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महाराष्ट्र: पालघर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 2 लोगों की मौत, चार घायल

महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह धमाका केमिकल्स को मिक्स करते हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री शेड ढह गया.

महाराष्ट्र: पालघर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 2 लोगों की मौत, चार घायल
पालघर की पटाखा फैक्ट्री में जानलेवा ब्लास्ट
  • पालघर जिले के वाडा तहसील के कोणसई गांव में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ जिससे दो लोगों की मौत
  • विस्फोट के कारण चार लोग घायल हुए हैं जिनकी हालत गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है
  • धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक मजदूर के शव के परखच्चे उड़कर लगभग तीन सौ फीट दूर जा गिरे
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देशभर की पटाखा फैक्ट्रियों में जानलेवा धमाके रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं. तमिलनाडु के बाद अब महाराष्ट्र के पालघर में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत की खबर आई है. वहीं पुलिस के मुताबिक चार घायल है. ये हादसा महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तहसील के कोणसई गांव में की पटाखा फैक्ट्री में हुआ. जानकारी के अनुसार, जब फैक्ट्री में उत्पादन का काम चल रहा था, तभी अचानक पटाखों के बारूद में जोरदार धमाका हो गया.

धमाके में शरीर के कई टुकड़े, 300 मीटर दूर गिरा शव

विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूर का शरीर कई हिस्सों में बिखरा और शव धमाके की तीव्रता के कारण लगभग 300 फीट दूर जा गिरा. घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है. इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां होने के बावजूद यहां अग्निशमन दल की कोई व्यवस्था नहीं है. इस अभाव के कारण स्थानीय निवासियों और कामगारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. 

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पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट पर अधिकारी ने क्या कुछ बताया 

नागरिक आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि यह धमाका दोपहर करीब 12 बजे वाडा तालुका के कोंसाई गांव में एक पुराने फ़ार्महाउस के टिन शेड में चल रही एक अस्थायी पटाखा बनाने वाली यूनिट में हुआ. उन्होंने बताया कि उस समय 35 मज़दूर, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं थीं, "ट्विन बम" (धागे से बंधे पटाखे) बनाने का काम कर रहे थे. वाडा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, "धमाका तब हुआ जब केमिकल मिलाने का काम चल रहा था; इसमें एक मज़दूर की मौके पर ही मौत हो गई और एक महिला 90 फ़ीसदी तक जल गई." जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई.

मृतकों में कौन-कौन शामिल

चार अन्य मज़दूरों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत वाडा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने बताया कि उनमें से कुछ को बाद में बेहतर इलाज के लिए भिवंडी उप-ज़िला अस्पताल और एक अन्य अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया. अधिकारी ने बताया, "बचाव कार्यों की देखरेख के लिए दमकल विभाग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गए. धमाके के बाद लगी आग को दमकल कर्मियों ने तेज़ी से बुझा दिया." अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान भावेश दिलीप वावरे (35) और मोनिका सचिन पाडवले (30) के रूप में हुई है. घायलों में मोनिका महेंद्र जाधव (30), जागृति जगदीश गावटे (27), प्रतिभा प्रताप पवार (30) और मोनिका मोहन वर्दी (25) शामिल हैं.

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(पीटीआई इनपुट्स के साथ)

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