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पुणे रेप मर्डर केस: 'हमें सांत्वना नहीं, न्याय चाहिए, नेता फोटो खिंचवाने न आएं', पीड़िता के पिता की भावुक अपील

Pune Rape and Murder Case: पुणे जिले के एक गांव में चार साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला सामने आया है, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है. इस बीच मनोज जरांगे पाटिल आज शाम 4 बजे पीड़ित परिवार से मिलेंगे. वहीं विधायक रोहित पवार और राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी भी परिवार से मुलाकात कर सांत्वना देंगे.

पुणे रेप मर्डर केस: 'हमें सांत्वना नहीं, न्याय चाहिए, नेता फोटो खिंचवाने न आएं', पीड़िता के पिता की भावुक अपील
(फाइल फोटो)

Pune Child Rape and Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे के नसरापुर इलाके में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. लगभग 28 घंटे के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया. बच्ची के साथ हुई इस अमानवीय वारदात के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने सख्त कार्रवाई की मांग की. तो वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए नेताओं का दौरा शुरू हो चुका है.आज मनोज जरांगे और रोहित पवार पीड़ित परिवार से मिलेंगे. हालांकि इस बीच पीड़ित पिता ने कड़ा और भावुक रुख अपनाया है.

आज परिवार से मिलेंगे मनोज जरांगे और रोहित पवार

मनोज जरांगे पाटिल शहागड से नसरापूर के लिए रवाना हो चुके हैं और शाम 4 बजे पीड़ित परिवार से मिलेंगे. वहीं विधायक रोहित पवार और राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी ने भी परिवार से मुलाकात कर सांत्वना देने का कार्यक्रम रखा.

'हमें सांत्वना नहीं, न्याय चाहिए'

पीड़ित पिता ने साफ शब्दों में कहा, 'जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलता, तब तक कोई भी राजनीतिक व्यक्ति हमारे घर न आए. नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और अपनी राजनीति साधते हैं. हमें सांत्वना नहीं, न्याय चाहिए.'

पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा कि कई राजनेता सांत्वना देने या मिलने के लिए आ रहे हैं. मेरी और मेरे परिवार की एक ही इच्छा है कि जब तक मेरी बच्ची को उचित न्याय नहीं मिल जाता और उस दरिंदे को फांसी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी राजनेता हमारे घर हमसे मिलने न आए. यह मेरी विनम्र विनती है. जब उस दरिंदे को फांसी हो जाएगी, तभी हम राजनेताओं या अन्य लोगों से मिलेंगे. जब तक उसे फांसी नहीं होती, तब तक कोई भी राजनेता हमारे घर सांत्वना देने न आए, यही मेरी विनम्र विनती है... धन्यवाद.

शरद पवार गुट विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा, 'आरोपी को जल्द फांसी मिले और शक्ति कानून लागू किया जाए. उन्होंने 'शक्ति कानून' के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि परिवार की मांग है कि जिस व्यक्ति ने यह कृत्य किया है, उसे जल्द से जल्द फांसी की सजा मिलनी चाहिए. पीड़ित परिवार ने एक अच्छा वकील उपलब्ध कराने की मांग की है. परिवार की ओर से कोई भी आर्थिक मांग नहीं की गई है.

उन्होंने आगे कहा कि बाल अधिकार आयोग ने इस घटना का संज्ञान लिया है, लेकिन महिला आयोग ने अभी तक इस पर ध्यान नहीं दिया है. भले ही अध्यक्ष का पद खाली हो, फिर भी आयोग को दखल देना चाहिए था. महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर मीरा बोरवणकर की नियुक्ति की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला आयोग में किसी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं होना चाहिए.

'शक्ति कानून' लाने की मांग

रोहित पवार ने कहा कि लोग भावनात्मक रूप से आहत हैं, इसी वजह से यह आंदोलन हुआ है. सुनेत्रा पवार ने यहां आकर मुख्यमंत्री से बात करवाई है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले का फैसला 14 दिनों के भीतर किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा में पारित 'शक्ति कानून' को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए और सरकार को इसके लिए प्रयास करने चाहिए. शक्ति कानून लागू करने के लिए सरकार को विशेष अधिवेशन बुलाना चाहिए, जिसे विपक्ष अपना पूरा समर्थन देगा.

क्या है 'शक्ति कानून'?

शक्ति कानून दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड सहित अत्यंत कठोर सजा का प्रावधान करता है. इस कानून के तहत मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करने का लक्ष्य है, ताकि पीड़ित को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े. विपक्ष ने मांग की है कि इस कानून को पूर्ण रूप से लागू करने और इसकी बारीकियों पर चर्चा के लिए सरकार को विधानसभा का एक विशेष अधिवेशन बुलाना चाहिए.

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