- नवी मुंबई के वाशी इलाके में फर्जी डॉक्टर संतोष पाश्ते ने 21 वर्षीय युवती का इलाज किया, जिसकी मौत हो गई.
- युवती को पीरियड्स की अनियमितता थी, जिसके लिए आरोपी ने इंजेक्शन देकर इलाज करने का दावा किया.
- युवती की हालत बिगड़ने पर उसे वाशी के पीकेसी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित वाशी इलाके से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां लोगों का इलाज करने वाले एक फर्जी डॉक्टर की वजह से 21 साल की युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी है. वाशी पुलिस ने इस मामले में 30 साल के आरोपी संतोष पाश्ते को गिरफ्तार किया है. अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक युवती को पीरियड्स में अनियमितता की समस्या थी. इसी दौरान आरोपी ने खुद को डॉक्टर बताकर उसका इलाज शुरू किया. आरोपी ने युवती को नस के जरिए एमेसेट इंजेक्शन और डायनापार इंजेक्शन दिया.
अस्पताल में युवती की मौत
इलाज के कुछ ही समय बाद युवती की तबीयत बिगड़ने लगी और शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत वाशी स्थित पीकेसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद युवती के परिवार ने वाशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी कोई डॉक्टर नहीं है और उसने सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई की है. इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा था.
कितने लोगों का किया इलाज, पता लगाएगी पुलिस
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिकांत चांदेकर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले और कितने लोगों का इलाज किया था और क्या ऐसे और भी पीड़ित हैं.
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