
जांच में अलग-अलग बैंक शाखाओं के 35 ATM कार्ड व 25,000 से अधिक की नकदी मिली
गोपेश्वर:
पहाड़ी क्षेत्रों के जिलों में लम्बे समय से ATM कार्ड बदलकर ठगी के मामले सामने आ रहे थे। इसी कड़ी में ATM ठगी से संबंधित एक मुकदमा थाना गोपेश्वर में मई माह में दर्ज किया गया था। इस मामले में उस समय पुलिस अधीक्षक चमोली श्रीमती प्रीति प्रियदर्शिनी ने क्षेत्राधिकारी चमोली व थानाध्यक्ष गोपेश्वर कविन्द्र शर्मा को इस तरह के संदिग्धों के प्रति सचेत रहते हुए प्रभावशाली आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में दिनांक 11 जुलाई को पोखरी बैंड पर रुटीन चैकिंग के दौरान एक स्विफ्ट कार (HR- 99XMTP-8970) में 5 संदिग्ध व्यक्ति पाए गए, जिनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को हरियाणा का रहने वाला बताया। उनकी जांच की गई तो अलग-अलग बैंक शाखाओं के 35 ATM कार्ड व 25,000 से अधिक की नकदी मिली।
कड़ी पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि हमारा पेशा ही लोगों के ATM कार्ड बदलकर उनसे ठगी व धोखाधड़ी करना है। ठगों ने विगत माह में थाना गोपेश्वर में दर्ज मुकदमे में खुद की संलिप्तता होनी भी स्वीकार की। साथ ही इनके खिलाफ जिले के अन्य थानों में भी लाखों रुपयों की धोखाधड़ी के 4-5 मामले दर्ज हैं।
ठगों ने ऐसी घटनाओं को अन्य पहाड़ी जिलों में भी अंजाम दिए जाने की बात स्वीकार की है। इन सभी की उम्र 23-31 साल के बीच है। इस ठगी के खुलासे से स्थानीय जनता, प्रबुद्ध वर्ग और मीडिया ने पुलिस की सराहना की और खुशी प्रकट की। भविष्य में भी इसी प्रकार जिले की पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व से प्रभावी कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है। उक्त गिरोह का पर्दाफाश करने व मामले के सफल निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नकद 2500/- रुपये रिवार्ड दिए जाने की घोषणा की।
इसी क्रम में दिनांक 11 जुलाई को पोखरी बैंड पर रुटीन चैकिंग के दौरान एक स्विफ्ट कार (HR- 99XMTP-8970) में 5 संदिग्ध व्यक्ति पाए गए, जिनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को हरियाणा का रहने वाला बताया। उनकी जांच की गई तो अलग-अलग बैंक शाखाओं के 35 ATM कार्ड व 25,000 से अधिक की नकदी मिली।
कड़ी पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि हमारा पेशा ही लोगों के ATM कार्ड बदलकर उनसे ठगी व धोखाधड़ी करना है। ठगों ने विगत माह में थाना गोपेश्वर में दर्ज मुकदमे में खुद की संलिप्तता होनी भी स्वीकार की। साथ ही इनके खिलाफ जिले के अन्य थानों में भी लाखों रुपयों की धोखाधड़ी के 4-5 मामले दर्ज हैं।
ठगों ने ऐसी घटनाओं को अन्य पहाड़ी जिलों में भी अंजाम दिए जाने की बात स्वीकार की है। इन सभी की उम्र 23-31 साल के बीच है। इस ठगी के खुलासे से स्थानीय जनता, प्रबुद्ध वर्ग और मीडिया ने पुलिस की सराहना की और खुशी प्रकट की। भविष्य में भी इसी प्रकार जिले की पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व से प्रभावी कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है। उक्त गिरोह का पर्दाफाश करने व मामले के सफल निस्तारण के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नकद 2500/- रुपये रिवार्ड दिए जाने की घोषणा की।