डकैत जगन गुर्जर के शव का आज अंतिम संस्कार पैतृक गांव विभूतिपुरा में किया गया. उसके अंतिम संस्कार में आस पास गांव के करीब 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए. उसके तीनों भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह भी पैरोल पर जेल से बाहर आकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए. पप्पू गुर्जर भी अजमेर के हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. लाल सिंह और पान सिंह धौलपुर के जेल में है. डकैत जगन के बेटे आसाराम ने मुखाग्नि दी.
सुबह पहुंची डेड बॉडी
जगन गुर्जर की डेड बॉडी अजमेर से मंगलवार रात्रि को पोस्टमार्टम के बाद रवाना हुई थी. बुधवार सुबह करीब 6:00 बजे डेड बॉडी गांव विभूतिपुरा जगन के घर पर पहुंच गई. जगन के घर पर सुबह से ही परिजन और रिश्तेदारों समेत भारी तादाद में लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गया. सुबह 9:00 बजे घर से डेड बॉडी को घर से श्मशान घाट के लिए रवाना किया गया. श्मशान घाट में डेड बॉडी को रख दिया गया. करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद पप्पू लाल सिंह और पान सिंह तीनों भाई पहुंच गए. इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया.
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तीनों भाई पैरोल पर पहुंचे
जगन के अंतिम संस्कार में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद भाई पप्पू गुर्जर, धौलपुर जेल में बंद लाल सिंह और पान सिंह भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के मध्य अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे. जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार के समय 5 हजार से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी और जगन गुर्जर जिंदाबाद और अमर रहे के नारे लगाए.

भाई जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने पैरोल पर जेल से बाहर आया पप्पू गुर्जर. (Photo- NDTV)
तीनो भाई जेल रवाना
जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार होने के बाद डकैत पप्पू गुर्जर लाल सिंह और मानसिंह तीनों भाई जेल के लिए रवाना हो गए. डकैत पप्पू गुर्जर कड़ी सुरक्षा के बीच अजमेर के लिए रवाना किया है. लाल सिंह और पान सिंह को धौलपुर जिला कारागार में भेजा गया.
जगन का अध्याय समाप्त
करीब दो दशक तक चंबल की वादियों में खौफ और आतंक का पर्याय रहा डकैत जगन गुर्जर का अध्याय समाप्त हो गया है. हालांकि जगन की हत्या के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर और पुत्र आसाराम गुर्जर में भारी रोष देखा जा रहा है. पप्पू गुर्जर ने कहा भाई जगन गुर्जर की हत्या के पीछे बड़ी साजिश रही है. जिस युवक पर हत्या के आरोप लग रहे हैं, वह जगन के कपड़े साफ करता था. इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
विधायक जसवंत गुर्जर के नहीं हुए शामिल
जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में गुर्जर समाज के लोग धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर, सबलगढ़ एवं राजस्थान के भरतपुर करौली तक के लोग शामिल होने पहुंचे, लेकिन स्थानीय विधायक जसवंत सिंह गुर्जर अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचे. जिसे लेकर गुर्जर समाज के लोगों में काफी चर्चा देखी गई. गुर्जर समाज के लोगों में नाराजगी भी देखी गई है.
जेल में जगन गुर्जर की हत्या
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को हत्या कर दी गई थी. हत्या का आरोप भरतपुर के चर्चित गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु जाट पर लगा है. विष्णु जाट और जगन गुर्जर एक की बैरक में थे. आरोप है कि तौलिये से जगन गुर्जर का गला घोंटकर मार डाला.

भाई जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने पैरोल पर जेल से बाहर आया लाल सिंंह (कमीज में) और पान सिंंह (शर्ट में) . (Photo- NDTV)
जगन गुर्जर के खिलाफ 123 मामले दर्ज
जगन लगभग 20 साल से धौलपुर के डांग और चंबल के बीहड़ों में अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा. उसके खिलाफ 123 मामले दर्ज हैं. राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी अपराध करता था. उसके के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, डकैती, लूट, पुलिस से मुठभेड़ जैसे संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं.
सभी भाई अपराधी
डकैत जगन गुर्जर चार भाई थे, अब तीन बचे. सभी अपराधी हैं. लाल सिंह गुर्जर सबसे बड़ा है. पान सिंह गुर्जर और पप्पू गुर्जर छोटे भाई हैं. पान सिंह गुर्जर और लाल सिंह गुर्जर धौलपुर जेल में है. जगन गुर्जर को कभी भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है. हर बार अपराध करने के बाद पुलिस के सामने सरेंडर किया. 7 फरवरी 2022 को चौथी बार भी उसने सरेंडर ही किया था.
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