- पुणे की सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर मंगेतर केतन को लोहागढ़ किले से खाई में धक्का दे दिया
- जांच में पता चला कि सिया और चेतन ने नवंबर 2025 से बातचीत शुरू की और सात महीनों में दो हजार से अधिक कॉल की थीं
- केतन की हत्या के समय चेतन किले पर मौजूद था और सीसीटीवी फुटेज में उसने हुडी पहनकर अपनी पहचान छिपाई थी
पुणे की सिया ने बॉयफ्रेंड चेतन के लिए मंगेतर केतन को लोहागढ़ किले से खाई में धक्का देकर मार दिया. इस साजिश से जुड़ी कुछ एक्सक्लूसिव जानकारी सामने आई है. सिया गोयल सिया और चेतन चौधरी ने नवंबर 2025 से बात करना शुरू किया था. दोनों ने सात महीनों में एक दूसरे को कुल 2,004 फोन कॉल किए थे. उनके बीच 238 घंटे की कॉल हिस्ट्री मिली है. ये जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है.
दोनों आरोपियों के बीच कुल 238 घंटे की कॉल हिस्ट्री से ये साबित होता है कि केतन अग्रवाल से सगाई होने के बावजूद सिया लगातार बॉयफ्रेंड चेतन के संपर्क में थी. जांच में ये भी पता चला है कि यह समानांतर रोमांटिक रिश्ता नवंबर 2025 में शुरू हुआ था, जब दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे.
केतन की हत्या मामले में बड़ा खुलासा
सिया ने जब चेतन को 350 फुट गहरी खाई में धक्का दिया उस समय चेतन चौधरी लोहागढ़ किले में मौजूद था. वह 20 से 30 फीट नजदीक खड़े होकर सिया और केतन की हर एक गतिविधि पर नजर रखे हुए था. जांच टीमों को मामले से जुड़ा अहम CCTV फुटेज मिला है, जिसमें चेतन एक खास हुडी पहने दिख रहा है. उसने इस हुड़ी से अपनी पहचान छिपाई थी. वह किले के रास्तों पर केतन और सिया का पीछा कर रहा था.
केतन के पिता ने कहा कि सिया के परिवार के साथ उनके 35 से 40 साल पुराने करीबी रिश्ते थे. आरोप है कि सिया के परिवार ने शादी पक्की करने के लिए बेटी के अफेयर की बात छिपाई थी. सिया की हत्या की पहली कोशिश 14 जून को नाकाम हो गई थी. जब सिया ने केतन को किले पर धक्का दिया लेकिन उस दिन तो पहाड़ी की ढलान पर एक झाड़ी को पकड़े से उसकी जान बच गई. उस पर शक न हो इसलिए उसने ध्यान भटकाने के लिए नकली सांप दिखने की बात कहकर शोर मचाया और डरे हुए केतन को गले लगा लिया.
सिया का प्लान C क्या था?
केस फाइलों से पता चला है कि दोनों ने 19 जून को सिया के 20वें जन्मदिन के लिए हत्या का एक बैकअप प्लान यानी प्लान C भी तैयार किया था. अगर सिया का 18 जून वाला प्लान फेल हो जाता तो उसने केतन को महाबलेश्वर में मारने की योजना बनाई थी.
परिवार को कैसे हुआ सिया पर शक?
बहन के एक शक से केतन अग्रवाल की मौत का राज खुल गया. 18 जून को जह केतन लोहागढ़ किले से नीचे गिरा तो शुरुआत में इसे एक हादसा मानकर लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर लिया. केतन के अंतिम संस्कार के बाद भी उसकी बहन के मन में घटना को लेकर कई सवाल थे. घटना के चार दिन बाद सिया गोयल सांत्वना देने अग्रवाल परिवार के पास पहुंची. इस दौरान केतन की बहन ने सिया से लोहागढ़ की घटना को लेकर विस्तार से सवाल पूछे.
केतन और सिया तीन बार 31 मई, 14 जून और 18 जून को लोहागढ़ में ट्रेकिंग के लिए गए थे. सिया के जवाबों में विसंगति और टालमटोल दिखने से बहन का शक और गहरा हो गया. उसने अपना शक परिवार को बताया, जिसके बाद मामला दोबारा पुलिस के पास पहुंचा.
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिली नई दिशा
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सबूतों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की. जांच के दौरान सीसीटीवी में एक युवक की संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं, जिससे जांच को नई दिशा मिली. पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली. जिसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को हिरासत में लिया.
पूछताछ में दोनों के गोलमोल जवाब देने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और जांच तेज कर दी. जांच में यह साफ होने लगा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि साजिश रचकर की गई हत्या थी. 23 जून को पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल है?
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