- केतन हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है. चेतन और सिया के बीच ठीक 34 मिनट पहले आखिरी कॉल थी
- सिया और चेतन ने पहले बात की थी उसके बाद लोहागढ़ किले से केतन को धक्का दिया था. बातचीत के बाद ही अंजाम दिया था.
- चेतन और सिया ने हत्या से पहले लोहागढ़ किले पर पहुंचकर केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस भी की थी. फिर धक्का दिया
केतन हत्याकांड मामले में पुणे पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है. टेक्निकल सर्विलांस टीम ने आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल हैंडसेट की गहन फॉरेंसिक जांच के बाद इस पूरी साजिश का सबसे बड़ा डिजिटल सबूत खोज निकाला है. कॉल डेटा रिकॉर्ड्स के मुताबिक 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धकेले जाने से ठीक 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस आखिरी कॉल के दौरान ही सिया ने किले के उस खास व्यू-पॉइंट पर केतन की सटीक लोकेशन और वहां आस-पास पर्यटकों की मौजूदगी न होने का फाइनल सिग्नल चेतन को दिया था. जिसके बाद दोनों ने केतन की हत्या को अंजाम दिया था.
चेतन-सिया की चेट से हुआ खुलासा
पुलिस ने आरोपियों के फोन से डिलीट किए जा चुके व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट्स को रिकवर करने के लिए गांधीनगर स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की मदद ली है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अपने-अपने फोन से करीब 3 महीने का पूरा चैट बैकअप और वॉयस नोट्स डिलीट कर दिए थे. ताकि पुलिस को मर्डर के पीछे की क्रिमिनल प्लानिंग का सुराग न मिल सके. पुलिस अब दोनों के डिलीटेड डेटा, लोकेशन लॉग्ज और आखिरी कॉल के समय के इंटरनेट आईपी एड्रेस का मिलान कर रही है ताकि कोर्ट में इसे प्री-प्लान्ड मर्डर की धारा के तहत अकाट्य सबूत के तौर पर पेश किया जा सके.

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सिया-चेतन ने की थी क्राइम रिहर्सल
केतन अग्रवाल मर्डर केस की कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुणे ग्रामीण पुलिस ने डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर एक और खुलासा किया है. जिसमें पाया गया कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इस मर्डर को अंजाम देने के लिए मई के आखिरी में ही पूरी रूपरेखा तय कर ली थी और वे पिछले कई हफ्तों से मर्डर की रिहर्सल कर रहे थे. 18 जून को वारदात को अंजाम देने से ठीक 4 दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया जबरन केतन को लोहागढ़ किले के उसी खतरनाक ट्रेक पर ले गई थी. जहां से उसे धक्का दिया था. पुलिस सूत्रो की थ्योरी के मुताबिक, 14 जून को सिया ने केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने की पहली कोशिश की थी, लेकिन केतन ने सूझबूझ दिखाते हुए एक झाड़ी को पकड़ लिया और अपनी जान बचा ली थी.

दूसरे प्लान में हुई केतन की हत्या
इस नाकाम कोशिश के बाद सिया ने तुरंत केतन को गले लगा लिया था और कहानी बनाई कि वहां एक सांप था, जिसके डर से उसका हाथ लग गया था.पहला प्लान फेल होने के बाद आरोपियों ने तय किया कि अगली बार चेतन चौधरी खुद मौके पर शारीरिक रूप से मौजूद रहेगा, ताकि केतन के बचने की कोई गुंजाइश न रहे. वारदात वाले दिन आरोपी चेतन ने पकड़े जाने के डर से बेहद शातिर तरीका अपनाया था, जहां उसने अपना निजी मोबाइल फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था और लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए अपने एक कर्मचारी का फोन साथ लेकर आया था.
चेतन-सिया के सामने हुआ सीन रिक्रिएशन
पुणे पुलिस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है. रविवार को पुलिस ने चेतन और सिया के सामने केतन मर्डर केस का क्राइम सीन रिक्रिएशन किया है. ताकि अदालत के सामने पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य रखे जा सकें. पुलिस मामले में लगातार जांच में जुटी है. इससे पहले सिया से लगातार 12 घंटे तक पूछताछ की थी. जबकि सिया के भाई से भी पुलिस ने 10 घंटे तक पूछताछ की है. जिसमें कुछ अहम जानकारियां पुलिस को मिली हैं. जो केस में आगे मददगार साबित हो सकती हैं.
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