राजस्व अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मशीनों और वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की. इसी दौरान वहां मौजूद जयमंडल यादव, उसके पिता लाखन यादव और पुत्र विकुल यादव ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. आरोप है कि तीनों ने राजस्व अमले को घेर लिया और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई. इससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई.
तहसीलदार को दी गोली मारने की धमकी
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार मुख्य आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार सचिन भार्गव को सीधे जान से मारने की धमकी दी. बताया जा रहा है कि आरोपी ने कहा, "रुक जाइए, नहीं तो गोली मार दूंगा, जेल चला जाऊंगा." आरोप है कि उसने अपने बेटे विकुल यादव को घर से बंदूक लाने के लिए भी कहा, जिससे राजस्व टीम पर दबाव बनाया जा सके. घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया.

Illegal Mining: मौके से वाहन को भगाते हुए खनन माफिया
माफिया एक ट्रैक्टर और हाइड्रा लेकर भागे
हंगामे और धमकी के बीच आरोपी मौके से एक हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर फरार होने में सफल रहे. हालांकि राजस्व टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए मिट्टी से भरी एक स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया. बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया.
तीन आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी देखी गई. मामले में कोटवार सुनील कुमार प्रजापति की शिकायत पर बदरवास थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने जयमंडल यादव, लाखन यादव और विकुल यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही खान एवं खनिज अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं. आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, अभद्र व्यवहार करने, धमकी देने और अवैध उत्खनन में शामिल होने के आरोप हैं.
वीडियो साक्ष्य के आधार पर जांच तेज
बदरवास थाना के पुलिसकर्मी नवीन यादव का कहना है कि घटना के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि वीडियो इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकता है. जांच के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.
जल्द गिरफ्तारी का दावा
बदरवास थाना पुलिस के अनुसार मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है. पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक अमले को धमकाने और अवैध खनन जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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