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कभी राहुल को कहा 'टपोरी' तो कभी 1947 की आजादी को 'भीख' बताया... कंगना के बयानों पर कब-कब हुआ बवाल

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर जो बयान दिया है, उस पर बवाल हो रहा है. ये पहली बार नहीं है जब कंगना के किसी बयान पर बवाल हुआ है. कंगना के बयानों पर पहले भी बवाल हो चुका है.

कभी राहुल को कहा 'टपोरी' तो कभी 1947 की आजादी को 'भीख' बताया... कंगना के बयानों पर कब-कब हुआ बवाल
कंगना रनौत के हालिया बयान पर बवाल हो गया है.
IANS
नई दिल्ली:

बीजेपी सांसद कंगना रनौत की बयानबाजी अक्सर विवादों में रही है. कंगना लगातार दो दिन से कॉकरोज जनता पार्टी और इसमें शामिल प्रदर्शनकारियों को लेकर ऐसे बयान दे रही हैं, जिस पर बवाल हो रहा है. एक दिन पहले ही उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर कर प्रदर्शनकारियों के लिए 'गटर जनरेशन' शब्द का इस्तेमाल किया था. अब उन्होंने एक बार फिर सवाल उठाया है कि ये किस तरह के छात्र हैं?

कंगना रनौत ने बुधवार को कहा कि 'हमारे 75 साल के प्रधानमंत्री को और उनकी दिवंगत मां को बेहद भद्दी गालियां दी गईं। हमने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है... लेकिन ये किस तरह के छात्र हैं और कैसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? ये किस तरह से छात्र लगते हैं?...हमने 16 साल की उम्र से ही अपना करियर बनाना शुरू कर दिया था। हम कभी भी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बने...एक समाज के तौर पर यह हमारे लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.'

इससे पहले कंगना ने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक के बाद एक कई स्टोरी शेयर करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान वायरल हुए रील्स और वीडियो की भाषा पर नाराजगी जताते हुए लिखा, 'मैंने अपने जीवन में इतना अटपटा कुछ नहीं देखा, इतना भद्दा कुछ नहीं देखा, इन्हें किसने जन्म दिया, इन्हें कौन पाल-पोस रहा है? ये तो गटर वाली पीढ़ी है. ये लड़कियां तो गृहिणी तक नहीं बन सकती हैं.

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कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों के पालन-पोषण पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी एक जगह पर इतना अटपटा और इतना भद्दा कुछ नहीं देखा. GEN-Z के विरोध प्रदर्शनों की रील्स देखकर मैं हैरान रह गईं और बहुत बुरा भी लग रहा है. क्योंकि जिस तरह की भाषा का यह इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बहुत ही असभ्य है. इन्हें किसने जन्म दिया और पाल-पोस रहा है? मुझे समझ नहीं आता कि लोग इस तरह की सोच और व्यवहार कहां से सीख रहे हैं, हमारा भारत हमेशा से विविधता, सुंदरता, संस्कृति और शालीनता के लिए जाना जाता है. मगर कोई अपमानजनक नामों से पुकारते हैं और उसी तरह का व्यवहार करता तो यह हमारी संस्कृति की गरिमा से बिल्कुल अलग दिखने लगता है.'

कंगना रनौत के इस बयान के बाद सियासी बवाल हो गया है. ये पहली बार नहीं है जब कंगना के किसी बयान को लेकर बवाल हो रहा हो. पहले भी कंगना ने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिन पर सियासी बखेड़ा खड़ा हुआ है.

किसान आंदोलन पर बोली थीं कंगना

26 अगस्त 2024 को एक मीडिया इंटरव्यू में बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व कमजोर होता तो भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी. सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ. प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाई गई. वहां रेप हो रहे थे, लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था. केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले को सही ठहराते हुए कंगना ने कहा कि जब बिल को वापस लिया गया तो सभी उपद्रवी चौंक गए. क्योंकि उनकी प्लानिंग तो बहुत लंबी थी.

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भाजपा को देने पड़ी थी सफाई

बीजेपी ने कंगना के बयान पर कहा था कि, 'बीजेपी उनके बयान से असहमति व्यक्त करती है. पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं.' बीजेपी ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें.''

पार्टी ने आगे कहा था कि 'भारतीय जनता पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए कृत संकल्पित है.'

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Photo Credit: IANS

'1947 में मिली आजादी भीख थी'

11 Nov 2021 को एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए कंगना रनौत ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि भारत को ‘असली आजादी' 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, वहीं 1947 में देश को जो स्वतंत्रता मिली थी वह ‘भीख' में मिली थी.

कंगना के बयान पर भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन सांसद वरुण गांधी समेत कई नेताओं सहित सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

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किसान आंदोलनकारियों पर बयान

दिसंबर 2020 में बीबीसी ने 88 साल की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर का एक वीडियो पोस्ट किया था. महिंदर झुकी हुई कमर के बावजूद झंडा लिए पंजाब के किसानों के साथ मार्च करती नजर आ रही थीं. महिंदर कौर की इस तस्वीर के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तुलना शाहीन बाग प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली बिलकीस दादी से भी की जाने लगी थी.

उस वक्त कंगना रनौत ने बिलकीस और महिंदर कौर दोनों की तस्वीरें एक साथ ट्वीट करते हुए तंज कसते हुए कहा था, 'हा हा. ये वही दादी हैं, जिन्हें टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल किया गया था... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं.'

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की महिला कॉन्स्टेबल ने कंगना के इसी बयान से नाराज होकर थप्पड़ मारा था.

राहुल गांधी को कहा था 'टपोरी'

18 मार्च 2026 को कंगना रनौत ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत ज्यादा असहजता महसूस होती है, क्योंकि एकदम वो जैसे टपोरी की तरह आते हैं. और किसी को भी ऐ तू ऐसे करके तू-तड़ाक करते हैं. ऐसे कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो उनको वो हूटिंग कॉल्स करते हैं.'

कंगना ने कहा था कि राहुल गांधी को अपनी बहन, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के आचरण और व्यवहार को देखना चाहिए, जो बहुत अच्छा है. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी खुद एक शर्मिंदगी का कारण हैं.'

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