- रणथंभौर टाईगर रिजर्व के दुमोदा गांव में तीन साल के बच्चे की लेपर्ड हमले में मौत हो गई थी
- पिछले कुछ समय से आबादी क्षेत्र में लेपर्ड और स्लॉथ भालू के देखे जाने के बाद वन विभाग ने पिंजरे लगाए थे
- एक लेपर्ड के पिंजरे में पकड़े जाने के बाद अब एक भालू भी पकड़ में आया है
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाईगर रिजर्व की फलौदी रेंज के दुमोदा गांव में हाल ही में एक लेपर्ड के हमले में तीन साल के एक मासूम बच्चे की मौत के बाद वन प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वन विभाग ने दुमोदा कैलाशपुरी इलाके में वनकर्मियों की टीमों को तैनात किया है. वहीं गांवों की आबादी क्षेत्र के नजदीक हिंसक वन्यजीवों के मूवमेंट को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं. दो दिन पूर्व जहां वन विभाग के पिंजरे में बच्चे पर हमला करने वाला हमलावर लेपर्ड कैद हुवा था,वहीं अब इसमें एक स्लॉथ भालू (रीछ)कैद हुआ है.
बार-बार नजर आ रहा था रीछ
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि रणथंभौर की फलौदी रेंज के कैलाशपुरी और दुमोदा क्षेत्र में लेपर्ड के साथ पिछले कुछ समय से एक रीछ भी बार-बार आबादी क्षेत्र में आ रहा था. भालू की लगातार आबादी क्षेत्र में मौजूदगी को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा तथा वन्यजीव की सुरक्षा, दोनों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में कई जगहों पर पिंजरे लगाकर विशेष निगरानी एवं रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था. इस कारण एक रीछ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया.
वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए स्लॉथ भालू को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया है. रेस्क्यू की कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि आमजन को किसी प्रकार का खतरा न हो तथा भालू को भी किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे. डीएफओ ने बताया कि वन विभाग द्वारा आबादी क्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार गतिविधि को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है. वन विभाग की प्राथमिकता मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना तथा वन्यजीवों की सुरक्षित निकासी एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है.
जंगल में छोड़ा गया
डीएफओ ने कैलाशपुरी, दुमोदा एवं आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी वन्यजीव की आबादी क्षेत्र में गतिविधि दिखाई दे तो उसके पास जाने, उसे घेरने अथवा भीड़ एकत्र करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें. वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील एवं सुरक्षित व्यवहार अपनाकर मानव एवं वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विभाग का सहयोग करें. वन विभाग आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है.
रीछ का सफल रेस्क्यू करने के बाद उसके स्वास्थ्य की जांच की गई और फिर उसे रणथंभौर के घने जंगलों में छोड़ दिया गया. लेपर्ड के बाद भालू के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.
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