विज्ञापन

मुंबई में पानी की किल्लत! सिर्फ 1.5 महीने का स्टॉक बचा, अंधेरी, चेंबूर समेत इन इलाकों में हाहाकार

मुंबई के घनी आबादी वाले कई इलाके गर्मी की दोहरी मार झेल रहे हैं. तेज तरफ तेज पारा और दूसरी तरफ पानी की कटौती. हालांकि आज से बारिश शुरू हो गई है, तो जल्द हालात सुधरने की उम्मीद है.

मुंबई में पानी की किल्लत! सिर्फ 1.5 महीने का स्टॉक बचा, अंधेरी, चेंबूर समेत इन इलाकों में हाहाकार
मुंबई के कई इलाकों में पानी का संकट (फाइल फोटो)
मुंबई:

भीषण गर्मी के बीच मुंबई के लोग पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं.अंधेरी, घाटकोपर, चेंबूर, कुर्ला, गोवंडी, साकी नाका, मानखुर्द, वडाला और परेल जैसे घनी आबादी वाले इलाकों का बुरा हाल है. एक तरफ जब BMC ने पूरे मुंबई में पानी की कटौती कर दी है तो ऐसे में पानी आए कहां से, ये बड़ा सवाल है. पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. दरअसल बीएमसी ने 15 मई से 10 प्रतिशत की अनिवार्य पानी कटौती पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र, सभी म्युनिसिपल वार्डों, हाउसिंग सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लागू की थी. 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं मुंबई करों को पूरा पानी कब मिलेगा ये कोई नहीं जानता.

मुंबई में कब बंद होगी पानी की कटौती?

बीएमसी का पानी की कटौती वाला आदेश तब तक जारी रहेगा जब तक मुंबई में मानसून की भारी बारिश आने से सातों झीलों का जलस्तर सुधर नहीं जाता. हालांकि इस बीच राहत भरी खबर यह है कि मुंबई के कई इलाकों में बुधवार को झमाझम बारिश हो रही है. बीएमसी के मुख्य जल वितरण नेटवर्क से जुड़े होने की वजह से 10 प्रतिशत की कटौती सीधे तौर पर मुंबई से सटे ठाणे नगर निगम (TMC), भिवंडी-निजामपुर नगर निगम और उन सभी आस-पास के ग्रामीण इलाकों में भी लागू की गई है जो बीएमसी से पानी लेते हैं.

अंधेरी, घाटकोपर, चेंबूर समेत इन इलाकों में पानी की किल्लत

कम दबाव यानी लो प्रेशर आपूर्ति की वजह से मुंबई के ऊंचाई पर बसे इलाकों और मुख्य पाइपलाइन के आखिरी छोर पर बसी बस्तियां और सोसायटियां पानी की कटौती से सबसे ज्यादा परेशान हैं. पानी की कम और अनियमित सप्लाई से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले मुख्य हॉटस्पॉट इलाकों में अंधेरी, घाटकोपर, चेंबूर, कुर्ला, गोवंडी, साकी नाका, मानखुर्द, वडाला और परेल जैसे घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं. 

पानी चुराने वालों पर बीएमसी का एक्शन

 जल संकट के दौरान समान दबाव बनाए रखने के लिए, बीएमसी के फ्लाइंग स्क्वाड मुख्य लाइनों से अवैध इलेक्ट्रिक सक्शन और बूस्टर पंपों के जरिए पानी चुराने वालों पर छापेमारी कर उन्हें सीधे जब्त कर रहे हैं. भीषण गर्मी में पानी की भारी किल्लत के बीच मुंबईकर अब प्राइवेट वाटर टैंकरों पर निर्भर हो रहे हैं. टैंकरों की बढ़ती कीमतों और मनमानी को रोकने के लिए बीएमसी फिलिंग पॉइंट्स पर कड़ा पहरा दे रही है. 

सातों झीलों में बचा सिर्फ 45 दिन का पानी

मुंबई की सातों झीलों में सिर्फ 15 फीसदी यानी 2.21 लाख क्यूसेक पानी का स्टॉक ही बचा है. बीएमसी का कहना है कि इस स्टॉक से सिर्फ 45 दिन तक ही पानी की सप्लाई हो सकती है. मुंबई में अगर तेज बारिश नहीं हुई तो पानी का संकट अगले साल भी बना रह सकता है. 

मुंबईकर ऐसे बचा रहे पानी की एक-एक बूंद

मुंबई के लोग पानी बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं. एक-एक बूंद को ज्यादा समय तक चलाने के लिए लोगों को घरों में शॉवर की जगह बाल्टी से नहाने और पाइप से गाड़ियां धोने के बजाय केवल गीले कपड़े से पोछने जैसी सख्त वॉटर-डिसिप्लिन को अपनाने के निर्देश दिए गए है. वहीं मुंबई की बड़ी हाउसिंग सोसायटियां छतों की टंकियों को ओवरफ्लो होने से रोकने के लिए ऑटोमैटिक सेंसर लगा रही हैं. साथ ही वॉशिंग मशीन को केवल फुल लोड पर चलाकर इस 45 दिनों के सीमित बैकअप में सर्वाइव करने का प्रयास कर रही हैं. 

ये भी पढ़ें-महानदी किनारे प्यासा गांव! नाले में गड्ढा खोदकर पानी पी रहे ग्रामीण, बूंद-बूंद के लिए मोहताज 120 परिवार 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com