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नितेश राणे की बढ़ी मुश्किलें, 250 रुपये टोल न देने पर मारपीट करने के मामले में गोवा कोर्ट से वारट जांरी

अगली सुनवाई 6 जुलाई को है। अब नितेश राणे को खुद गोवा की म्हापसा कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और जमानत लेनी होगी.

नितेश राणे की बढ़ी मुश्किलें, 250 रुपये टोल न देने पर मारपीट करने के मामले में गोवा कोर्ट से वारट जांरी
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के खिलाफ गोवा के म्हापसा कोर्ट ने 13 साल पुराने केस में जमानती वारंट जारी कर दिया है.
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महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास और मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गोवा के Mapusa court ने एक पुराने तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में लगातार सुनवाई से गैरहाजिर रहने पर नितेश राणे के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है. अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि नितेश राणे को अगली सुनवाई, यानी सोमवार 6 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा.

क्या है पूरा मामला?

यह घटना करीब 13 साल पुरानी है. 3 दिसंबर 2013 को जब नितेश राणे 'स्वाभिमान संगठन' चलाते थे, तब तत्कालीन गोवा सरकार ने दूसरे राज्यों से गोवा में प्रवेश करने वाले चार पहिया और भारी वाहनों पर प्रवेश शुल्क लागू किया था. धारगल, पर्नम में एक टोल बूथ बनाया गया था, जहां प्रति वाहन 250 रुपये वसूले जा रहे थे.

घटना वाले दिन नितेश राणे सिंधुदुर्ग के सावंतवाड़ी से गोवा के कलंगुट स्थित अपने होटल जा रहे थे. उनके साथ समर्थकों का एक बड़ा काफिला था. धारगल टोल नाके पर जब कर्मचारियों ने उनसे 250 रुपये का शुल्क मांगा तो राणे और उनके समर्थकों की कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक हो गई.

कर्मचारियों को पीटा, टोल पर की तोड़फोड़

विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने टोल कर्मचारियों की कथित तौर पर पिटाई कर दी और टोल बूथ में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की. घटना के बाद जब सभी लोग कलंगुट चले गए तो पर्नम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नितेश राणे और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया था.

इस मामले में पर्नम पुलिस ने मामला दर्ज कर म्हापसा कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी. इस केस में कुल 9 आरोपी हैं, जिनमें नितेश राणे मुख्य आरोपी हैं.

गैर हाजिर रहने पर कोर्ट ने जारी किया वारटं

सुनवाई के दौरान मामले के अन्य सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद थे, लेकिन महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे सरकारी व्यस्तता या अन्य कारणों से बार-बार सुनवाई से गायब रहे. उनकी इसी लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए म्हापसा कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है.

शनिवार को म्हापसा कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, लेकिन इस दौरान नितेश राणे अदालत में पेश नहीं हुए. उनकी इस गैरमौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ यह कदम उठाया है.

मामले के अन्य सभी संदिग्ध आरोपी, जिनमें राहुल परब, मुकुंद परब, हरिश्चंद्र परब, राकेश परब, प्रशांत मालकर, विनम्र आचरेकर, सागर पाटिल और संतोष राउत शामिल हैं, सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद थे.

अदालत ने अब इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 6 जुलाई तय की है. जमानती वारंट जारी होने के कारण मंत्री नितेश राणे को 6 जुलाई को गोवा की म्हापसा कोर्ट में खुद पेश होना पड़ेगा और अपनी जमानत अर्जी मंजूर करवानी होगी. संभावना जताई जा रही है कि कल नितेश राणे कोर्ट में पेश हो सकते हैं.

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