पंजाब सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नशे के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान में योगदान देने वाले ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) और वार्ड रक्षा समिति (डब्ल्यूडीसी) के सदस्यों को सम्मानित किया. सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ जंग केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं बल्कि जनता की भागीदारी से जीती जा सकती है. इसी सोच के तहत राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर सक्रिय स्वयंसेवकों को सम्मान दिया गया.
राष्ट्रीय समारोहों का हिस्सा बनेगा अभियान
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय दिवसों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान को प्रमुख स्थान दिया जाएगा. इसका उद्देश्य लोगों को लगातार जागरूक करना और नशा विरोधी संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है.
जिला से गांव स्तर तक सम्मान कार्यक्रम
राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित किए गए. जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों ने विधानसभा समन्वयकों और उप-समन्वयकों को सम्मानित किया. वहीं उपमंडल स्तर पर एसडीएम ने ब्लॉक समन्वयकों को सम्मान दिया. गांवों में स्कूलों और पंचायतों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सरपंचों और स्थानीय लोगों ने समिति सदस्यों के प्रयासों की सराहना की.

16 से 25 अगस्त तक गांवों में होंगी बैठकें
सरकार ने दो सप्ताह का विशेष अभियान भी शुरू किया है. 16 से 25 अगस्त के बीच हर गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें होंगी. इन बैठकों में नशा तस्करी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की जाएगी. साथ ही पहले दर्ज मामलों पर प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का आकलन किया जाएगा. समितियां नई शिकायतें, सुझाव और स्थानीय फीडबैक भी देंगी.
जिला स्तर पर होगी बड़ी समीक्षा
26 से 29 अगस्त के बीच कैबिनेट मंत्री जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. इनमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न स्तरों के समन्वयकों की भागीदारी होगी. गांवों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

31 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे अंतिम समीक्षा
पूरे अभियान का समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक से होगा. इस दौरान जिलावार प्रगति का आकलन किया जाएगा और अभियान के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी. सरकार का लक्ष्य नशा विरोधी मुहिम को एक स्थायी जनआंदोलन का रूप देना है ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प और मजबूत हो सके.
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