भारत में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई के बीच कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्होंने देश की सीमाओं से बाहर बैठकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क खड़ा किया. दुबई, तुर्किये, कनाडा, नीदरलैंड और अफ्रीकी देशों तक फैले इन नेटवर्कों ने हजारों करोड़ रुपये के ड्रग कारोबार को अंजाम देने की कोशिश की. हाल के वर्षों में एनसीबी, ईडी, एनआईए और अन्य एजेंसियों की जांच में वीरेंद्र सिंह बसोया, मोहम्मद सलीम डोला, संदीप धुनिया और पवन ठाकुर जैसे कई कथित मास्टरमाइंड सामने आए हैं. इनमें कुछ को भारत लाया जा चुका है जबकि कई अब भी एजेंसियों के निशाने पर हैं. ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत भारत अब उन बड़े ड्रग सरगनाओं तक पहुंच रहा है, जो विदेशों में बैठकर देश में नशे का नेटवर्क चला रहे थे.
1. वीरेंद्र सिंह बसोया — ₹13,000 करोड़ के ड्रग केस का आरोपी
वीरेंद्र सिंह बसोया को भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का बड़ा किंगपिन मानती हैं. वह लंबे समय से दुबई में रहकर ड्रग नेटवर्क चलाने के आरोपों में एजेंसियों के रडार पर था. NCB के मुताबिक वह पुणे के करीब ₹6,000 करोड़ के ड्रग केस में आरोपी है और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. उसे 14 अगस्त 2026 को UAE से भारत वापस लाया गया. एजेंसियों के मुताबिक बसोया का संबंध सिंगापुर-दुबई और भारत से जुड़े ड्रग नेटवर्क से रहा है. वह ₹13,000 करोड़ के दिल्ली ड्रग केस के मुख्य आरोपी बताए गए संदीप धुनिया का करीबी भी बताया जाता है.

ड्रग्स माफिया वीरेंद्र सिंह बसोया
2. मोहम्मद सलीम डोला — दाऊद नेटवर्क का कथित ड्रग ऑपरेटर
मोहम्मद सलीम डोला को भारतीय एजेंसियां दाऊद इब्राहिम का करीबी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर बताती हैं. वह कई सालों से भारत से फरार था और तुर्किये में छिपकर नेटवर्क चला रहा था. NCB ने अप्रैल 2026 में उसे तुर्किये से भारत वापस लाया. एजेंसियों के अनुसार डोला मेफेड्रोन यानी ‘म्याऊं-म्याऊं' ड्रग की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का प्रमुख व्यक्ति था. उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में ड्रग निर्माण और तस्करी से जुड़े मामले हैं. जांच में उसका नाम मीराभायंदर, मैसूर, सांगली, करजत और तेलंगाना में सामने आए नेटवर्क से जुड़ा है. जून 2026 में ED ने उसके कथित ड्रग-मनी नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की.
3. संदीप धुनिया — ₹13,000 करोड़ की दिल्ली ड्रग जांच का मुख्य आरोपी
संदीप धुनिया का नाम दिल्ली में सामने आए करीब ₹13,000 करोड़ के ड्रग नेटवर्क की जांच में प्रमुखता से सामने आया. एजेंसियों के मुताबिक वह विदेश में रहकर भारत में ड्रग सप्लाई नेटवर्क को चला रहा है. धुनिया के बारे में रिपोर्ट है कि वह दुबई से पाकिस्तान चला गया, जिसके बाद भारतीय एजेंसियों की नजर उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर है. 2026 में शुरू किए गए Operation Global-Hunt के तहत वह उन प्रमुख विदेश-स्थित आरोपियों में शामिल है, जिन्हें भारत वापस लाने के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं. उसका नाम वीरेंद्र बसोया से भी जुड़ा है और बसोया को उसका करीबी सहयोगी बताया गया है. इस नेटवर्क की जांच में भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन की जानकारी सामने आई है.

संदीप धुनिया
4. पवन ठाकुर — ₹2,500 करोड़ के कोकीन नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड
पवन ठाकुर को दिल्ली में पकड़े गए करीब ₹2,500 करोड़ के कोकीन नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक नवंबर 2024 में दिल्ली में करीब 82 किलो हाई-ग्रेड कोकीन बरामद हुई थी, जिसकी कीमत लगभग ₹2,500 करोड़ आंकी गई. आरोप है कि इस नेटवर्क की सप्लाई चेन भारत के एक बंदरगाह से दिल्ली तक पहुंची थी. ठाकुर दुबई से नेटवर्क को चलाने और ड्रग्स के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग के लिए हवाला और क्रिप्टो चैनलों का इस्तेमाल करने के आरोपों में जांच के घेरे में आया. NCB ने उसके खिलाफ इंटरपोल का पहला Silver Notice हासिल किया था. ED ने कथित नेटवर्क से जुड़े 118 म्यूल बैंक खातों को फ्रीज किया था.

कोकीन नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड पवन ठाकुर
5. जसविंदर सिंह उर्फ जैज — समुद्री रास्ते से 500 किलो हेरोइन का आरोप
पंजाब से जुड़े जसविंदर सिंह उर्फ ‘जैज' का नाम Operation Global-Hunt के तहत विदेश में मौजूद बड़े ड्रग आरोपियों में सामने आया है. एजेंसियों के मुताबिक वह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का किंगपिन और उस पर समुद्री रास्ते से करीब 500 किलो हेरोइन की तस्करी का आरोप है. उसका नेटवर्क पंजाब और विदेशों के बीच ड्रग सप्लाई से जुड़ा बताया गया है. सूत्रों के मुताबिकजैज और सनी कालरा को दुबई पुलिस ने हिरासत में लिया था. भारतीय एजेंसियों का फोकस ऐसे नेटवर्क पर है जो समुद्री मार्ग से भारत में बड़ी मात्रा में हेरोइन और दूसरे सिंथेटिक ड्रग्स पहुंचाते हैं.

