राजस्थान के बीकानेर जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ते ने एक किसान को गिरफ्तार किया है. इस किसान पर आरोप है कि उसने एक ऐसे सिम कार्ड को एक्टिव करवाया जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान में एक गैंग ने किया. इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी जिसके बाद जांच की गई और इस किसान को गिरफ्त में लिया गया. उसे भारत के एक मोबाइल फोन के सिम कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए जरूरी वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जयपुर एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) की ओर से की गई.
आईएएनएस से बातचीत करते हुए बज्जू थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) चंद्रवीर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान अनिल कुमार बिश्नोई के रूप में हुई है. वह बज्जू थाना क्षेत्र के गौडू गांव का रहने वाला किसान है. आरोप है कि उसने 17 जुलाई को एक भारतीय सिम कार्ड को सक्रिय करने के लिए ओटीपी साझा किया था. ऐसा समझा जाता है कि इस सिम कार्ड का इस्तेमाल पाकिस्तान में शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े एक व्यक्ति ने किया.
शहजाद भट्टी गैंग के व्यक्ति से संपर्क का आरोप
इस बारे में थानाधिकारी चंद्रवीर सिंह ने कहा, "जांच में पता चला है कि बाद में उस सिम कार्ड को पाकिस्तान में सक्रिय कर इस्तेमाल किया गया. अब तक मिले सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है."
एसएचओ चंद्रवीर सिंह के अनुसार, आरोपी से कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े एक व्यक्ति उज्जैर ने संपर्क किया था. पुलिस का दावा है कि उस व्यक्ति ने किसान को भारतीय सिम कार्ड खरीदने और उसे सक्रिय करने के लिए जरूरी ओटीपी साझा करने के लिए तैयार किया. जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस सिम कार्ड का इस्तेमाल पाकिस्तान में गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया गया हो सकता है. शुरुआती जांच में शहजाद भट्टी गैंग और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संगठनों के बीच संबंध होने के संकेत मिले हैं. इसी वजह से यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा माना जा रहा है.
पूछताछ और जांच जारी
एसएचओ ने बताया कि जयपुर एटीएस द्वारा बीकानेर पुलिस के साथ साझा की गई खुफिया जानकारी के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई. बीकानेर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में बज्जू पुलिस की एक टीम ने ऑपरेशन चलाया और आरोपी को गिरफ्तार किया.
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसान ने पहले भी पाकिस्तान में मौजूद किसी व्यक्ति को भारतीय सिम कार्ड, ओटीपी या कोई अन्य जानकारी साझा की थी. आरोपी से पूछताछ की जा रही है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े सीमा-पार नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.
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