मॉनसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है. एमपी, छत्तीसगढ़, बिहार-झारखंड के बाद अब मॉनसून उत्तर प्रदेश का रुख करने वाला है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, मुंबई के बाद 24 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों के साथ महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों और छत्तीसगढ़ और झारखंड के बाकी बचे क्षेत्रों को कवर कर लेगा. अगले 2-3 दिनों में मॉनसून के उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात एकदम अनुकूल हैं. मॉनसून की बारिश 4-5 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकती है.
मध्य भारत से आगे बढ़ रहा मॉनसून
मॉनसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों को कवर कर चुका है. उत्तर प्रदेश का मौसम भी बदलने वाला है. मॉनसून सीजन आने से मुंबई, रायगढ़, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी जैसे महाराष्ट्र के जिलों में भारी बारिश हो रही है. बारिश के लिए यहां तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट है. मॉनसून दस्तक देने के 24 घंटे में ही मुंबई में रिकॉर्ड बारिश हुई है. वहीं पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27-28 जून को भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी है.

मॉनसून के 23 दिन कम बारिश
केरल में 4 जून को आने के बाद मॉनसून करीब एक हफ्ते तक ठिठका रहा और अब यह दोबारा आगे बढ़ रहा है. बुधवार को ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट में भारत मौसम विभाग ने कहा कि मॉनसून अब उत्तर भारत की ओर रुख कर रहा है. जून के आखिरी हफ्ते में यह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों तक पहुंच जाएगा. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी यह जून के अंत या 1-2 जुलाई तक पहुंच सकता है. मॉनसून की दोबारा सक्रियता से देश के कई हिस्सों में मॉनसून बारिश की कमी की भरपाई भी होने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में सबसे कम बारिश दर्ज
मौसम भवन के मुताबिक, देश में 1 से 23 जून के बीच औसत से 42 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. आमतौर पर इन 23 दिनों के बीच देश में औसतन 113 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड होती है.लेकिन इस साल जून के 23 दिनों तक सिर्फ 65.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.मॉनसून की बारिश में सबसे ज्यादा कमी मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हुई है. जून के 23 दिनों में यहां औसत से 64% कम बरसात हुई है. पूर्वोत्तर के राज्यों और उत्तर पूर्वी भारत में औसत से 40% कम बारिश हुई है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में बारिश की कमी 26 फीसदी रही है.

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सरकार का 315 जिलों के लिए इमरजेंसी प्लान
सरकार ने 315 जिलों में मॉनसून के कमजोर रहने की संभावना को देखते हुए आपात प्लान तैयार की है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अल नीनो के असर को लेकर बढ़ती आशंका के बीच राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की.कृषि मंत्रालय के अनुसार, मानसून सामान्य से काफी देरी से चल रहा है. लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. 2 जुलाई तक के सप्ताह में भी बारिश कमजोर रहने की संभावना है. इसका खरीफ की फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है. खेती के लिए मॉनसून पर निर्भर जिलों में इसका बुरा असर हो सकता है.
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