6. सनी कालरा — नीदरलैंड से MDMA सप्लाई का कथित सरगना
सनी कालरा का नाम भी भारतीय एजेंसियों की अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी संबंधी जांच में सामने आया है. उसे नीदरलैंड से भारत और अन्य देशों में MDMA की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का कथित सरगना बताया गया है. Operation Global-Hunt के तहत विदेशी धरती से चलाये जा रहे ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान उसका नाम प्रमुखता से सामने आया. रिपोर्टों के मुताबिक सनी कालरा को दुबई पुलिस ने हिरासत में लिया था. उसके नेटवर्क पर आरोप है कि यूरोप से सिंथेटिक ड्रग्स की खेपों को भारत सहित दूसरे बाजारों तक पहुंचाया जाता था. भारतीय एजेंसियां ऐसे मामलों में केवल ड्रग बरामदगी ही नहीं बल्कि सप्लायर, फाइनेंसर, हवाला ऑपरेटर और विदेश में मौजूद मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर जोर दे रही हैं.

7. समीट सिंह हकीमजादा- दुबई से ड्रग और कथित टेरर फंडिंग
जसमीट सिंह हकीमजादा का नाम पंजाब के ड्रग नेटवर्क और कथित आतंकी फंडिंग की जांच में सामने आया है. NIA की जांच के मुताबिक वह दुबई आधारित कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है और हरमीत सिंह उर्फ PhD से उसके संबंध बताए गए. जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि ड्रग्स से हासिल रकम हवाला चैनलों के जरिए भारत से दुबई भेजी जाती थी और उसका इस्तेमाल प्रतिबंधित Khalistan Liberation Force की गतिविधियों को फंड करने में किया जाता था. NIA ने 2021 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. 2023 में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने दुबई पुलिस की मदद से उसके ठिकाने का पता लगाया था. इस मामले में ड्रग तस्करी और नार्को-टेरर के कनेक्शन की जांच महत्वपूर्ण है.

जसमीट सिंह हकीमजादा
8. परमजीत सिंह धालीवाल — कनाडा से जुड़ा पुराना NCB का वांटेड
परमजीत सिंह धालीवाल का नाम NCB की वांटेड लिस्ट में लंबे समय से रहा है. NCB के अनुसार एक ड्रग तस्करी मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था और उसे जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस जारी किए गए, लेकिन वह भारत में उपस्थित नहीं हुआ. एजेंसी के मुताबिक वह NRI था और कनाडा चला गया था. 2026 में Operation Global-Hunt के तहत विदेश में मौजूद भारतीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े पुराने आरोपियों को पकड़ने की रणनीति के संदर्भ में ऐसे नाम फिर चर्चा में आए हैं.
धालीवाल के मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय एजेंसियां केवल नए ड्रग सिंडिकेट पर ही नहीं, बल्कि सालों से विदेश में फरार आरोपियों पर भी कार्रवाई तेज कर रही हैं.

विक्की गोस्वामी
9. विक्की गोस्वामी — अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पुराना चर्चित नाम
विक्की गोस्वामी भारत के सबसे चर्चित अंतरराष्ट्रीय ड्रग आरोपियों में से एक रहा है. उसका नाम 2016 के करीब 20 टन एफेड्रिन बरामदगी मामले में सामने आया था. जांच एजेंसियों का आरोप था कि यह केमिकल अवैध रूप से मेथामफेटामाइन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था और गोस्वामी इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रमुख व्यक्ति था. अमेरिकी DEA ने भी उस समय उसके खिलाफ हेरोइन आयात की साजिश से जुड़ी जांच की पुष्टि की थी. रिपोर्टों के मुताबिक वह अफ्रीका, दुबई और दूसरे देशों में ड्रग कारोबार से जुड़ा रहा. दक्षिण अफ्रीका में उसे मंड्रैक्स तस्करी के मामले में सजा भी हुई थी. हालांकि उसके खिलाफ अलग-अलग देशों और मामलों की कानूनी स्थिति अलग रही है.

इकबाल मिर्ची
10. इकबाल मिर्ची- दाऊद का करीबी और पुराना ड्रग माफिया
इकबाल मोहम्मद मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची भारत के सबसे कुख्यात पुराने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों में गिना जाता है. वह दाऊद इब्राहिम के करीबी के तौर पर जाना जाता था और मुंबई से निकलकर विदेश में बैठकर ड्रग तस्करी, वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क चलाने के आरोपों में रहा. ED की जांच के मुताबिक ड्रग तस्करी से हासिल अपराध की रकम का इस्तेमाल भारत और विदेशों में संपत्तियां खरीदने में किया गया. मिर्ची की 2013 में ब्रिटेन में मौत हो गई थी, इसलिए उसके खिलाफ मौजूदा गिरफ्तारी संभव नहीं है. लेकिन उसके परिवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून के तहत कार्रवाई जारी है. मई 2026 में ED ने मिर्ची से जुड़ी करीब ₹700 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं.
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